प्रियंका आंटी और गाड़ी में चुदाई Car sex stories hindi

प्रियंका आंटी और गाड़ी में चुदाई Car sex stories hindi

ये बात पिछले महीने की है । मेरा परिवार पटना से ही है और वहीं रहता है लेकिन मैं नौकरी के चलते दिल्ली रहता हूँ । इस बार घर आया तो पता नहीं था कि मेरे साथ एक ऐसी घटना हो जाएगी जिसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा । मैं एक दिन घर में बैठा हुआ था तभी मेरे दरवाज़े की घंटी बजी । दरवाज़ा खोला तो देखा कि एक हॉट लड़की दरवाज़े पर खड़ी थी । उसने ऊपर टी-शर्ट और नीचे पजामा पहना हुआ था । लेकिन लगा कि मैं उसे कुछ खास पसंद नहीं आया । मैंने पूछा – जी आप कौन ?  उसने जवाब दिया – मैं आपके पड़ोस में रहती हूं, आंटी नहीं है क्या, वैसे आपको पहली बार देख रही हूं । मैनें कहा – हाँ मैं यहाँ नहीं रहता, कल ही लौटा हूं । कहिए – उसने कहा मेरा नाम प्रियंका आंटी है और मैं चाबियां लेने आयी हूं । मैनें कहा – यहाँ तो अभी कोई चाबी नहीं है ।

उसने कहा – नहीं, आंटी के पास है, वो अक्सर चाबियां अपने पास रखती हैं ।

मैनें कहा – मम्मी घर पर नहीं है, रुको ज़रा मैं देख लेता हूं । मुझे चाबी मिल गई और मैं फौरन दरवाज़े की तरफ बढ़ा । चाबी देने लगा तो प्रियंका आंटी का हाथ मेरे हाथों से टकराया । मेरे हाथों की छुअन उसे अजीब लगी क्योंकि मैनें उसके हाथों को न सिर्फ छुआ बल्कि दबाया भी था । वो मुझे थैंक्स कहकर चली गयी । अब प्रियंका आंटी से मिलना रोज़ की बात हो गई थी, कभी सीढ़ियों पर मिल जाती थी, कभी छत पर दिख जाती तो कभी नीचे घुमते हुए मिलना हो जाता था । उसे देखकर लगता था कि उसका कोई बॉयफ्रैंड नहीं है । वो किसी से बात नहीं करती । लेकिन मैं ऐसी लड़कियों को बहुत अच्छे से जानता था ।

इन्हें मर्दों से दूर रहकर अकेले चूत में उंगली करना पसंद होता है

ये उसी को चरमसुख समझती हैं लेकिन मुझे भी किसी न किसी को चोदना ही था क्योंकि पटना आए हुए काफी दिन हो चुके थे और मैनें अभी तक किसी को नहीं चोदा था । प्रियंका आंटी एकदम सही लड़की थी, वो जितना मुझसे दूर भागती मैं किसी न किसी बहाने से उसके नज़दीक आने की कोशिश करता रहता । प्रियंका आंटी दिखने में बुरी नहीं थी । हाँ थोड़ी पतली थी लेकिन उसकी गांड पूरी तरह भरी हुई थी और चूचे पूरी तरह उभरे हुए थे । वो अक्सर सूट पहनती थी और सूट में उसके चूचे और उसकी गांड पूरी तरह शेप में रहती थी । लेकिन मेरा मकसद उससे दोस्ती करना था । एक दिन मेरी बिल्डिंग में किसी की शादी थी और पूरी ब्लिडिंग वालों को बुलाया गया था । ये मौका सही था क्योंकि शादी दूर थी और अगर प्रियंका आंटी आयगी तो उसके लिए वापस आना आसान नहीं होगा । फिर कुछ चांस है और ऐसा ही हुआ, प्रियंका आंटी ने शादी मे जाने के लिए कैब बुक की हुई थी । Car sex stories hindi

उसके मम्मी-पापा को किसी दूसरे काम के चलते शहर से बाहर जाना पड़ा और

अपने घर से वो अकेली ही शादी में जा रही थी । मैनें उठाई अपनी गाड़ी और मैं जा ही रहा था कि मैनें देखा कि प्रियंका आंटी कैब का इंतजार कर रही है, मैनें गाड़ी रोककर पूछा – हाय, आप नीचे वाली अंटी के बेटे की शादी में जा रही हो ? प्रियंका आंटी ने कहा – हाँ, तो मैनें देर नहीं की और फौरन पूछा – तो आ जाओ, मैं भी वही जा रहा हूं । मेरी कैब आ रही है – ऐसा कहकर उसने मना कर दिया । मैनें कहा – देखो दूर जाना है..आप अकेले हो । आपका पैसा बच जाएगा और आना-जाना भी हो जाएगा । ऐसा सुनकर वो थोड़ी रुकी और उसने कैब कैंसिल कर दी । मैं जो चाहता था वो हो गया । अब मैं ये मौका नहीं छोड़ना चाहता था और इसलिए मैनें गाड़ी में रोमांटिक गाने चलाने शुरु कर दिए । प्रियंका आंटी ने कहा – रोमांटिक मूड पसंद है आपको ?

मैने कहा – दुनिया में रोमांस के अलावा और क्या रखा है । इसके बाद वह थोड़ा शरमा गई लेकिन मैं चुपचाप रहा और उनता ही जवाब दिया जितना उसने पूछा । क्योंकि मेरी पहली कोशिश थी कि वो मुझपर भरोसा करने लग जाए और दूसरा ये कि वो मुझे पसंद करे, इसलिए मैनें उसकी तारीफ भी नहीं की । आंटी ने साड़ी पहनी हुई थी

जिसमें छोटा सा ब्लाउज़ था जो आँटी के चूचे उनके ब्लाउज से बाहर को आ रहे थे ।

आंटी ने सारी का टुप्पटा सा उसके ऊपर डाला हुआ था लेकिन आंटी के चूचे छुपाए नहीं छूप रहे थे । मन किया कि अभी दबा दूं और चूचों को चूस-चूस कर सारा दूध पी जाऊँ लेकिन इस सब के लिए मुझे पहले आंटी का भरोसा जीतना था । आंटी की नाभी गोरी थी और आंटी ने साड़ी को बहुत नीचे पहना हुआ था। गाड़ी चलाते-चलाते ऐसा कईं बार हुआ कि मेरा लंड खड़ा हो गया ।

हम शादी वाली जगह पर पहुंच गए । लड़की वालों ने अच्छा इंतज़ाम किया था और साथ में शराब का भी जुगाड़ था । मैनें और आंटी ने साथ में ही खाना खाया और फिर मैं दारु पीने चला गया । आंटी भी मेरे पीछे काउंटर पर आ गई और दारु पीने लगी । आंटी ने पूछा – तुम्हें अजीब नहीं लगा कि मै पी रही हूं । मैनें कहा – इसमें अजीब क्या है, मुझे पता था । आंटी ने पूछा – कैसे ? मैनें कहा – आपकी आंखे बहुत नशीली हैं इसलिए । आंटी हल्का सा मुस्काराई और बोली – नोटी बॉय । Car sex stories hindi

फिर हम थोड़ी देर वहीं बैठ रहे और उसके बाद गाड़ी में बैठकर वापस आने लगे । वापस आते हुए मैनें फिर से रोमांटिक गाने चलाने शुरु कर दिए । हम आधे रास्ते पर पहुंच गए थे और अब हाइवे आने वाला था तभी आंटी ने मेरी जांघ पर अपना हाथ रख दिया । मैनें एकदम से गाड़ी रोक दी । मैनें कहा – सब ठीक है ?

आंटी ने कहा – एक बात बता, मैं तूझे अच्छी लगती हूं न ?

मैं समझ गया कि मौका मिल गया – मैनें कहा – बहुत ।

आंटी ने कहा – क्या अच्छा लगता है ?

मैनें कहा – आपके ये रसभरे चूचे और मैनें आंटी के चूचों को बाहर ब्लाउज से हाथ लगाकर थोड़ा दबा दिया ।

आंटी ने कहा – चूसना चाहता है ?

मैनें कहा – मैनें चूसता नहीं, पी जाता हूं ।

आंटी ने कहा – लेकिन एक शर्त है, चूत भी चाटनी पडेगी फिर ?

मेरे लिए तो जैसे वासना के सारे दरवाज़े खुल चुके थे । मैनें आंटी के ब्लाउजका हुक खोलकर उसे ढीला कर दिया और चूचों को दबाने लगा । दूसरे ओर आंटी के होठों को अपने होठों से रगड़ने का सिलसिला चला पड़ा था । आंटी मुझे ऐसे चूम रही थी जैसे खा जाना चाहती हो ।

प्रियंका आंटी और गाड़ी में चुदाई Car sex stories hindi
Copright given to outdoor mature
आंटी की आह…….आह……जैसी सिसकियाँ

मुझे बेचैन कर रही थी और मैं भी मदहोश हो रहा था । मैनें आंटी का ब्लाउज पूरा खोल दिया और मैं ब्रा के अंदर हाथ डालकर आंटी के निप्पल उंगली से दबाने लगा । आंटी बस आह..आह…आउच बोल रही थी । तभी मैनें गाड़ी की सीट पीछे की और पैंट खोल दी और आंटी को लंड पर बैठा दिया । अब मैं हर तरह से आंटी को चूस रहा था । होठ, चूचे और नाभी । वहीं दूसरी और आंटी को झटके भी बराबर मिल रहे थे । आंटी ने कईं वक्त के बाद जवान लंड अंदर लिया था इसलिए शुरुआत में आई….आउच चिल्ला रही थी लेकिन एक बार जब मैनें लगातार झटके देकर चोदना शुरु किया तो आंटी को मज़ा आने लगा और आंटी मुझे पागलों की तरह चूमने लगी । कुछ देर के आंटी की चूत गीली हो गई और तब आंटी मेरे जिस्म को काटने लगी । अब आंटी का पानी निकलना शुरु हो गया था इसिलिए वो पूरी तरह मदहोश हो गई थी । आंटी ने कहा – मुझे घोड़ी बनाकर चोद सकता है ? मैं पूरे जोश में था, Car sex stories hindi

मैनें आंटी की गांड में थप्पड़ मारा और आंटी को घोड़ी बनाकर चोदना शुरु कर दिया ।

आ….आ…..आंटी की चींखें निकलनी शुरु हो गई । मैनें लगातर पच-पच थक्के देकर आंटी को चोदना जारी रखा । थोड़ी देर में आंटी ने अपनी चूत मेरे सामने खोलकर रख दी । मैनें जीब से आंटी की चूत चाटनी शुरु कर दी । आंटी को चरमसुख का मज़ा आ गया और मेरे लिए पड़ोस में चूत मारने के दरवाज़े अब खुल चूके थे ।

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