सरकारी नौकरी और चुदाई (Bhabhi sex stories)

                     

ऐसा क्यूं होता है कि जो काम जवान हसीन लड़कियाँ नहीं कर पाती, वो काम भाभियां कर देती हैं । मुझे यह कभी समझ नहीं आया । मेरे बचपन का दोस्त, मेरी जान – पकंज । लेकिन आज की तारीख में सबसे बड़ा ठरकी । सारे इलाके की लड़कियाँ उसे ब्लॉक करके बैठी हैं लेकिन वो है जो बाज़ नहीं आता ।

हालांकि कभी-कभी मुझे उससे जलन होती है, क्योंकि एक मैं हूं जो सिर्फ मुठ मारकर गुज़ारा कर रहा था और एक तरफ वो है जो न जाने कितनी गरम चूतों में अपने लंड को ठंडा कर चुका था ।

खैर, अपने बारे में बताता हूं, मेरा नाम संजीव है और मैं जोधपूर का रहने वाला हूं । मेरी उम्र अभी 26 साल है और नौकरी की तैयारी का आखिरी साल । क्योंकि उम्र अब नौकरी की हो गई है लेकिन अभी तक नौकरी नहीं लगी है, इसलिए अपनी मेहनत पर भरोसा करके मैं दिल्ली अपने चाचा के बेटे जो रिश्ते में हमारे बड़े भईया लगते हैं, उनके घर तैयारी करने जा रहा हूँ । (Bhabhi sex stories)

भईया के घर पहूंचकर बस एक ही मकसद था – पढ़ाई और जी तोड़ पढ़ाई । भईया की शादी को 8 साल हो चुके हैं और उनका एक लड़का है । अब मैं सुबह उठकर कोचिंग क्लास चला जाता था और कोचिंग से आने के बाद खाना खाकर फिर पढ़ाई में लग जाता था ।

कुछ दिन तो यही चलता रहा लेकिन एक दिन जब मैं क्लास में था तो क्लास की एक लड़की जिसका नाम निशा है वह मेरे पास आकर बैठ गई और मुझे हाय किया । मैनें भी हाय कहा और धीरे-धीरे बातचीत बढ़ती गई ।

हमने बहुत बातें कि और एक दूसरे का नंबर ले लिया । बहुत जल्द हम अच्छे दोस्त बन गए और मैनें उसे एक दिन घर बुला लिया ताकि उसे भईया से मिलवा सकूं । मैं एक दिन क्लास खत्म होने के बाद उसे घर लाया तो देखा भईया घर पर नहीं थे तो मैनें उसे भाभी से मिलवा दिया । भाभी ने निशा के लिए चाय बनाई और फिर मैं उसे छोड़कर वापस आ गया ।

जैसे ही घर पर कदम रखा, भाभी ने कहा – ये करने आए हो आप दिल्ली, मैनें भाभी को कहा कि वो गलत समझ रही हैं लेकिन भाभी ने कहा मै सब जानती हूं, तू जहाँ अभी पढ़ रहा है न, मैं वहीं से पढ़कर आई हूं ।

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रुक जाओ, आपके भईया को आने दो, उन्हें बताऊंगी । मेरी हालत खराब हो गई, मैनें भाभी से कहा – प्लीज भाभी, भईया को कुछ मत बताना, मैं यहाँ पढ़ने आया हूं अगर वापस चला गया तो पढ़ नहीं पाऊंगा । भाभी अड़ी हुई थी, भाभी को मैनें वादा किया कि मैं किसी से कोई संबंध नहीं रखूंगा ।

मैं माफी मांग ही रहा था कि भाभी ने कह दिया – चलों नहीं कहूंगी, लेकिन तुम्हें अभी मेरा एक काम करना होगा । मैनें जवाब दिया – जो बोलोगी, वो करूंगा लेकिन करना क्या है ?

भाभी – मेरी पीठ में बहुत तेज़ दर्द हो रहा है, मालिश करनी थी, तुम्हारे भईया करते थे ये पहले, लेकिन आजकल वो बिज़ी हो गए हैं इसलिए ये काम आज से तुम करोगे । मुझे पहले कुछ समझ नहीं आया लेकिन मेरे पास कोई चारा नहीं था तो मैनें हां कर दी ।

मैं ऐसा कहकर अपने कमरे में चला गया, थोड़ी देर बाद भाभी ने कमरे से आवाज़ लगाई- आ जाओ, ज़रा कर दो मालिश । मैं जैसे ही कमरे में दाखिल हुआ मेरी आँखें फटी रह गई । भाभी कपड़े उतार चुकी थी और एक तौलिया अपने ऊपर बिछा रखा था । भाभी ने कहा – वहाँ क्यों खड़े हो, आओ न, तुम तो शरमा रहे हो ।

मैं जैसे-तैसे करके कमरे में दाखिल हुआ और भाभी के पास जाकर बैठ गया । भाभी ने मेरे हाथ पर तेल की शीशी दे दी और मालिश करने को कहा । मेरे हाथ कांप रहे थे लेकिन मैं मजबूर था सो मैं मालिश करने लगा लेकिन ये क्या भाभी को हाथ लगाते ही मेरा लंड खड़ा हो गया और बहुत टाइट हो गया । (Bhabhi sex stories)

मैंने भाभी की पीठ को जैसे ही छुआ मेरे अंदर जैसे कंपन हो गया और मैं काँपने लगा । भाभी ने मेरा हाथ पर अपना हाथ रखा और बोला, डरो मत जोर-जोर से मालिश करो । पहले-पहले तो अजीब लग रहा था लेकिन जब भाभी के इरादे समझ गया तो अपने अंदर की हवस को बाहर आने दिया । मैं पीठ से हाथ आहिस्ता-आहिस्ता हाथ भाभी के चूचों की तरफ ले जाने लगा और अब भाभी के चूचों पर हाथ लगने लगा था,

भाभी ने रोका नहीं तो मैं भी नहीं रुका और हाथों को भाभी के चूचों की तरफ ले गया और चूचे दबाने लगा । मेरे पूरे हाथ और भाभी की पूरी पीठ पर तेल था । अब मैं भाभी के चूचों को चिकने हाथों से मसलने लगा । मसलने वो मज़ा आ रहा ता कि बता नहीं सकता । इतने में मैनें भाभी से कहा – भाभी इतना बहुत है या और करुँ..भभी ने जवाब दिया – अभी तो शुरु हुआ है तू…कम से कम चुत तो गीली कर दे मेरी (Bhabhi sex stories)

……….आगे कहानी अगले भाग म

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