भाभी की मालिश और चुत की चटाई (bhabhi ki chudai kahani)

भाभी की मालिश और चुत की चटाई (bhabhi ki chudai kahani)

जैसे ही भाभी ने संजीव से कहा – इतनी जल्दी कहाँ जा रहा है, कम से कम इतना तो कर दे कि मेरी चुत गीली हो जाए । इतना सुनकर संजीव मानो पागल हो गया, उसका लंड खड़ा हो गया और उसने भाभी की ठुकाई का पूरा मन बना लिया ।

पहले वो सिर्फ अपने भईया (elder brother) की मर्ज़ी से चुप था क्योंकि वह उनकी इज्जत करता था लेकिन जब भाभी ने इस बार उसे उकसाया तो उससे रहा न गया । अब संजीव भाभी को बिना चोदे मानने वाला नहीं था । उसने तेल लिया और भाभी की पीठ पर मालिश करने लगा ।

इसके बाद उसने कपड़ा हटाया और भाभी की चुतड़ों पर तेल लगाकर मालिश करने लगा, धीरे-धीरे वह भाभी की चुत की मालिश भी कर रहा था ताकि भाभी गरम होती रहे और बहाने से भाभी चुत में उंगली भी कर रहा था, भाभी जैसे तप रही थी । इसके बाद उसने भाभी को सीधा लेटने को कहा तो भाभी ने कहा – कि अभी पीठ तो पूरी तरह से करो,

लेकिन अब संजीव भाभी की कहाँ मानने वाला था, उसने पैंट उतार दी और भाभी के मुंह में लंड दे दिया । भाभी लंड को चुसने लगी । भाभी लंड ऐसे चुस रही थी मानों बर्फ का मीठा गोला चुस रही हो ।

संजीव ने ऐसा पहले कभी महसूस नहीं किया था । संजीव ने कहा – भाभी मेरा दोस्त पंकज सही कहता है कि भाभीयाँ वो मज़ा देती हैं जो जवान लड़कियाँ कभी दे ही नहीं सकती ।

 भाभी की मालिश और चुत की चटाई (bhabhi ki chudai kahani)

लंड को हर तरफ से चूसने के बाद भाभी ने संजीव के ट्टे चुसने शुरु कर दिए और चुसती रही । इसके बाद संजीव से भी रहा नहीं गया उसने भाभी को सीधा कर दिया और तेल लेकर भाभी के चूचों में मालिश करने लगा । हर तरफ से चूचों की मालिश की जा रही थी । कभी-कभी संजीव भाभी के निप्पल चूसते हुए काट लेता था ताकि भाभी को दर्द हो लेकिन भाभी इस मामले में संजीव से दो कदम आगे थी ।

अब संजीव ने धीरे-धीरे हाथ भाभी की चुत में दे दिया और देखा कि भाभी की चुत गीली हो चुकी थी और किसी गरम भट्टी की तरह तप रही थी ।

संजीव समझ गया और उसने फौरन अपना लौड़ा भाभी की चुत में दे दिया और भाभी तो चोदने लगा । भाभी जैसे पागल सी हो गयी । संजीव का लौड़ा उसके भईया से कईं गुना मोटा था जो भाभी को चोदने में दर्द का अहसास करा रहा था । संजीव से दिया जा रहा हर झटका भाभी को एक नई दुनिया की सैर करवा रहा था, भाभी आह…….आह……आउच, चिल्ला रही थी और चुत से पानी ऐसे बह रहा था मानों पेड़ से गोंद ।

अब संजीव ने भाभी को अपने लंड पर बिठा दिया और लेटे-लेटे चोदने लगा । भाभी उछलने लगी और पच…पच…पच की आवाज़ आने लगी । संजीव ने ज़ोर-जोर से चोदना शुरु कर दिया और भाभी भी चुदने का पूरा मूड बना चुकी थी ।

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संजीव ने भाभी को अलग-अलग दो से तीन तरीकों से चोदा, भाभी की चुत से खून आने लगा, संजीव डरा लेकिन भाभी जानती थी कि संजीव के मोटे लौड़े ने उसकी चुत फाड़ दी है और उसे वो दर्द दिया है जो उसे हमेशा याद रहेगा ।

इतने में भईया का फोन आया कि वह लंच करने घर आ रहे हैं, भाभी ने संजीव से कहा – तुम्हारे भईया घर आ रहे हैं जल्दी छोड़ो मुझे । संजीव ने कहा – अब चाहे भईया आए, मुँह में झाड़े बगैर जाने नहीं दूँगा । संजीव ने भाभी की चुत से लंड निकाला और मुठ मारने लगा, मुठ मारते-मारते जैसे ही झड़ने लगा उसने भाभी के मुंह पर झाड़ दिया, भाभी भी जैसे इसी पल के इंतजार में थी । bhabhi ki chudai kahani