girl sex stories अधूरी प्सास (Adhoree pyaas) Part 6

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श्रेया को अब चुदने का चस्का लग चुका था वो न चाहते हुए भी चुदना चाहती थी और उन लोगों से वो बार-बार चुदना चाहती थी जिन्होंने उसे याद रखने वाले झटकों के साथ चोदा था । वो मानों मदहोशी में डूबती जा रही थी । उसने रात में उन लड़कों को फोन करना शुरु किया जिनका लंड उसे दिए झटकों की याद दिलाता था । वो उन लड़कों से दोबारा चुदना चाहती थी जो झटके भी दे और बौछारों के साथ उसका पानी निकाल दे ।

वो बस किसी के लंड को मसलना चाहती थी, उसकी इच्छाएं और वासना की आग उसपर दिनभर दिन हावी होती जा रही थी और उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे । लड़कों ने उसे रिप्लाई करना बंद कर दिया था और यह सब देखकर वो प्यासी और बेचैन हो उठी थी । तभी उसके मामा उसके घर आए और मामा के साथ उनका लड़का शशांक भी उनके साथ आया हुआ था । मामा शशांक को कुछ महिनों के लिए यहां उसकी पढ़ाई के लिए यहाँ छोड़ने आए थे । (150)

शशांक की उम्र सिर्फ 20 साल थी लेकिन वो पढ़ाई में होशियार था

अब वो श्रेया के साथ उसी घर में रहने लगा था । श्रेया से 7 साल छोटा होने की वजह से वह अक्सर घर में बात नहीं करता था और लड़का होना उसे कुछ हद तक परेशान भी करता था । लेकिन उसने एक कमरे को ही अपनी दुनिया बना ली थी । लेकिन श्रेया जिस आग में जल रही थी, उसे कुछ गलत या सही नहीं लग रहा था । श्रेया घरवालों से झिपकर बाथरुम या कमरे में मुठ मारती थी ।

एक दिन में कम से कम दो बार वो उन लड़कों के नाम की मुठ मार रही थी जिन्होनें उसे चोदा था । उसके पास उन पलों की तस्वीरें और वीडियो भी थी, वो उन्हें देखकर बस पागल सी हो जाती थी और चुत में उंगली देकर लड़कों के नाम की मुठ मार रही थी । एक दिन रात का शशांक देर तक पढ़ाई कर रहा था, तभी उसे बाथरुम आई और वो बाथरुम की ओर बढ़ा ।

तभी उसे आह…आह….आई मां……आ………ऐसी आवाज़ें सुनाई दी

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ऐसा नहीं था कि वो कुछ जानता नहीं था, उसने श्रेया के हाव-भाव देख लिए थे क्योंकि वो पिछले कुछ महिनों से उस घर में रह रहा था लेकिन घर का सदस्य न होने और छोटा होने की वजह से कभी उसने ध्यान नहीं दिया । लेकिन था तो वो भी लड़का ही, वो इतना छोटा भी नहीं था कि कुछ समझ न सके । वो आ…आ… की आवाज़ की ओर बढ़ा । उसने दाएं-बाएं देखा कोई दिख नहीं रहा था तो उसने फौरन दरवाज़े के चाबी वाले छेद से देखना शुरु किया । उसने जो अंदर देखा, उसे देखकर उसका लंड जवान हो गया और खड़ा का खड़ा रह गया । श्रेया नंगी लेटी पड़ी थी और उसने एक हाथ अपने चूचों को दबाने के लिए रखा था और एक हाथ चुत में दिया हुआ था । वो बार-बार चुत वाली ऊंगली को जीब से चाट रही थी और वहीं ऊंगली फिर से चूत में दे रही थी । शशांक श्रेया का जिस्म देखकर पागल हो रहा था ।girl sex stories

उसने देखा श्रेया के बाल घुंघराले थे और उसके चूचे गोल और मोटे थे । उन चूचों पर निप्पल बाहर को निकल रहे थे जिन्हें श्रेया ज़ोर से मसल रही थी और दर्द होने पर चिल्ला रही थी । चूचों को दबाने से चूचे एकदम टाइट हो रहे थे । श्रेया की नाभी के नीचे तिल था, शशांक उस तिल को चूमना चाहता था लेकिन मजबूर था ।

शशांक ने देखा कि श्रेया की चूत गोरी-गोरी थी,

उसने बाल पूरी तरह साफ किए हुए थे जिससे उसकी चूत कोमल और मुलायम हो चूकी थी । तभी श्रेया की चूत से पानी निकलना शुरु हुआ और श्रेया टेबल से लगकर खड़ी हो गई लेकिन उसने चूत मसलना जारी रखा । थोड़ी देर में श्रेया की चूत से बेहिसाब पानी निकलना शुरु हो गया और वो आ…..ओ माय गॉड बोलने लगी । girl sex stories

शशांक अपने लंड को मसलने लगा था क्योंकि उसका लंड भी अब गीला हो चुका था । वो फौरन अपने कमरे की ओर गया और बिस्तर पर लेट गया । आज शशांक ने जो देखा वो उसने कभी नहीं देखा था, उसकी आंखों में चमक आ गई थी और वो पूरी तरह श्रेया के बदन पर फिसल चूका था । उसने जो देखा उसे याद करके लंड मसलने लगा । लंड मसलते-मसलते कुछ ही देर में उसने श्रेया के नाम की मुठ मार ली ।

अब वो रोज़ देर तक जागता और रात में 1 से 2 के बीच श्रेया के कमरे में दरवाजे के छेद से अंदर देखता । ये सिलसिला कुछ 1 हफ्ते तक यूं ही चलता रहा । एक दिन श्रेया के घरवाले बाहर गए हुए थे और रात तक लौटकर आने वाले थे । शशांक पूरी तरह भूल चुका था कि श्रेया उसकी बड़ी बहन है और श्रेया जिस रास्ते पर थी वहाँ भी सही और गलत समझना बेकार था । शशांक श्रेया के पास गया और उनसे पूछा – फूफा जी कब तक आएंगे ?

श्रेया ने जवाब दिया –

रात तक । शशांक बोल पड़ा – आजकल नींद नहीं आती, पतानहीं क्या हो गया है, बस सपने आते रहते हैं ?

श्रेया ने पूछा – सपने ? किसके सपने ?

 शशांक – आपके ।

श्रेया – क्या, मेरे ? मैं क्यों ?

शशांक – पता नहीं लेकिन सपना अच्छा नहीं होता, हमेशा बूरा होता है ।

श्रेया – बुरा, क्यों ऐसा क्यों कह रहे हो ?

शशांक – बता दूंगा तो आप बूरा मान जाओगे

श्रेया – नहीं मानूंगी, बोलो खुलकर

शशांक – सपने में मैं और आप लेटे हुए हैं और मैं आपको चूम रहा हूं ।

श्रेया – हा..हा…हा .. इतनी सी बात

श्रेया हंस तो रही थी लेकिन उसके अंदर जल रही आग यह सब सुनकर भड़क गई थी, वो शशांक को बोली – क्या चूमते हो, मेरे होंठ ?

शशांक – नहीं, आपकी चूत

श्रेया समझ चूकी थी कि शशांक पूरी तरह उसके कब्ज़े में आ चुका है और वो अपनी आग को उसके ज़रिए बुझा सकती है । श्रेया ने कहा – सिर्फ चूत ?

शशांक – नहीं, चूचे और आपके होंठ ।

श्रेया ने फौरन शशांक को अपनी ओर खींचा और उसके होठों को रगड़ना शुरु कर दिया ।

शशांक के लिए यह सब एकदम नया था इसलिए उसका झड़ना शुरु हो चुका था क्योंकि उसने आज तक सिर्फ मुठ ही मारी थी ।

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शशांक ने भी श्रेया को चूमना शुरु कर दिया, होठों को पूरी तरह रगड़ने के बाद शशांक श्रेया के कानों को काटने लगा और धीरे-धीरे उसे गले में चूमने लगा ।

श्रेया बहुत दिनों के बाद यह सब महसूस कर रही थी । उसे यह तो पता था कि शशांक को करना नहीं आता लेकिन वो इसके लिए भी तैयार थी । श्रेया ने फौरन ब्रा खोल दी और शशांक का मुंह अपने निप्पल पर डाल दिया । शशांक निप्पल को काटने लगा । जितना दर्द और चसक श्रेया को आती वो मदहोश हो जाती । शशांक ने चूचों को दबाना और चूसना शुरु कर दिया । चूसते-चूसते उसने श्रेया की जांघों को चाटना शुरु कर दिया और उसकी पैंटी खींचना शुरु कर दिया । श्रेया – यह क्या कर रहे हो, थोड़ा आराम से करो । girl sex stories

लेकिन अब शशांक को कुछ समझ नहीं आ रहा था । उसने श्रेया की पैंटी फाड़ दी और सीधा अपने जीब को उसकी चूत में लगा दिया और चू…..चू….की आवाज़ से चूसने लगा । श्रेया दीवनी हो गई और शशांक को बालों से खींचकर चूत को रगड़वाने लगी । तभी शशांक ने अपनी पैंट खोली और श्रेया की चूत में अपना सरिए की तरह तपता लंड डाल दिया और उसे लेटाकर चोदने लगा । इन झटकों से श्रेया मज़ा तो आ रहा था लेकिन वो उन लड़कों के झटकों को भूल नहीं पा रही थी जिन्होने उसे झटकों के साथ कभी न भूला पाने वाला दर्द और उसकी चसक भी दी थी । girl sex stories

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