Didi ne bujai jism ki aag

(Didi ne bujai jism ki aag) दीदी ने बुझाई जिस्म की आग

(Didi ne bujai jism ki aag) रेखा दीदी मेरे बड़े पापा की बेटी हैं जो घर में सबसे बड़ी हैं और उनके बाद मैं और मेरी बहन और हमारे बाद छोटे चाचा के दो बेटे हैं । रेखा दीदी ने अभी कॉलेज खत्म किया और वो नौकरी कर रही हैं और मैं अभी कॉलेज में हूं । इस हिसाब से दीदी और मुझे छोड़कर बाकि बच्चे अभी छोटे ही हैं ।

हमारे परिवार में बहुत प्यार है, हर मौके, त्यौहार पर हम अक्सर मिलते रहते हैं । दीदी और मेरे बीच अच्छी पटती है, हम बचपन से ही एक-दूसरे से सबकुछ शेयर करते हैं । रेखा दीदी ने अपने कॉलेज की मस्ती के मुझे बहुत से किस्से सुनाती है । हमारे बीच भाई-बहन से ज्यादा दोस्त का रिश्ता है । लेकिन ये रिश्ता अपनी हद भूल जाएगा, ये मैनें कभी नहीं सोचा था । 

मैं कॉलेज के दूसरे साल में पहुंच गया था और एक दिन बड़े पापा रेखा दीदी के साथ घर पर आए ।

दीदी सीधे मेरे कमरे में आई और बोली – ओए, क्या हाल है तेरा ?मैं दीदी को देखता ही रह गया ।

दीदी ने टी-शर्ट और लेगिंग पहनी हुई थी, दीदी की लेगिंग दीदी की टांगो में एकदम चिपकी हुई थी जिसकी वजह से दीदी की टांगों की शेप साफ नजर आ रही थी और दीदी की जांघे और गांड बहुत साफ दिखाई दे रही थी । मैं एक पल के लिए भूल गया कि जिसे में हवस की नजर से देख रहा हूं वो मेरी दीदी हैं । मगर दीदी आज पटाका लग रही थी । टी-शर्ट टाइट होने की वजह से दीदी के मम्मे भी साफ नजर आ रहे थे ।

दीदी ने शायद ब्रा नहीं पहनी थी क्योंकि दीदी के निप्पल बाहर से ही नज़र आ रहे थे । 

  • दीदी ने फिर पूछा – अबे ओए, कुछ पूछा है मैंने 
  • मैंने कहा – मस्त हूं लेकिन आपको क्या हुआ
  • दीदी – क्या हुआ, ऐसे क्यों पूछ रहा है 
  • मैने कहा – कमाल लग रही हो आज
  • दीदी ने कहा – ये फ्लर्ट अपने कॉलेज की लड़कियों पर ट्राई कर ।
  • मैंने कहा – नहीं, मज़ाक नहीं कर रहा, सच में आज तो आपने अपनी हॉटनेस से मुझे भी दीवाना कर दिया है । 
  • दीदी बोली – लगता है पढ़ाई छोड़ दी है और लड़की के चक्कर में है आजकल । 
  • मैनें कहा – अरे कहाँ , कोई भाव ही नहीं देती, मैं क्या करूं ।
  • दीदी – ऐसी बात नहीं है, स्मार्ट है तू 
  • मैनें कहा – ऐसा होता तो मेरी तारीफ करने पर मुझे डांट नहीं पड़ती । 
  • दीदी – अरे डांट नहीं रही, लड़कियाँ बाहर से ऐसा कहती हैं लेकिन अंदर से वो बहुत खुश होती हैं । 
  • मैनें कहा – इसीलिए मैं लड़कियों को समझना ही नहीं चाहता, मुझे लगता है सबको बस घुमाना-फिराना और मस्ती करना पसंद है ।
  • दीदी ने कहा – हां, पसंद होता है लेकिन मस्ती से क्या मतलब है तेरा 
  • मैनें कहा – अरे वही जो लड़का-लड़की आपस में करते हैं 
  • दीदी बोली – वो बहुत जरूरी है क्योंकि किसी भी रिश्ते को गरम रखने के लिए ये चाहिए होता है । 

मैं दीदी की बातों के ध्यान से सुन रहा था और दीदी के चूचों पर मेरा ध्यान बार-बार जा रहा था,

ऐसा लग रहा था जैसे बाहर आ जाएंगे । निप्पल टी-शर्ट के बाहर से ही दिख रहे थे ।

  • मैं पूछ बैठा – दीदी आपको कुछ अजीब नहीं लग रहा आज ?
  • दीदी बोली – नहीं तो, क्या हुआ 
  • मैनें सीधे कह दिया – आज आपके निप्पल दिख रहे हैं 
  • दीदी ने मेरी ओर शरारती नज़रों से देखा – बस, यही देखा कर तू, देख रही हूं मैं, लड़का जवान हो रहा है । 
  • मैनें कहा – दीदी दिख रहे हैं तो कैसे नज़रें हटाऊं । 
  • दीदी – हाँ, वो आज ब्रा पहनने का मन नहीं था, इसलिए बिना ब्रा के ही टी-शर्ट पहन ली मैनें । 
  • मैनें कहा – दीदी बुरा मत मानना, देखो आप ही मेरे दोस्त हो, इसलिए कुछ पूछना चाहता हूं ।
  • दीदी बोली – हाँ पूछ न, इतने ड्रामे क्यों कर रहा है 
  • मैनें कहा – दीदी, जब कोई लड़का चूचों को मसलता या चूचे चूसता है तो कैसा लगता है 
  • दीदी बोली – दर्द होता है लेकिन उस दर्द में वो मज़ा है बेटा, जो मज़ा कहीं नहीं है । चूचों को चूसते-चूसते नीचे भी सब गीला हो जाता है । 
  • मैनें कहा – दीदी, मुझे कॉलेज में एक लड़की पसंद है लेकिन क्या करूं कैसे पटाऊं उसे 

दीदी – प्यार है या तू मस्ती करना चाहता है उसके साथ

  • मैनें कहा – दोनों 
  • दीदी – देख, ये हर लड़की की अपनी मर्जी होती है, अगर वो तूझे पसंद करती है तो वो तूझे दोनों देगी –
  • प्यार भी और मस्ती भी लेकिन अगर वो तूझे पसंद नहीं करती तो सब बेकार है । 
  • मैनें कहा – दीदी उसका फिगर इतना कमाल का है कि उसे देखकर बदन गरम हो जाता है ।
  • दीदी – अच्छा, ऐसा क्या है उसके बदन में 
  • मैनें कहा – जैसे आज आप लग रही हो, एकदम मस्त । 
  • दीदी – तो क्या मुझे देखकर भी वैसी ही फीलिंग आ रही है तूझे 
  • मैं चुप हो गया और कुछ नहीं बोला 
  • दीदी – अरे ….बोल, चुप क्यों है 
  • मैनें कहा – नहीं दीदी, ऐस कुछ नहीं है 
  • दीदी – अभी बोला हम दोस्त हैं और अभी हिचकिचा रहा है 
  • मैनें कहा – दीदी सच बताऊं, आज जबसे आपको देखा है, मेरे अंदर आपके साथ घपाघप करने का मन कर रहा है, आपके चूचे मसलने और चूसने का मन कर रहा है । ये आपकी जांघ और आपकी गांड की शेप मेरे लंड को गरम कर रही हैं और मेरा लंड गीला हो गया है । 
  • मेरी बातें सुनकर दीदी मुस्कुराने लगी और बोली – चल पागल, कुछ भी बोलता है लेकिन दीदी अंदर से मेरी बातें सुनकर खुश हो रही थी ।

दीदी ने मेरे आंखों में हवस देख ली थी और उसे देखकर उनके तन-बदन में भी आग लग गई लेकिन वो उस वक्त कुछ नहीं बोली बस शर्माती रही

दीदी मेरे साथ एक ही बिस्तर पर बैठी हुई थी, न जाने मुझे क्या हुआ और मैनें दीदी के हाथ के ऊपर अपना हाथ रख दिया । दीदी ने आंहे भरी और हाथ हटाकर दूसरी जगह रख दिया ।

मैनें उसी जगह फिर हाथ रख दिया और हल्का हल्का हाथ फेरने लगा लेकिन इस बार दीदी ने हाथ नहीं हटाया और मैं और तेजी से सहलाने लगा ।

मैं समझ गया था कि अगर दीदी गरम हो गई तो अभी चूत मिल जाएगी । जब हाथ को सहलाते सहलाते मैं दीदी के कंधों से चूचों की ओर बढ़ने लगा तो दीदी ने हाथ हटा लिया लेकिन मैंने दीदी का हाथ पकड़ लिया और दबाने लगा । दीदी हाथ छुड़ाने के लिए कोशिश कर रही थी लेकिन मैं दीदी के हाथ जोर से दबा चुका था और अब मैं दीदी के हाथों को मसल रहा था,

  • दीदी बोली – आह..दर्द हो रहा है, ये क्या कर रहे हो ?
  • मैनें कहा – मुझे मसलना पसंद है ताकि मज़ा ज्यादा आए ।
  • दीदी – मसलना तो मुझे भी बहुत पसंद है, मसल दो फिर ।

दीदी के इतने कहने से मैं समझ गया कि दीदी गरम हो चुकी है और मैनें दीदी के के चूचों को हल्के से हाथ लगाया । दीदी के चूचे छोटे तो थे लेकिन बहुत कसे हुए थे, एकदम टाइट । मैंने मसलना शुरू किया और दीदी ने आंखें बंद कर लीं वो उस मसलन को महसूस कर रही थी ।

(Didi ne bujai jism ki aag) वो आह…आह…कर रही थी और मैं मसलता जा रहा था ।

मेरे मसल से दीदी गरम हो रही थी और वोः आँखे बंद कर के इसका मज़्ज़ा ले रही थी दीदी की गर्मी इतनी बढ़ गयी की वोः मचल ने लगी और अपनी टांगो को दबा ने लगी और आपस में मसल ने लगी दीदी का जोश इस कदर बढ़ रहा था की वोः मेरे को चुने लगी और दबा ने लगी वोः अपनी तांगे दबा कर ऊपर की और उछाल रही थी और मचल रही थी उन्होंने अपना हाथ मेरे लंड पर रगड़ ने लगी पैंटके ऊपर से अब वोः इतनी गीली हो गयी की अपने आपै से बहार हो गयी।

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थोड़ी देर बाद दीदी ने अपना सूट उतार दिया और कहा – दरवाज़ा बंद करके आओ । मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया । पापा और मौसाजी नीचे दारू पी रहे थे और मम्मी किचन मैं खाना बना रही थी । मैं और दीदी दोनों गरम हो चुके थे । मेरा लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था और थोड़ा गीला भी । दीदी ने अपनी सलवार भी उतार दी और कहा – मेरी चूत को ऊंगली से हल्के-हल्के रगड़ो । मैनें वैसा ही किया और जैसी ही दीदी की चूत को रगड़ना शुरु किया दीदी की आह….आह……स..स……स……निकल गई ।

दीदी की इन आवज़ों की सुनकर मैं और गरम हो रहा था मैनें और तेज़ ऊंगली करना शुरू कर दिया । दीदी की चूत गीली हो गई । दीदी ने कहा – मुझे लंड चूसना है, जल्दी निकालो, वरना थोड़ी देर में कोई आ जाएगा । 

मैनें फौरन लंड निकाला और दीदी ने पूरा लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी ।

दीदी लंड को बहुत प्यार से चूस रही थी, चाट रही थी । दीदी ने जब अपनी जीब मेरे लंड के टोपे के ऊपर लगाई और उसपर अपनी जीब घुमानी ने लगी मई सच में उस समय पागल होगया और दीदी के सर को पकड़ लिया और मैंने बोल “रेखा पागल करेगी क्या मुझे तू तोह बौहत सेक्सी है मै आज तुझे चोदे बिना नहीं रह सकता आआअह्ह्ह्हह” .

दीदी ने मेरे आँखों में देखा और मई उनकी आँखों में देखरा था वो समज गयी की मै उनकी चुत का कितना बड़ा प्यासा हूँ और आज उनकी चुत मारे बिना मुझे चैन नहीं आएगा तभी दीदी ने दीदी इतनी दीवानी हो चुकी थी कि वो किसी भी हद तक जाने के तैयार थी।

धीरे-धीरे मेरे अंदर भी जोश बढ़ता जा रहा था । दीदी लंड को अपनी जीब से चाट रही थी और मेरा लंड गीला होता जा रहा था, मुझे समझ नहीं आ रहा था मैं क्या करूं । दीदी ने मुझे पूरे कपड़े उतार देने को कहा । मैनें वैसे ही किया और फिर दीदी ने लंड पकड़ा और दीवार पर खड़ी हो गई और एक टांग उठा ली । मैं समझ गया था कि दीदी को झटके की चुदाई चाहिए । Didi ne bujai jism ki aag

दीदी दर्द महसूस करना चाहती थी, दीदी चाहती थी की मैं चूत में वो चोट दूं, वो दर्द दू जो कईं दिनों तक उन्हें याद रहे ।

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दीदी ने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ा हुआ था और टांगे उठाकर मेरे लंड को अपनी चूत में डाल दिया

मैनें भी बिना रूके झटके मारना शुरू कर दिया । लंड के घुसते ही दीदी आंखे बड़ी बड़ी होगयी और वो मुझे प्यासी नज़रो से देखने लगी जैसे मैंने उनकी चुत की बरसो से लंड की प्यास बुजा दी हो मैंने धीरे से लंड अन्दर डाला हम दोनों एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे दीदी मेरे होटो को ऐसे चूस रही थी जैसे कोई मीठा रस टपक रहा हो

मुझे बहुत मज़्ज़ा आ रहा था और मुझे यह सब एक सपने के सामान लग रहा लेकिन वो पल हकीकत के थे और मै उन पालो को खूब एन्जॉय कर रहा था अम…अम…..अम….की आवाज़ के साथ मैं पूरी ताकत से झटके मार रहा था और दीदी आंखे बंद करके झटकों के मज़े ले रही थी । पच..पच…पच…पच…भक..भक…भक…..बस यही आवाज़ आ रही थी ।Didi ne bujai jism ki aag

न मैं कुछ बोल रहा था न दीदी कुछ बोल रही थी, हम बस एक दूसरे का चेहरा दैख रहे थे ।

दीदी मेरे चेहरे को देखकर अपने होठों को दांतों से दबा रही थी और मैं दीदी का चेहरा देखकर उन्हे चोदा जा रहा था । 

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  • दीदी ने कहा – मुझे उठाकर खड़े-खड़े चोद सकते हो, मैनें सुनते ही दीदी को हाथों से उठा लिया और
  • कहा – अपने दोनों पैरों से मेरी पीठ को जकड़ लो बाकि मैं संभाल लूंगा – दीदी ने कस के अपने आपको मुझसे जकड़ लिया ।
  • मैरा लंड दीदी की चूत में डला हुआ था बस मैनें दीदी को उठाकर खड़े-खड़े चोदना शुरू कर दिया ।
  • दीदी को बहुत दर्द हो रहा था – वो चिल्लाने लगी, मैं डर गया,
  • मैनें कहा – दीदी चिल्लाओ मत, कोई आ जाएगा, लेकिन दीदी को दर्द हो रहा था और दीदी कभी मेरे होठों को अपने होठों से दबाती और कभी मेरे गले को दांतों से काटती ।

मुझे दीदी के काटने से दर्द तो हो रहा था लेकिन वो चुदाई के मज़े के आगे कुछ भी नहीं था । दीदी बहुत खुशी के उछल-उछल कर चुदाई करवा रही थी और मैं भी इस चरमसुख का पूरा मज़ा ले रहा था । 

इतनी देर में दरवाज़े पर मम्मी की आवज़ आई – अरे दोनों भाई-बहन क्या मस्ती कर रहे हो, आ जाओ खाना लग गया है ।

दीदी नहीं रुक रही थी और मैं भी पूरी ताकत से चुदाई कर रहा था । दीदी की चूत से खून निकलने लगा था क्योंकि मैनें दीदी की चूत पूरी ताकत से मारी थी । तभी दीदी ने मुझसे कहा – अब बस करो, तुमने तो मेरी चूत ही फाड़ दी । बस..आज के लिए इतना काफी है और दीदी नीचे उतर गई । दीदी ने कपड़े पहने और मेरे होठों पर एक चुंबन देकर शरारती इशारा किया और कहा – रात को अपनी कुछ तस्वीरें भेजूंगी, देखकर मूड बन जाएगा तेरा ।

मैं समझ गया कि दीदी अब पूरी तरह मेरे लंड की प्यासी हो चुकी थी और घर जाकर वो मुझे अपने जिस्म की गरमी दिखाने वाली थी । दीदी ने अपने होठों को दातों से दबाया और बाय कहकर चली गई । मेरा लंड पूरी तरह गीला हो चुका था मैनें लंड को पकड़कर हिलाना शुरु कर दिया और पच..पच करके दीदी के नाम की मुठ मार ली । अब दीदी मेरे दिन का ज़रिया भी थी और रातों को गरम करने का भी । Didi ne bujai jism ki aag

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