desi hindi stories Gupt Ashram

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Ashram Me Rasleela
Ashram Me Rasleela

desi hindi stories Gupt Ashram गुप्त आश्रम गुरूजी सतनाम का आश्रम बहुत मशहूर था । लोग पूरे देश से यहाँ बाबाजी का आशीर्वाद लेने आते थे । बाबाजी का आश्रम बहुत सुंदर था और काफी एकड़ में फैला हुआ था । कंचन एक साल पहले तिवारी परिवार की बहू बनकर आई थी और बहुत खुश थी । लेकिन कंचन के सास-ससुर खुश नहीं थे और वही लोग कंचन को बाबाजी के आश्रम लेकर आए । कंचन एक पढ़ी-लिखी लड़की थी, उसे ये बाबा और सन्यासी और इनके आश्रम बिल्कुल पसंद नहीं थे लेकिन घर और सास-ससुर की शांति के लिए वो यहाँ आई ।

समस्या ये थी कि कंचन और उसके पति राजेश ने बच्चे के लिए काफी बार ट्राई किया लेकिन बच्चा नहीं हुआ और उसके बाद वो डॉक्टर के पास भी गए और चेकअप भी कराया । लेकिन रिपोर्ट एकदम नॉर्मल आई और डॉक्टर समझ नहीं पा रहा था कि हुआ क्या है । जब सास-ससुर ने कंचन से पूछा तो कंचन ने राजेश को कहा कि बता दीजिए कि क्या प्रॉब्लम है ।

Gupt Ashram राजेश ने जैसे ही बताया, राजेश के पिता बोले –

अरे, बस इतनी सी बात, ये तो बाबा सतनाम के बाएं हाथ का काम है । कंचन वहां से उठी और सीधे अपने कमरे में चली गई । 

राजेश पीछे से गया और कहा – क्या हुआ, ऐसे उठकर क्यों चली आई ? 

कंचन – ये क्या है यार, एक तो हम दोनों ऐसे ही परेशान हैं और मम्मी-पापा किसी बाबा के चक्कर में हैं, ऐसा थोड़ी होता है । 

राजेश – हाँ, मैं जानता हूं, लेकिन घर की शांति के लिए और उनकी तसल्ली के लिए चली जाओ एक बार, नहीं तो इनके मन में खटकता रहेगा ।

कंचन – ठीक है, लेकिन सिर्फ एक बार जाऊंगी, बार-बार नहीं ।

राजेश – हाँ, हाँ ठीक है ।

desi hindi stories अगले दिन कंचन सास-ससुर के साथ आश्रम पहुंची और बाबा सतनाम को देखा ।

बाबा तो सिर्फ नाम से ही थे, ये तो 30-35 साल का नौजवान आदमी था जो शरीर, कद-काठी और चेहरे से किसी फिल्म का हीरो लगता था । दाढ़ी भी शानदार थी औक उजले कपड़े पहने हुए थे । कंचन तो बाबा सतनाम को देखती ही रह गई और उसे लगा कि ये तो पढ़ा लिखा भी होगा ।

जैसे ही कंचन के सास-ससुर ने बाबा सतनाम को प्रणाम किया,

बाबा ने कहा – नाम कंचन है, एक साल पहले शादी हुई है लेकिन संतान से वंचित है । चिंता न करो, संतान प्राप्ति में अभी समय है, लेकिन होगी ज़रूर । 

कंचन ने कहा – आप ये सब कैसे जानते हैं ?

बाबा सतनाम – जो हमारी शरण में रहते हैं, हम भी उनके और उनके परिवार के लिए चिंतित रहते हैं, तो चौंको मत ।

कंचन – लेकिन बच्चा कब तक होगा ?

बाबा सतनाम – अभी समय है, सुना है तुम पीएचडी कर चुकी  हो ?

कंचन – जी बाबाजी, मैनें 2 साल पहले ही पूरा किया है ।

बाबा सतनाम – तो नौकरी ढूंढों और नौकरी करो, संतान की चिंता छोड़ दो । desi hindi stories

ये सब सुनकर कंचन बहुत इंप्रैस हुई ।

उसे लगा कि बाबा सतनाम भी औरों की तरह झोलाछाप बातें करेगा, फिर कुछ मंत्र फूकेगा और कुछ जड़ी-बूटी देकर कहेगा, जाओ इसका पालन करो, संतान प्राप्ति हो जाएगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ । बाबा सतनाम ने कंचन की बनाई हुई सोच को तोड़ दिया । कंचन ये सोचकर आई थी कि वो आज के बाद यहाँ नहीं आएगी लेकिन बाबा को देखकर और उनकी बातें सुनकर वो बाबा सतनाम से इंप्रैस हो गई और अब वो यहाँ आने के लिए अपने मन से तैयार थी ।

desi hindi stories कंचन घर पहुंची और राजेश से कहा –

इंडिया बदल रहा है, अब पढ़े-लिखे, स्मार्ट और हैंडसम बाबा बन रहे हैं, बाप रे, देखने में कितना हैंडसम लगता है और नाम रखा है – बाबा सतनाम 

हा हा हा । कंचन तो हंसकर चली गई लेकिन राजेश को थोड़ी जलन महसूस हुई क्योंकि वो बाबा सतनाम के बारे में कुछ गलत सुन चुका था और वो बिल्कुल नहीं चाहता था कि कंचन वहाँ जाए लेकिन माँ-बाप की वजह से वो कुछ न बोल पाया और फिर उसे कंचन पर बहुत भरोसा भी था ।

अब कंचन और राजेश अपने-अपने काम में बिज़ी हो गए और कभी-कभी सास-ससुर के साथ कंचन आश्रम भी जाती थी । एक दिन बाबा सतनाम के आश्रम से एक चेला राजेश के घर आया । राजेश ऑफिस जा चुका था तो उसे राजेश के पिताजी मिले । उसने कहा – कल आप अपनी बहु को लेकर आश्रम आइए, बाबाजी ने बुलाया है ।

राजेश के पिता – क्या हुआ, कुछ बात है क्या ?

चेला – नहीं, कुछ खास नहीं, बस बाबाजी आपकी बहु को प्रसाद देंगे । राजेश के पिता – ठीक है, ले आऊंगा ।

अगले दिन कंचन अपने ससुर के साथ आश्रम पहुंची तो आश्रम में एक ध्यान कक्ष था और बाहर लिखा था – केवल एक व्यक्ति ही भीतर आएगा । अंदर से चेला बाहर आया और बोला – आप यहाँ बैठिए, बाबाजी ने इन्हें बुलाया है ।

राजेश के पिता ने कहा – ठीक है बहु, मैं यहाँ बाहर बैठा हूं, बाबाजी जो कहें, चुपचाप करना और पालन करना । desi hindi stories

कंचन ने कहा – ठीक है पापा ।

ये कहकर कंचन अंदर चली गई । अंदर देखा तो बाबा सतमाम आंखें बंद करके ध्यान कर रहे थे और कंचन बाबा सतनाम को घूरने लगी थी । बाबा ने अपना शरीर बिल्कुल फिट किया हुआ था । कुल मिलाकर एक आकर्षक शरीर । अब चेला उठा और दरवाज़ा बंद करके बाहर की ओर चला गया ।

desi hindi stories बाबा सतनाम ने आंखें नहीं खोली और बोले – जीवन में आनंद आ रहा है ?

कंचन ने कहा – जी बाबाजी, आ रहा है ?

बाबा सतनाम – राजेश के साथ संबंध ठीक रखो और उसे रिझाओ ।

कंचन – बाबा हमारे बीच में सबकुछ अच्छा है लेकिन राजेश काम के बाद थोड़ा थक जाते हैं ।

बाबा सतनाम – मैं जानता हूं, आजकल काम का बोझ बहुत है और मैं ये भी जानता हूं कि तुम्हारा मन कब-कब करता है ।

कंचन चौंकी और बोली – मतलब ?

बाबा सतनाम – मतलब वही तो तुम समझी हो, सच बताओ, तुम्हारा मन रोज़ करता है न ?

  • कंचन – नहीं बाबाजी, ऐसा कुछ नहीं है 
  • बाबा सतनाम – ये झूठ अपने सास-ससुर और अपने पति से बोलना लेकिन हमसे नहीं, हमें ज्ञान है कि तुम्हारा मन अभी विचलित है और यही वजह है जो संतान प्राप्ति नहीं हो पा रही है । 
  • कंचन थोड़ा घबरा गई और बोली – बाबाजी कोई उपाय बताइए 
  • बाबा सतनाम – हमने तैयारी शुरू कर दी है, ये लो इसे खाओ ।
  • बाबा सतनाम ने कंचन को नारियल का टुकड़ा दिया और खाने के लिए बोला ।
  • कंचन ने नारियल खाया और बोली – इसका तो अजीब स्वाद है ।

बाबा सतनाम – अजीब तो होगा ही, ये संतान प्राप्ति का प्रसाद है, बहुत जतन करके इसे तैयार किया है । आज से समझ लो तुम्हारी खुशियों के लिए यत्न शुरू हो चुके हैं । कंचन को ये सब बातें बकावास तो लग रही थी लेकिन वो बाबाजी से इंप्रैस थी और इसी के चलते उसने पूछा – बाबाजी क्या मैं आपसे कुछ पूछ सकती हूं ?

बाबा सतनाम – हाँ पूछो कंचन 

कंचन – बाबाजी आपकी उम्र बहुत कम है अभी और आप इतने अच्छे दिखते हैं ।

Gupt Ashram फिर आपने बाबा बनने का क्यों सोचा ?

शादी और घर-बार की नहीं सोची ?

  • बाबा सतनाम – क्यों आपको मैं बाबा ठीक नहीं लगता क्या ?
  • कंचन – नहीं, आप तो बहुत ही आकर्षक हो, इसलिए पूछ रही हूं कि कभी मन नहीं किया कि शादी कर लें ।
  • बाबा सतनाम – नहीं, मुझे इसी में आनंद आता है । 
  • बस कंचन की आंखें एकदम से भारी होने लगी और देखते ही देखते वो गहरी नींद में सो गई । जब जागी तो शाम के 4 बज चुके थे और वो आश्रम में 1 बजे आई थी । जब उठी तो सामने सतनाम और उसके चेले थे, वो घबराकर उठी और बोली – बाबाजी मुझे क्या हो गया था ?
  • बाबा सतनाम – कुछ नहीं, प्रसाद दिया था न, उसी का प्रभाव था, अब तुम्हारी मनोकामना ज़रूर पूरी होगी, मेरा आशीर्वाद है ।

कंचन ने हाथ जोड़े और बाहर आ गई लेकिन चलने लगी तो उसे दर्द महसूस हो रहा था लेकिन कंचन ने ध्यान नहीं दिया और बाहर आ गई । बाहर ससुर जी बैठे थे, उन्होंने पूछा – क्या हुआ बेटा ?

कंचन – कुछ नहीं पापा, बाबाजी ने प्रसाद खिलाया और कहा कि अब संतान ज़रूर होगी और अपना आशिर्वाद दिया है ।

ससुर जी ने भगवान को धन्यवाद कहकर हाथ जोड़े और घर आ गए । शाम को जब कंचन कपड़े बदलने लगी तो देखा कि उसके कपड़ों पर खींचतान के निशान हैं और उसे दर्द भी हो रहा है, तो कंचन ने दर्द की दवा खा ली और थोड़ा आराम करने लगी । desi hindi stories Gupt Ashram

थोड़ी देर में दर्द चला गया ।

लेकिन अगली सुबह कंचन ने ध्यान दिया कि उसके शरीर पर हाथों के निशान हैं, उसका माथा ठनक गया, वो समझ गई कि उसके साथ गलत हुआ है । लेकिन ये बात अगर वो किसी से कहेगी तो उसकी बात कोई नहीं मानेगा । कंचन बहुत दुखी हुई और रोने लगी । उसने बहुत सोचा और वो आश्रम चली गई और घर पर कह दिया कि बाबाजी ने बुलाया है । आश्रम पहुंचकर बाबाजी से मिली और कहा – बाबाजी मुझे आपसे अकेले में बात करनी है । बाबाजी ने सारे चेलों को कमरे से बाहर कर दिया और बोले – कहो 

  • कंचन बाबाजी के पास जाकर बैठ गई और बोली – बाबाजी मैं आपकी शरण में आई हूं, एक दुविधा है, दूर करिए । Gupt Ashram 
  • बाबाजी ने कहा – कहो कंचन – बाबाजी आप मुझे बहुत याद आने लगे हो,
  • सोते-जागते, हर वक्त आप मुझे दिखाई देते हो, मुझे आपसे प्यार हो गया है और मैं आपकी होना चाहती हूं । 
  • बाबा सतनाम – अच्छा, ठीक है, तो जैसा मैं कहता हूं, वैसा करो ।
  • कंचन – जी…
  • बाबा सतनाम – आओ मेरे साथ 
  • बाबाजी कंचन को लेकर गए और कहा – अपने इस नश्वर शरीर को हर तरह के बंधन से मुक्त कर दो ।

कंचन एक कैमरा अपने पास लेकर आई थी उसने उसे अपने मंगलसूत्र में लगा रखा था । वो जानती थी कि बाबा क्या कहेगा ।

कंचन ने देखा कि बाबा सतनाम मस्त हो रहा है और थोड़ी देर में बाबा बोला – आ जाओ मेरे पास , मेरे नज़दीक आकर बैठो । Gupt Ashram

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कंचन – नहीं, मैं नहीं आऊंगी, मुझे डर लगता है ।

बाबा सतनाम – देखो, मैं तुम्हारी ही परेशाी का इलाज कर रहा हूं, मेरे पास आ जाओ ।कंचन बाबा के पास आकर बैठ गई । बाबा सतनाम कंचन को प्रेम करने लगा और कंचन कैमरे को सही दिशा में मोड़ देती थी ताकि बाबा का असली चेहरा साफ दिखाई दे । उसके बाद सतनाम ने कंचन को प्रेम पूर्वक पकड़ लिया और थोड़ी देर तक कंचन को पकड़कर प्रेम करते रहे । कंचन जानती थी कि वो बदनाम हो जाएगी लेकिन वो आज बाबा सतनाम और उसके आश्रम का असली चेहरा दुनिया को दिखाना चाहती थी । सतनाम ने कंचन से कहा कि – मुझे तुमसे मिलकर अनोखा आनंद प्राप्त हो रहा है, ये प्रेम की नदी है, आओ इसमें गोते लगाएं  । कंचन वैसा ही करने लगी जैसा बाबा चाहते थे । बाबा कंचन को अपने प्रेम का विश्वास दिलाना चाहता था । desi hindi stories

बाबा सतनाम न चाहकर भी अपने आपको रोक नहीं पा रहा था ।

Baba बाबा सतनाम ने आंखें बंद कर ली और ध्यान मुद्रा में बैठ गया और कंचन से कहा कि – इसी तरह साधना में बैठो, मैं तुम्हारे जीवन को नया आयाम दूंगा । लेकिन कंचन की आंखों में प्रतिशोध की आग थी और दूसरे तरफ अपनी जीत की खुशी । वो बाबा के इस गलत काम को दुनिया के सामने लाने को बेताब थी । कंचन बाबा को प्यार करने लगी थी और बाबा भी कंचन पर आकर्षित हो चुके थे इसलिए उन्हें कंचन पर शक नहीं हुआ । बाबा सतनाम कंचन को प्यार करने का कोई बहाना छोड़ना नहीं चाहता था । थोड़ी देर में जब बाबा सतनाम शांत हुआ तो उसने कंचन से कहा – जाओ, अब तुम्हारी मनोकामना अवश्य पूरी होगी । Gupt Ashram 

desi hindi stories कंचन चुपाचाप वहां से निकल गई और सीधे पुलिस स्टेशन पहुंची और पुलिस को सबूत दिए

और कहा कि अगर आपने अगले 12 घंटे में बाबा सतनाम को नहीं पकड़ा तो ये वीडियो कोर्ट भी जाएगी और आप भी नहीं बचेंगे । मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिए । पुलिस ने बाबा सतनाम को गिरफ्तार किया और आश्रम को सील कर दिया । कंचन को इस बात की खुशी थी कि उसने बहुत सी लड़कियों की ज़िंदगी बचा ली । फिर कंचन ने डॉक्टर को दिखाना शुरू किया और कुछ सालों बाद कंचन को एक लड़का हुआ । कंचन और राजेश खुशी-खुशी अपनी ज़िंदगी जीने लगे । desi hindi stories

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  1. […] दोनों के होंठ आपस में मिल जाने को बेताब थे और कपकपा रहे थे कि मनीष ने आगे बढ़कर मनीषा के होठों पर करारा चुंबन दे दिया और मनीषा को बेताब कर दिया और कुछ देर यूं ही दोनों एक दूसरे की जीब से जीब मिलाने लगे और एक दूसरे को कसकर दबोचने लगे । फिर मनीष ने मनीषा को बिस्तर पर डाला और फिर कभी मनीष ऊपर तो कभी मनीषा नीचे । दोनों के बीच एक गरमी सी पैदा हो गई और अब इस गरमी को रोकने का एक ही तरीका था – दोनों का मिलन । Palang Tod Romance […]

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