Diwali me sali ki Chudai

(Diwali me sali ki Chudai) दिवाली में जीजा ने किया चुलबुली साली को गीला

(ये कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है )


(Diwali me sali ki Chudai) मंगेश की शादी मलाड में हुई और सुमिता धारावी की रहने वाली थी । दोनों के परिवारों के संबंध अच्छे थे और दोनों के पिताजी एक दूसरे को सालों से जानते थे । मंगेश एकलौता लड़का था और सुमिता दो बहनें थी । सुमिता की एक छोटी बहन थी,जिसका नाम साक्षी है । सुमिता जितनी शांत है , साक्षी उतनी ही चुलबुली और मस्तमौला लड़की है । सुमिता की उम्र अभी 27 साल है जबकि साक्षी 21 साल की है और अभी कॉलेज में है ।

मंगेश की उम्र सुमिता के बराबर ही है और दोनों एक दूसरे को बचपन से जानते हैं लेकिन स्कूल-कॉलेज अलग-अलग होने से दोनों की ज्यादा बात नहीं होती । जब दोनों छोटे थे, तो अक्सर परिवार में होने वाले प्रोग्राम में मिलते रहते थे लेकिन बड़े होने के बाद दोनों के बीच बातें अपने-आप कम होती गई और दोनों अपनी-अपनी दुनिया में मस्त रहने लगे । मंगेश के पापा और सुमिता के पापा दोनों एक ही जाति से थे और बचपन से दोनों के बीच बहुत प्यार था और इसलिए दोनों के बीच नजदीकियां कभी कम नहीं हुई ।

एक दिन जब सुमिता ऑफिस के लौटी तो सुमिता के मां ने उसके माथे को चुम लिया ।

  • सुमिता को बड़ा अजीब लगा और वो मां से पूछने लगी –
  • सुमिता – क्या बात है माँ, आज बड़ा प्यार आ रहा है ?
  • माँ – हां, आज लगता है तू बड़ी हो गई 
  • सुमिता – क्यों, आज ऐसा क्या हो गया 
  • माँ – अरे, तेरा रिश्ता आया है और जानती है लड़का कौन है ?
  • सुमिता – क्या, रिश्ता और किसका रिश्ता है 
  • माँ – मंगेश, अपने भाईसाहब का लड़का, सच में, मैं और तेरे पापा तो बचपन से ही यही चाहते थे । 
  • सुमिता – अरे..मुझसे तो पूछ लो, रिश्ता पक्का भी कर दिया क्या ?
  • माँ – नहीं, हाँ नहीं बोली है लेकिन ना भी नहीं है, एक तरह से रिश्ता पक्का समझ । 
  • सुमिता – पापा को पहले मुझे बताना चाहिए था ।
  • ये सुनकर माँ चुप हो गई और सुमिता से कहा – कहीं तू किसी और से ?
  • सुमिता – नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, कोई लड़का नहीं है लेकिन ऐसे ही थोड़ी ना किसी से भी कर लूंगी । 
  • माँ – तू तो मंगेश को बचपन से जानती है, उसमें नया जैसा क्या है 
  • सुमिता – ऐसा नहीं होता माँ, अभी कितने साल हो गए, हो सकता है उसने कोई लड़की पसंद कर रखी हो या वो किसी से प्यार करता हो ।
  • पहले लड़के और लड़की दोनों से उसके घरवालों ने पूछ लेना चाहिए क्योंकि ऐसे में गड़बड़ हो जाती है शादी के बाद । 
    इतने में
  • सुमिता के पापा आ गए और उन्होंने सब सुन लिया और कहा – सुमिता की बात भी गलत नहीं है और इसलिए बेटी मैनें हाँ नहीं की है । मैनें भाईसाहब से कहा है कि मंगेश की राय ले एक बार और अगर उसे भी कोई एतराज़ नहीं तो फिर तुम दोनों को मिलने के लिए वक्त दिया जाएगा । पापा की यह बात सुनकर सुमिता ने चैन की सांस ली ।
  • पापा ने सुमिता से कहा – बेटी मैं जानता हूं कि ये फैसला जल्दबाजी का नहीं होता और आजकल तो ज़माना बहुत बदल गया है, बिना किसी की मर्जी के शादी नहीं हो सकती । (Diwali me sali ki Chudai)

दो दिन बाद मंगेश की तरफ से हाँ में जवाब आ गया और जिसे सुनकर सुमिता और मंगेश ने मिलने का फैसला किया ।

दोनों ने एक-दूसरे को अपने नंबर दिए और बातें होने लगी । पहले बातें कम हुआ करती थी लेकिन जब बातें दिन-रात होने लगी तो मंगेश और सुमिता एक दूसरे के साथ अटैच होने लगे और दोनों ने मिलने का सोचा । दोनों एक कॉफी शॉप में मिले और एक दूसरे को सालों बाद देखा । मंगेश एक तंदरूस्त और खूबसूरत नौजवान था जबकि सुमिता उतनी खूबसूरत नहीं थी लेकिन उसकी बातें, उसकी आदतें और उसका चाल-चलन मंगेश को भा गया था और मंगेश ने सुमिता की अच्छाईयां देखकर ही उसे पसंद किया था । कुछ वक्त तक दोनों एक-दूसरे से मिलते रहे ।

मंगेश बातों  में इतना अच्छा नहीं था लेकिन वो दिखने में बहुत अच्छा था और सुमिता ये चाहती थी कि उसकी सहेलियां जो उसे चिढ़ाती थी, वो उसके होने वाले पति से जले । क्योंकि सबने सुमिता को चिढ़ाया था और सुमिता हमेशा से ऐसा लड़का चाहती थी जो दिखने में बहुत खूबसूरत हो ।

  • सुमिता ने मंगेश से कहा – आपको मैं पसंद तो हूं ना ?
  • मंगेश – हाँ बहुत पसंद हो 
  • सुमिता – तो मेरे लिए एक काम करोगे
  • मंगेश – हाँ बोलो । 
  • सुमिता – अब मुझे लगता है कि हमें अपने-अपने घर में शादी के लिए बोल देना चाहिए और जब तक शादी नहीं होती आर जिम जाकर थोड़ी बॉडी बना लीजिए ।
  • ये सुनकर मंगेश थोड़ा हैरान हुआ और फिर कहा – मैं जाता हूं जिम, क्यों अभी अच्छा नहीं है क्या ?
  • सुमिता – नहीं, बहुत अच्छा है लेकिन बस ऐसे ही कह रही थी ।
  • लेकिन मंगेश समझ गया था कि सुमिता को थोड़े कसे हुए लड़के पसंद है इसलिए उसने कहा – ठीक है मैं शादी से पहले शरीर को और अच्छा बना लूंगा । (Diwali me sali ki Chudai)

सुमिता हंसी और बहुत खुश हुई और अब वो शादी के लिए तैयार थी लेकिन वो नहीं जानती थी कि मंगेश ने उसे अपने बारे में सबकुछ नहीं बताया है । (Diwali me sali ki Chudai)

 
असल में मंगेश लड़कियों के पीछे दिवाना था, वो कईं लड़कियों के जिस्म को चूसकर फैंक चूका था और उसे हर महिने नईं लड़की चाहिए थी । मंगेश को चुदाई की ऐसी लत थी कि वो हर महिने एक नई लड़की को फंसा कर उसकी चुदाई करता था और अब ये उसकी आदत बन चुकी थी । सुमिता में उसे अच्छाई के अलावा एक नई चसक दिखी थी, वो अक्सर ये सोचता था कि जो लड़कियां शादी से पहले कभी चुदाई नहीं करवाती उनके अंदर कमाल की चसक होती है क्योंकि शादी के बाद जब वो पति से पिलती हैं तो वो मज़ा आता है जो और किसी लड़की को चोदने में नहीं आता ।

मंगेश जब से सुमिता को मिला, तब से उसने आज तक कभी सुमिता का हाथ भी नहीं पकड़ा था क्योंंकि वो किसी भी हाल में

सुमिता जैसी लड़की से शादी करना चाहता था ताकि उसे एक करारी, टाइट चूत मिले और वो मज़ा आए जो उसे सालों से नहीं मिला है क्योंकि मंगेश ने जितना लड़कियां चोदी वो सब खेली-खिलाई थीं लेकिन सुमिता जैसी लड़की  आज के ज़माने में नहीं  मिल सकती । मंगेश घर पर कईं बार जाकर सुमिता की टाइट चूत को सोचकर मुठ भी मार चुका था, वो जानता था कि सुमिता जैसी लड़कियाँ शादी के बाद ही हाथ लगाने देती हैं और मंगेश के अंदर भी अब किसी ऐसी ही लड़की की तड़प थी । (Diwali me sali ki Chudai)

रिश्ता तय हो गया और अगस्त की 16 तारिक तय हो गई लेकिन

मंगेश चाहता था कि शादी ठंड में हो ताकि वो चुदाई का पूरा मज़ा ले सके और ठंड के  3 से 4 महिने में वो अपनी जिंदगी का वो मज़ा ले जो उसे आज तक नहीं मिला था । शादी की तारिख दिसंबर 17 तय हो गई और मंगेश बहुत खुश हुआ । अब मंगेश सुमिता के घर सगाई के लिए पहुंचा लेकिन मंगेश नहीं जानता था कि उसके हाथ में दो लड्डू आने वाले थे और कुछ ही देर में उसके होश उड़ने वाले थे । मंगेश अपने माता-पिता के साथ सुमिता के घर पहुंचा । वो सोफे पर बैठा ही था कि तभी सुमिता के मां बाप के साथ घाघरा चोली में सुमिता की छोटी बहन साक्षी आई ।

साक्षी चुलबुली थी और वो इसलिए अपनी बॉडी का पूरा ध्यान रखती थी ।

वो जिम की दिवानी थी उसने अपना बदन पूरी तरह कसा हुआ था । साक्षी को देखकर मंगेश के अंदर से हाय निकली – अरे यार, ये मैनें क्या कर दिया, ये छोटी बहन ऐसा माल है और मेरी नज़र अब पड़ी है इसपर । मंगेश पर साक्षी को ही देखता रहा । साक्षी का बदन पूरी तरह कसा हुआ था, उसके चूचे टाइट और गोल थे, उसकी बाहें इतनी गोरी जैसे दूध से नहाकर आई हो, होंठ गुलाबी, और मंगेश ने अंदाजा लगा लिया कि इसकी चूत कितनी गुलाबी होगी और अगर इसको घोड़ी बनाकर इसकी चूत मारी जाए तो कितना मज़ा आए । मंगेश बेकाबू हो रहा था लेकिन वो जानता था कि शादी से पहले ये सब ठीक नहीं लेकिन उसने मन बना लिया था कि इससे पहले कोई और ये खज़ाना लूटे वो ही अपनी प्यास बुझाएगा । 

  • मंगेश ने कहा – तुम सुमिता की छोटी बहन हो ?
  • साक्षी – अरे वाह, आपने कैसे पहचाना 
  • मंगेश – अरे, जब बड़ी बहन इतना सुंदर है तो छोटी तो खूबसूरत होगी ही । 
  • साक्षी ने कहा – मैं साली हूं आपकी और आप मेरे जीजू । 
  • मंगेश – साली आधी घरवाली होती है ये सुनकर सब हंसने लगे लेकिन साक्षी ने मंगेश की आंखों में अपने लिए हवस देख ली और वो उठकर सुमिता के पास चली गई ।

उस वक्त साक्षी को अजीब लगा लेकिन उसने इस बात पर ध्यान नहीं दिया । 

सुमिता आई और दोनों ने एक-दूसरे के हाथों में अंगूठी पहनाकर सगाई कर ली । अब मंगेश के दिलों दिमाग में सिर्फ साक्षी छाई हुई थी, उसने साक्षी के अंदर के चुलबुले पन को देखा और महसूस किया था लेकिन वो ये जानना चाहता था कि साक्षी का कहीं किसी लड़के से चक्कर तो नहीं । उसने साक्षी के इंटरनेट पर ढूंढना शुरु किया और उसकी पर्सनल लाइफ के बारे में जानना शुरु किया । मंगेश ने देखा कि वो सुमिता से बिल्कुल उल्टी थी, उसे घूमना-फिरना, पार्टी करना और मौज-मस्ती पसंद है, बस मंगेश का काम आसान हो गया और मंगेश अब सिर्फ शादी की तैयारी करने लगा । 

(Diwali me sali ki Chudai) शादी की तारीख आ गई और शादी में भी मंगेश ने देखा कि साश्री बहुत गज़ब लग रही थी,

साक्षी ने जूते चुराए और मंगेश से 50 हजार रुपए मांगने लगी । मंगेश ने सबके सामने साक्षी को पैसे दिए और इसी बहाने उसके हाथ को छुआ और कुछ देर तक छोड़ा नहीं । साश्री छुड़ाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मंगेश साक्षी को महसूस कर रहा था । शादी हो गई और मंगेश ने सुमिता के साथ हर रात को सुहागरात में बदल दीया । मंगेश ने ऑफिस से 15 दिन की छुट्टी पहले ही ले ली थी और सुमिता की नौकरी छुड़वा दी थी ताकि कोई बिजी न रहे और चुदाई का पूरा मज़ा ले पाए । मंगेश सुमिता की टाइट चूत में अपना गरम लंड डालता और पूरी ताकत के सात झटके देता ।

सुमिता की आह…आह…..सुनकर उसे मज़ा आता और सुमिता की चूत इतनी गरम और टाइट थी की मंगेश के लिए हर रोज़ कुछ नया होता था । मंगेश कभी सुमिता को घोड़ी बनाकर चोदता तो कभी उसे उसे लंड पर बैठाकर उसे सवारी करवाता तो कभी सुमिता पर चढ़कर उसे सटा-सट गोच्चे मारता ।

खड़ा करके, बैठाकर, लेटाकर झटके मारने में मंगेश एक्टपर्ट था । टांग उठाकर उसने कईं बार सुमिता को गीला कर दिया था और सुमिता भी बुहत खुश थी । उसे मंगेश का उसको लेकर इस तरह प्यार करना बहुत पसंद था । वो भी शादीशुदा जिंदगी में अपने वो सारे काम कर रही थी जो उसने सोचे थे पर कभी पहले किए नहीं थे । वो भी सेक्स को अच्छी तरह महसूस करना चाहती थी और मंगेश उसे ये भरपूर दे रहा था । (Diwali me sali ki Chudai)

(Diwali me sali ki Chudai) सुमिता को सबसे ज्यादा मज़ा मंगेश का लंड चूसने में आता था

वो घंटों मंगेश का लंड चाटती थी और खुद को और मंगेश को गीला करती थी । मंगेश भी सुमिता के साथ वो सब ट्राई कर रहा था जो उसने बाकि लड़कियों के साथ किया था, लेकिन सुमिता ये सब पहले-पहले महसूस कर रही थी इसलिए उसमें चसक ज्यादा थी और ज्यादा जल्दी और तेजी से उछलती थी और चुदती थी ।

सुमिता के अंदर तड़प भी ज्यादा थी और चसक भी क्योंकि उसने कभी लड़कों से खुलकर बात नहीं की थी पर महसूस सब कुछ किया था । जब भी मंगेश सुमिता की चूत रगड़ता वो बेकाबू हो जाती और उसकी चूत गीली होने लगती फिर मंगेश उसे काफी देर तक चोदता । चुदाई और चसक के इस सिलसिले को मंगेश नया मोड़ देने वाला था । (Diwali me sali ki Chudai)

मंगेश सुमिता को लेकर उसके मायके भी ले जाया करता था । सुमिता सोचती थी कि मंगेश उसका ख्याल रख रहा है लेकिन वो साक्षी के लिए वहां जाया करता था । एक दिन मंगेश को वो मौका भी मिल गया ।

दिवाली आ गई और मंगेश सुमिता को लेकर उसके मायके गया । घर पहुंचकर मंगेश ज़रा बालकनी में गया तो उसकी नज़र सामने के कमरे की खिड़की पर पड़ी । उसने देखा साक्षी कपड़े बदल रही थी । उसने फौरन फोन निकाला और कैमरे से सब रिकॉर्ड कर लिया और चुपचाप आकर बैठ गया । थोड़ी देर में सास-ससुर के साथ साक्षी भी आ गई और सब दिवाली मनाने लगे । थोड़ी देर बाद सब पड़ोसी के घर जाने लगे लेकिन साक्षी अपने फोन में बिजी हो गई ।

ये सब देखकर मंगेश ने सुमिता से कहा – तुम, मम्मी पापा के साथ जाओ, मैं थोड़ी देर लेट जाता हूं ।

ये सुनकर सुमिता चली गई और अब घर में सिर्फ मंगेश और साक्षी रह गए । मंगेश ने तुरंत घर अंदर से बंद कर दिया और ऊपर साक्षी के कमरे में चला गया ।

  • मंगेश ने फौरन दरवाज़ा खोला तो साक्षी ने कहा – अरे जीजू, पहले खटखटाना चाहिए , ये तो अच्छी आदत नहीं है 
  • मंगेश – सौरी, क्या कर रही हो ?
  • साक्षी – कुछ नहीं, बस दोस्तों को दिवाली विश कर रही हूं 
  • मंगेश – मुझे तो अभी तक नहीं किया और दोस्तों को कर रही हो
  • साक्षी – तो अब बोल देती हूं – हैप्पी दीवाली फिर साक्षी ने कहा -जीजू एक बात बताओ, जबसे शादी हुई है, दीदी तो पूरी तरह बदल गई है, अब बहुत खुलकर हंसती है और खुश रहती हैं, ऐसा क्या किया ।
  • मंगेश – औरतों को खुश करना मुझे बहुत अच्छी तरह आता है 
  • साक्षी – अच्छा, तो मुझे खुश करो, मैं भी खुश होना चाहती हूं 
  • मंगेश – तुम्हें खुश करने के लिए तो मैं कुछ भी कर दूं लेकिन तुम ही मुझसे दूर-दूर रहती हो 
  • साक्षी समझ गई और कहा – जीजू मैं जानती हूं कि आप क्या कह रहे हैं लेकिन आपको सोचना चाहिए कि ये गलत है, मैं कुछ कह नहीं रही तो इसका मतलब ये नहीं कि मैं कुछ कर नहीं सकती । 
  • मंगेश – ठीक है, तो मैं ये वीडियो इंटरनेट पर डाल देता हूं । 
  • वीडियो देखते ही साक्षी के होश उड़ गए और उसने कहा – ये क्या है 
  • मंगेश – ये तेरा जिस्म है जिसे मैं पीना चाहता हूं, छुना चाहता हूं, चाटना चाहता हूं, चोदना चाहता हूं, गिला करना चाहता हूं ।

एक बात बताओ, इतनी खूबसूरती किस काम की अगर उसे किसी ने छुआ ही नहीं, ऐसा बदन किस काम का । 

ऐसा कहते कहते मंगेश ने साक्षी की जांघो पर हाथ फेरना शुरु कर दिया, और हाथ अंदर डाल दिया । साक्षी पहले हिचकिचाने लगी लेकिन बाद में मंगेश ने कहा – देखो, मैं कर रहा हूं, कोई पराया थोड़ी हूं, तुम मुझे अच्छी तरह जानती हो और किसी अजनबी लड़के से अच्छा तो मैं घर का ही हूं, दिल लगाने से अच्छा है ये ज़रुरत मैं ही पूरी कर रहा हूं । क्या तुम्हारा मन नहीं करता चुदने का, क्या तुम नहीं चाहती कि तुम्हारी चूत गीली हो । ये सुनकर साक्षी भी मंगेश की बातों में आ गई और मंगेश जानता था कि कि सुमिता किसी भी वक्त आ सकती है ।

उसने साक्षी को खड़े खड़े पीछे की और खड़ा किया । उसका ब्लाउज ढीला करके उसके चूचों को मसलने लगा और नीचे से उसका पेटीकोट खोलकर उसे झटकों के साथ चोदने लगा । हर झटका मंगेश की ख्वाहिश पूरी कर रहा था और साक्षी को दर्द दे रहा था । साक्षी आ……आ……आह…….आह…..की आवाज़ के साथ मदहोश और बेकाबू हो रही थी और मंगेश झटकों के साथ, चूचों को मसल रहा था । 

(Diwali me sali ki Chudai) चूचों को मसलते-मसलते मंगेश के हाथ साक्षी के निप्पल को छू रहे थे और मंगेश को और दिवाना कर रहे थे ।

मंगेश निप्पल को अपनी दोनों उंगलियों से दबा देता और साक्षी की चीख निकल जाती । मंगेश साक्षी को लेकर कमरे में आया और उसने अपने आगे साक्षी को रखा और पीछे से लेटकर चूत में लंड घुसा दिया । बाहर पटाखों का शोर बहुत था ये मंगेश जानता था इसलिए वो चाहता था कि वो साक्षी की चीखें भी निकाल देगा तो किसी को आवाज़ नहीं आएगी । वो साक्षी के पीछे से लंड घुसाकर उसे चोद रहा था और उसने अपने हाथों को साक्षी के चूचों से मसलना जारी रखा । पच….पच……पच…पच…..बस झटकों की आवाज़ आ रही थी और मंगेश ने चोदने में पूरी ताकत लगा दी थी ।

अब साक्षी की बेकाबू हो गई थी, उसकी चूत से पानी आने लगा और थोड़ी देर बार धार आई ।

साक्षी फौरन पलटी और मंंगेश के लंड को मुंह में लेकर चाटने लगी । मंगेश पहले से ही साक्षी को चरमसुख का आनंद दे रहा था लेकिन अब साक्षी भी मंगेश की दीवानी हो चुकी थी । साक्षी का चुलबुलापन उसको चोदते वक्त नज़र आ रहा था । साक्षी लंड को ऐसे चाट रही थी जैसे लॉलीपोप चूस रही हो । साक्षी ने अपना ब्लाउज पूरा खोल दिया और काली ब्रा को उतारने लगी लेकिन मंगेश को इंतना इंतज़ार नहीं था उसने साक्षी को पकड़ा और उसके चूचों  में अपना मुंह घुसा दिया और उसके चूचों में अपने मुंह को मसलने लगा । मंगेश ने साक्षी के चूचों को हाथों से ब्रा के बाहर कर दिया और चूचों को दांतों से काटने लगा । साक्षी की आवाज़ निकल रही थी । (Diwali me sali ki Chudai)

आ…..आ…..मत काटो, मुझे दर्द हो रहा है लेकिन मंगेश कह रहा था कि – दर्द ही तो मज़ा है जानेमन,

जितना दर्द लेगी उतना याद रहेगा । हर रात मेरा नाम लेकर चूत मसलेगी तू ।  इतना कहकर मंगेश ने साक्षी के पेटीकोट के अंदर हाथ दे दिया और उसकी गीली चूत में ऊंगली करने लगा । साक्षी मंगेश की चुदाई की दीवानी हो गई और उसकी चूत से पानी बहने लगा लेकिन मंगेश रूकने का नाम नहीं ले रहा था वो साक्षी को और चोदना चाहता था । मंगेश ने साक्षी को खड़ा कर दिया और खुद उसके पीछे खड़ा हो गया । अब मंगेश ने साक्षी की एक टांग उठा ली और अपनी टांग उठाकर साक्षी की गीली चूत में अपना लंड डाल दिया और खच….खच….खच….चोदने लगा । साक्षी ने पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया था, उसकी चूत से लगातार पानी बह रहा था और मंगेश अपनी 6 महिने की हवस को अंजाम दे रहा था । 

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