Ayurvedic Treatment For Piles & Fistulas बवासीर, भगंदर का आयुर्वेदिक इलाज

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Ayurvedic Treatment For Piles & Fistulas दोस्तों, बवासीर और भगंदर से ज़्यादा फर्क नहीं है, दोनों ही मल द्धार से संबंधित रोग हैं और दोनों ही पीड़ा देने वाले हैं । हमारे देश में अगर ये रोग किसी को हो जाए तो पहले कुछ महिनों या साल भर तक तो वो किसी को कुछ बताता ही नहीं है और जब समस्या गंभीर हो जाती है तो इलाज शुरू करता है लेकिन तब तक स्थिति बिगड़ जाती है जबकि इसका बिना ऑपरेशन आयुर्वेदिक विधि से इलाज संभव है । इस लेख में हम आपको बवासीर और भगंदर दोनों को बिना ऑपरेशन ठीक करने के तरीके और नुस्खे बताएंगे । लेख को अंतिम तक पढ़िए और दूसरे लोगों को भी जानकारी दीजिए ।

Ayurvedic Treatment For Piles & Fistulas

क्या है बवासीर होने के कारण ?

  • लंबे समय तक कब्ज़ या पेट साफ न होना 
  • मल त्याग करते समय ज़ोर लगाने के कारण
  • घंटो देर तक खड़े रहने से 
  • गुदा मैथुन (पीछे से संभोग करने से )

kya क्या है बवासीर होने के लक्षण ?

  • गुदा के आस-पास गांठ जैसी महसूस होना 
  • शौच के बाद पेट साफ न होना
  • Saaf शौच करते समय खून आना
  • शौच करते समय दर्द होना
  • गुदा के आसपास खुजली या सूजन
  • बार-बार मल त्याग की इच्छा लेकिन मल का न निकलना 

kyu or क्या है आसान घरेलु आयुर्वेदिक नुस्खे ?

  • बवासीर से छुटकारा पाने के लिए रोज़ सुबह खाली पेट बेल पत्र के 3 से 4 पत्ते चबाइए । 
  • त्रिफला पाउडर के साथ 100 ग्राम बकायन और 100 ग्राम नीम कि निंबोली मिलाकर पाउडर बना लें और फिर इसका सेवन करें ।
  • हल्दी का कड़वी तोरई में मिक्चर बनाकर लेप तैयार कर लें और मस्सों पर लगाएँ और अगर नीम का तेल मिलाकर लगाएं तो और लाभ होगा ।
  • रोज़ाना अरंडी का तेल पिएं और 2 से 5 ग्राम छोटी हरड़ के चूर्ण का सेवन करें ।
  • नीम के तेल को मस्सों पर नियमित तौर पर लगाएं और हो सके तो 3 से 4 बूंदे नीम की पी लें ।
  • काला नमक और जीरा डालकर छाछ पिएं, बहुत राहत मिलेगी ।
  • नीम के बीज की गिरी को लेकर गुड़ के साथ रोज़ाना सुबह खाली पेट 7 दिन तक चबाकर खाएँ ।

अगर दर्द ज़्यादा हो तो फौरन आराम के लिए क्या खाएं ?

  • पपीता
  • गुनगुने दूध के साथ रोज़ाना 1 चम्मच अरंडी का तेल
  • छाछ का सेवन
  • ईसबगोल
  • गुनगुने पानी के साथ हरीतकी चूर्ण

एलोवेरा जैल और हल्दी का पेस्ट करेगा बवासीर दूर 

दोस्तों, आपको करना ये है कि थोड़े से एलोवेरा जैल में 1 चम्मच हल्दी पाउडर मिला लें और रात में जब सोने लगें तो अपनी गुदा पर बवासीर वाली जगह पर इस लेप को लगाएँ । आपको लगातार 2 हफ्तों तक ऐसा करना है । बवासीर धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी ।

लहसुन है बवासीर में रामबाण 

लहसुन को छिलें और काला नमक लगाकर मुंह में रख लें । भोजन में लहसुन प्रचुर मात्रा में खाएं और रात को सोने से पहले लहसुन का पानी अवश्य पिएं यानि सुबह एक कटोरी में 4 से 5 लहसून छीलकर और काटकर रख दें और शाम को सोने से पहले उनका पानी पी लें । बवासीर में बहुत आराम मिलेगा । 

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दोस्तों, आपको लेख कैसा लगा, कमेंट करके बताएँ, और अगला लेख भगंदर के विषय में आएगा । 

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