पत्रकार की गिरफ्तारी पर टीवी चैनल का वबाल ?

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पत्रकार की गिरफ्तारी पर टीवी चैनल का वबाल ?
पत्रकार की गिरफ्तारी पर टीवी चैनल का वबाल ?

पत्रकार की गिरफ्तारी पर टीवी चैनल का वबाल ? आज के इस वक्त में किसी पत्रकार का गिरफ्तार हो जाना आम बात नहीं है । पहले बहुत आम बात होती थी, कोई पत्रकार किसी नेता की विफल नीतियों के बारे में लिखता था तो नेता बुरा मान जाता था और पत्रकार को कईं तरह से परेशान करता था ।

उस समय पत्रकार का बहुत सम्मान भी हुआ करता था क्योंकि गली-गली और मोहल्ले जाकर पत्रकार खबर लाता था और उसकी खबर के साथ पूरी तरह सच्चाई जुड़ी होती थी ।

लेकिन आज के इस दौर में खबरें होती नहीं हैं, बल्कि बनाई जाती है ।

अब खबरों में इतनी वैरायटी है कि पहचान पाना मुश्किल है कि कौन सी खबर सही है और कौन सी गलत । कौन सा चैनल या अखबार सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है । आज सुबह ही एक खबर आई की देश के एक प्रतिष्ठित चैनल के एक बड़े एंकर के घर जाकर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन देखने वाली बात ये नहीं हुई कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया या नहीं,

बल्कि मुद्दा ये हुआ कि उस चैनल ने अपना असली काम छोड़कर पूरे दिन पुलिस को कोसने में लगा दिया और वो अपने पत्रकार को सच्चा और हरीशचंद्र बताने में जुट गया । कमाल की बात है न, चैनल के ज़रिए दुनिया की पोल खोलने वाला और दुनिया पर कीचड़ उछालने वाले चैनल पर जब खुद ज़रा सी आंच आई तो वो बौखला गया ।

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क्या है मामला ?

पत्रकार की गिरफ्तारी पर टीवी चैनल का वबाल ? दरअसल मामला बहुत सीधा है, देश में खुद को नंबर 1 कहने वाला जी न्यूज चैनल का प्राइम टाइम शो – DNA में एक एंकर की तरफ से ये दावा किया गया कि राहुल गांधी उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो हालिया घटना में मौजूद थे । इतना ही नहीं, वीडियो काटकर राहुल गांधी की एक क्लिप भी चलाई गई लेकिन जब पड़ताल की गई तो पता चला कि वो वीडियो क्लिप गलत थी । पत्रकार की गिरफ्तारी पर टीवी चैनल का वबाल ?

राहुल गांधी के दफ्तर पर कुछ रोज़ पहले कुछ लोगों ने हंगामा और तोड़फोड़ की थी,

उसपर राहुल गांधी ने उन्हें बच्चा कहा था लेकिन उस वीडियो को यहाँ चिपकाकर ये चैनल और एंकर जनता के सामने झूठ परोस रहे थे, बस होना क्या था, जब कांग्रेस के लोगों को ये पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत कर दी और पुलिस ने एंकर के घर जाकर उसे गुमराह करने की धारा के तहत गिरफ्तार कर लिया । लेकिन चैनल ये बात कहीं नहीं कबूल कर रहा । मीडिया चौथा स्तंभ ज़रूर है

लेकिन वहीं मीडिया को ये बात भी ध्यान रखनी चाहिए कि देश बहुत विश्वास करके उनका चैनल देखता है और अगर वो इस तरह की झूठी खबरें चलाएंगे तो जनता का भरोसा उनपर से भी उठ जाएगा । इसलिए आप जब भी न्यूज़ देखें, तो पूरे भरोसे से न देखें क्योंकि हो सकता है जो दिखाया जा रहा हो वो झूठ हो और उसका कोई तथ्य न हो। 

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