Bua Ki Chudai Hindi Sex Stories

बुआ हो गई बेकाबू, भांजे ने उतार दी सारी गर्मी

Bua Ki Chudai Hindi Sex Stories हवस की आग जब अपनी सारी सीमाएँ पार कर देती है तो रिश्ते-नाते सब ताक पर आ जाते हैं और हवस का ये नंगा नाच जब अपनी रिश्तेदारी में हो तो न चाहते हुए भी बात बोलनी पड़ती है । मेरा नाम हरीश है, मैं कानपुर का रहने वाला हूं और जो बात मैं आज बताने जा रहा हूं यह बात 2 महीने पहले की है । दरअसल जो भी हुआ वो पिछले साल से ही शुरू हो चुका था । 12 वीं में अच्छे नंबर से पास होने के बाद मैं लखनऊ जाकर आगे की पढ़ाई करने वाला था । पापा ने फुफा जी के पास भेज दिया । फुफा जी लखनऊ में सरकारी अफसर थे और उनका बंगला बहुत बड़ा था ।

फुफाजी ने कहा कि – यहाँ आजा हरीश, तेरे लिए अलग कमरा है, तुझे पड़ने में कोई दिक्कत नहीं होगी । उनका ऐसा कहना मेरे लिए भगवान का आशिर्वाद था लेकिन मैं नहीं जानता था कि आशिर्वाद के साथ प्रसाद भी मिलेगा । बुआ की उम्र 40 साल हो गई थी लेकिन जब मैनें बुआ को देखा तो मैं देखता ही रह गया । बुआ की उम्र 28 साल लग रही थी । मैं घर से सामान पैक करके दिन की ट्रेन से निकला और शाम को 6 बजे लखनऊ पहुंच गया । जैसे ही फुफाजी के घर पहुंचा, नौकर ने कहा कि आप बैठो, साहब आधे या एक घंटे में आ जाएंगे । मैं बैठ गया, तभी टाइट पजामा और स्पार्ट्स ब्रा में एक लड़की बाहर निकली ।

(Bua Ki Chudai Hindi Sex Stories) चमड़ी इतनी गोरी की जैसे दूध से नहाकर आयी हो,

चूचों में ऐसा उभार की बस देखते ही रह जाएँ और गांड मोटी और गद्देदार । मन किया उसके पीछे-पीछे हो जाउं लेकिन मेरे होश तब उड़े जब वही हसीन लड़की मेरी तरफ दौड़ी आ रही थी और थोड़ी देर में वो मेरे सामने खड़ी थी । उन्होनें मेरे सिर पर हाथ रखा और कहा – लगता है पहचाना नहीं बेटे ने ?

मैनें कहा – आप कौन ?

उस औरत ने कहा – तुम्हारी बुआ और कौन, भूल गए । 

मेरी तो जैसे लॉटरी ही निकल आई थी । ऐसा फिगर मैनें सिर्फ फिल्मों में देखा था । बुआ मुझे देख रही थी और मैं बुआ के चूचों को देखा जा रहा था । मैं नहीं जानता था कि ये मुझे क्या हो गया है और जो मैं सोच रहा हूं वो कितना गलत था । लेकिन पता नहीं बुआ को देखते ही मेरी जवानी जैसे उफान पर थी । 

थोड़ी देर बाद फुफाजी भी आ गए और तब तक मैं फ्रैश भी हो गया था । हमने साथ बैठकर खाना खाया और थोड़ी देर बाद फुफाजी मुझे छोड़कर अपने बगीचे में लगी कुर्सियों में चले गए और वहां जाकर शराब पीने लगे । मैं सारा खेल समझ रहा था । पैसे और शौहरत की फुफाजी के पास कोई कमी नहीं थी लेकिन बुआ और फुफाजी आपस में एक-दूसरे को पसंद नहीं करते थे । ऐसी बीवी हो तो मर्द न चाहकर भी रात तो बीवी की चूत चाटने के लिए प्यार करेगा ही लेकिन रिश्तों में खटास आ जाने से बुआ अलग कमरे में सोती थी और फुफाजी अलग कमरे में । Bua Ki Chudai Hindi Sex Stories

इनके दोनों बच्चे अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं और 6 महिने में एक बार यहाँ आते हैं । लेकिन यहाँ फुफाजी की जिंदगी बस शराब और ऑफिस के बीच कट रही थी । 

Bua Ki Chudai Hindi Sex Stories सुबह फुफाजी जल्दी उठ जाते और घुमकर आते,

नौकर सुबह की चाय से लेकर जूतों तक सब फुफाजी को हाथों पर लाकर देते थे । फुफाजी के पास काम भी बहुत था क्योंकि फुफाजी उस जिले सभी तहसीलदारों के ऊपर थे और बुआ सुबह और शाम जिम चली जाती थी और दिन में या तो कुकिंग करती या किसी सहेली को बुलाकर गप-शप कर लेती । 

एक दिन फुफाजी मेरे पास आए और कहने लगे – तुझे कोई परेशानी तो नहीं हो रही न ? तेरा कॉलेज कैसा चल रहा है ?

मैने कहा – हाँ ठीक चल रहा है लेकिन आपसे भेंट नहीं हो पाती । 

फुफाजी ने कहा – हाँ बेटे, ये ऑफिस का काम ही कुछ ऐसा है, फुरसत मिल ही नहीं पाती । 

इतना कहकर फुफाजी चले गए ।

कुछ दिनों बाद फुफाजी की तबीयत अचानक खराब रहने लगी ।

पता चला कि उन्हें हार्ट प्रॉब्लम है और इसी वजह से मैं उनकी सेवा में लग गया । उनके कमरे में आते रहना, दवाईयां देना, सुबह शाम घूमाना और वो क्या खाएंगे, इसका भी ध्यान में दे रहा था । बुआ भी मेरा साथ दे रही थी और वही वक्त था जब बुआ न जाने मुझे अपने करीब पाने लगी थी । कॉलेज और फुफाजी की देखभाल के बाद मेरे पास टाइम की कमी होने लगी थी । सुबह फुफाजी को घुमाकर, दवाईयां देकर मैं कॉलेज चला जाता और आने के बाद फिर फुफाजी की देखभाल करता ।

एक रात मैं फुफाजी के लिए खाना लेने किचन में गया तो बुआ वहाँ मौजूद थी । मैं प्लेट में खाना निकालने लगा तो मेरे पीछे से आकर बुआ ने मेरे कानों के नीचे चुंबन दे दिया और अपने चूचों के मेरी पीठ से दबाने लगी । मैं बुआ के इरादे भाप रहा था लेकिन बुआ ने अपने आप को एक ऐसी औरत में बदला हुआ था जिसके पीछे कोई भी मर्द दिवाना हो जाए । मैं फौरन पलटा और बुआ ने मेरे होठों पर अपने होठों से एक चुंबन दे दिया । मेरा लंड एक पल के लिए खड़ा हो गया और बुआ ने मेरे दोनों हाथों को अपनी कमर पर टिका दिया । बुआ की कमर ऐसी थी मानों मखमल की शॉल हो ।

बुआ के चूचे मेरी आंखों के सामने थे और मैनें कभी चूचों के इतने पास से नहीं देखा था ।

उस वक्त तो मुझे पसीना आने लगा इसलिए मैं फौरन प्लेट लेकर वहां से चला गया । लेकिन जब रात को अपने कमरे में गया तो मैं बुआ के जिस्म को सोचकर अपने लंड को हिलाए बिना नहीं रह पाया । बुआ ने मेरे हाथों से अपनी गांड दबवाई थी और यकीन मानों बुआ की गांड इतनी मखमली थी कि बस लंड डालकर घपाघप कर दूं । लेकिन मैं आगे के लिए अब तैयार था, जिस औरत को सोचकर आपने लंड हिलाया हो अगर उसकी चूत मारने का मौका मिले तो कौन छोड़ता है ।

जिस औरत पर किसी मर्द की हवस हो और वही औरत उसे मिल जाए तो उससे ब़ा सुख कोई दूसरा नहीं हो सकता । मर्द ऐसी अवस्था में चरमसुख महसूस करता है । अब फुफाजी पूरी तरह ठीक थे और उन्होंने ऑफिस जाना शुरु कर दिया लेकिन मैनें उनकी जो सेवा की थी, उससे वो मुझे अपने बेटे से कम नहीं समझते थे । फुफाजी को किसी ऑफिस के काम से 3 दिनों के लिए दिल्ली जाना था और इसीलिए उन्होने मुझे अपने पास बुलाकर कहा – हरीश, मैं दो दिनों में लौट आऊंगा, तब तक बुआ और इस घर का ख्याल रखना । मैनें कहा – जी, आप जल्दी आइएगा । 

फुफाजी चले गए और उस समय मैनें सोचा कि बुआ के बारे में मैने जो भी सोचा वो गलत सोचा और अब ऐसा कुछ नहीं होगा । ऐसा सोचकर मैं कमरे में चला गया । थोड़ी देर में दरवाजे का खटखटाने की आवाज आई, मुझे लगा नौकर होगा मैने दरवाजा खोला तो देखा बुआ नाइटी पहनकर और हाथों में दूध का गिलास लेकर आई है ।

बुआ उस नाइटी में बेहद हसीन लग रही थी,

नाइटी इतनी टाइट थी कि बुआ की गांड और बुआ के चूचे जैसे फटने को बाहर आ रहे थे और उन्हें देखकर मेरा इमान डोलने लगा । मन किया नाइटी फाड़ दूं और चूचों में लंड फंसाकर हिलाने लगूं । लेकिन मैनें कहा – बुआ, आप ?

बुआ – हाँ वो दूध लेकर आई हूं 

मैनें कहा – किसी नौकर को बोल देती वो दे जाता । 

बुआ – लेकिन नौकर इतने प्यार से थोड़ी लाता ।

मैनें कहा – जी, वो तो है । 

बुआ – तुम कितना काम करते हो, थक जाते होंगे

मैनें कहा – नहीं, बस शाम को थोड़ा दोस्तों से फोन पर बात कर लेता हूं । थकान मिट जाती है । 

बुआ – दोस्त लड़की है या लड़का ?

मैनें कहा – जी लड़का है

बुआ – झुठ मत बोलो, गलफ्रेंड होगी, हाँ वो अलग बात है अपनी बुआ को नहीं बताना चाहते । 

मैनें कहा – नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, कोई लड़की मिली ही नहीं ।

बुआ – झूठ मत बोलो, दिखने में अच्छे खासे हो, क्यों नहीं मिली । तुमसे तो छोड़ी बड़ी सब लड़कियां पट जाएंगी । 

मैं बुआ का इशारा समझ रहा था और मैं बुआ को इग्नोर करने के पूरे मूड में था लेकिन क्या करूं बुआ इतनी सेक्सी लग रही थी कि मैं आज उनके मुंह में लंड देना चाहता था । 

मैनें कहा – नहीं कोई भाव ही नहीं देती, अगर कोई देती तो ले लेता ।

बुआ – क्या 

मैनें कहा – भाव

बुआ ने गिलास को मेरे होठों पर रखा और दूध पिलाने लगी और दूध पिलाते-पिलाते मेरे करीब आ गयी । बुआ ने गिलास इतनी जोर से मेरे मुह पर रखा कि दूध मुंह से बाहर निकलकर गिलने लगा और तभी बुआ ने दूध को अपने दिख रहे चूचों पर उढेल दिया और कहा – दूध पी लिया या और पीना चाहोगे ?

मैनें कहा – अगर दूध आसानी से मिल जाए तो नहीं पीता मैं लेकिन मसल के पीने का मज़ा ही कुछ और होता है । 

बुआ ने ये सुनते ही अपनी नाइटी उतार दी और वो ब्रा और पैंटी में आ गई । बुआ मेरे ऊपर हावी हुई और अपने लाल होठों से मेरे होठों को रगड़ना शुरु कर दिया । मैनें फौरन बुआ की पैंटी में हाथ डाल दिया और बुआ की चूत में ऊंगली कर दी । बुआ ने आंखे बंद की और आवाज़ निकाली – आह…………करो………..करते रहो……………

मैनें बुआ के चूचों को चाटना शुरु कर दिया ।

बुआ – पीछे से ब्रा का हुक खोल दो मैनें पीछे हुक खोल दिया और चूचों को अपने मुंह से लगा दिया और चप-चप-चप चूचों को चूसने लगा । बुआ जैसे मदहोश होती जा रही थी । अगले एक घंटे जो होने वाला था वो मेरे और बुआ के लिए बिल्कुल याद रखने वाले पल थे । बुआ के चूचे इतने टाइट थे कि चूसने से वो और टाइट हो रहे थे । मुझे इतनी बेचैनी हुई कि मैनें बुआ की पैंटी फाड दी और बुआ को लेटा दिया । बुआ की चूत बहुत गुलाबी थी मैनें चूत चूसना शुरु कर दिया । बुआ जैसे पागल हो गई । आय…………….आ…………..आ आ…………….उई मां………………………और करो,,,और चाटो और चूसो प्लीज ।

मैं समझ गया था कि बुआ आज हवस की इस नदी में गोते लगाने के लिए पूरी तरह तैयार थी । मैनें लंड बुआ के मुंह में दे दिया और बुआ लंड को ऐसे चूस रही थी मानो किसी लॉलीपोप को चूस रही हो । मैं बिस्तर पर सीधा लेट गया और मैनें बुआ से कहा – बुआ सवारी करोगी ?

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बुआ सीधे मेरे लंड पर बैठ गई और मैं बुआ को लेटे-लेटे झटके देने लगा । पच..पच….पच । 

tera लैंड तूह बड़ा तगड़ा है मेरी छूट की प्यास भुजने में इसने कोई कमी नही कर रहा है तू जनता नहीं की कब से ऐसे लुंड की प्यास में अपनी रातें सुनी बिता रही हूँ आज तू मिल गया मेरी बरसो की प्यास बुज गयी आज में तुझे नहीं छोड़ूंगी पूरी रात तेरे लुंड का रस पीना है मुझे बोल पिलायेगा ना मुझे तू.

मैंने हां बोलै बुआ तू तुम चिंता मत करो तुम्हारी चुत को आज मैंने अपने लुंड सुजय नहीं ना तो मेरा नाम भी हरीश नहीं.

बुआ बोली ओ……. मेरे हरीश चोद मुझे……. मई तेरी रंडी हूँ पूरी लाइफ के लिए मेरी जान चोद चोद और चोद जोर से दाल और जोर से दाल मार जाटके और मार जाटके आआआहहहहह मेरी मा मर गई…. मै…. तू मुझे हार रोज़ ऐसे चोदेगा बोल ना में हर रात तुझसे चुदुँगी हरीश मेरी जान तू मेरा सब कुछ है आज से में तेरी गुलाम तू मेरा राजा मेरे लंड के राजा

में बोला हाँ बुआ हर रोज़ रात तेरी चुत और मेरे लुंड का मिलान होगा

बुआ मुझसे बहुत खुश थी क्योंकि अब बुआ मेरे ज़रिए अपनी सालों से अधूरी पड़ी प्यास को शांत कर रही थी । Bua Ki Chudai Hindi Sex Stories

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