Fatima Ki Car Me Chudai

Fatima Ki Car Me Chudai फातिमा की गाड़ी में चुदाई

Fatima Ki Car Me Chudai ये कहानी मुस्लिम लड़की फातिमा और उसकी तड़पती हुई जवानी की है । फातिमा लखनऊ में रहती है और अभी 12वीं पास करके कॉलेज ढूंढ रही है । फातिमा के अब्बू कुर्सियाँ बनाने का काम करते हैं और उसकी अम्मी सिलाई का काम करती है । अभी तक फातिमा स्कूल जाती थी और जब दिन में घर आती थी तो खाना खाकर ट्यूशन चली जाती और फिर घर का काम करके सो जाती थी लेकिन अब वह पूरे दिन घर पर थी और कॉलेज की तलाश करती रहती थी ।

फातिमा का बदन बहुत कसा हुआ था, उसके चूचे किसी संतरे जैसे थे एकदम भरे-भरे, लगता था जैसे अभी दबाकर सारा रस चूस लें । फातिमा की जवानी उसपर हावी हो रही थी, अम्मी-अब्बू के चले जाने के बाद वो कॉलेज देखती और उसके बाद अपने जिस्म की आ को शांत करने के लिए पॉर्न फिल्म देखती ।

उसकी चूत से दिनभर पानी बहता रहता था और वो भी रोज़ चूत को मसलकर पानी बहाती रहती थी ।

फातिमा की अम्मी उसे बुर्का करने के लिए कहती लेकिन उसे बुर्का अच्छा नहीं लगता था, वो पर्दे में नहीं रहना चाहती थी । वो अपने लिए कॉलेज के साथ-साथ एक नौजवान कठीले जिस्म का मर्द ढूंढ रही थी क्योंकि अब जवानी न सिर्फ प्यार मांग रही थी बल्कि जिस्म भी काबू से बाहर हो रहा था । जैसे-जैसे वक्त गुज़र रहा था, फातिमा के जिस्म की आग बढ़ती जा रही थी और फातिमा उस आग में हर पल तड़प रही थी ।

वो अपनी गरमी चूत को रगड़कर,

चूचों को दबाकर और चूसकर पूरी कर रही थी लेकिन वो समझ गई थी कि उसकी प्यास सिर्फ एक मर्द का गरमा गरम लंड ही बुझा सकता है । वो हर रोज़ किसी न किसी मर्द को सोचकर चूत को मसलती थी और उसके नाम से बेहिसाब पानी बहाती थी ।फातिमा के नंबर कम थे तो उसे किसी कॉलेज में एडमिशन नहीं मिला लेकिन वो मायूस होने वाली लड़की नहीं थी, उसने फटाफट ओपन से कॉलेज शुरू कर दिया और साथ में नौकरी ढूंढने लगी ताकि घर के और अपने खर्चों को भी उठा सके ।

फातिमा के सपने बहुत बड़े थे, वो घर में बैठने वाली लड़की नहीं थी,

उसे एक मर्द की तलाश थी जो उसकी अधूरी जवानी को पूरा कर दे । उसकी चूत को खोलकर फूल बना दे और वो बस दिन रात चुदाई करे । फातिमा को एक कंपनी में एचआर की नौकरी मिल गई और तनख्वाह 20 हजार रूपए थी जो फातिमा के लिए बहुत थी । फातिमा ने फटाफट कंपनी ज्वाइन कर ली और जब एक महीने बाद तनख्वाह मिली तो फातिमा ने अम्मी और अब्बू के लिए बाहर से हलाल मंगवाया और अम्मी के हाथ में 10 हज़ार रूपए रख दिए और बोली – अम्मी हर महीने मैं आपको 10 हज़ार रूपए दूंगी लेकिन मैं ऑफिस भी जा रही हूं और पढ़ाई भी कर रही हूं तो मुझसे कब आएगी, कब जाएगी, ये मत पूछना क्योंकि ऑफिस के चलते ये मुश्किल हो जाता है ।

फातिमा के अम्मी अब्बू बहुत खुश थे, उन दोनों को इस बात की खुशी थी

कि फातिमा न सिर्फ अपने पैरों पर खड़ी हो गई बल्कि मां-बाप के बारे में भी सोचती है । बस फिर क्या था, फातिमा अपनी चाहत को पूरा करने लगी और वो क्लब और दूसरी बड़ी -बड़ी जगहों पर जाने लगी । फातिमा का ऑफिस बहुत बड़ा नहीं था वहां सिर्फ 25 लोग ही काम करते थे । ज्यादातर तो बूढ़े थे लेकिन तीन लड़के फातिमा की उम्र के आसपास ही थे । उसमें से एक लड़का फातिमा को अच्छा लगा । लड़के का नाम शोएब था पर वो फातिमा से दो साल छोटा था लेकिन न तो फातिमा इसे मानती थी और न ही शोएब ।

शोएब कंपनी की मार्किटिंग टीम में था और फातिमा को देखकर वो भी उसका दीवाना हो गया लेकिन दोनों में से पहले कोई एक -दूसरे को कुछ नहीं बता रहा था । शोएब फातिमा के गोरे बदन पर पूरी तरह फिसल चुका था वो रोज़ फातिमा को देखता और उसकी शरारती और हवस से भरी नज़रों को नोटिस करता । फातिमा भी शोएब के गठीले और टाइट जिस्म पर फिदा हो चुकी थी और सोचती थी कि अगर शोएब कुछ बल बिस्तर पर उसके साथ बिता दे तो वो उसके जिस्म की सारी आग बूझा देगा । दोनों साथ में लंच करते थे और घर भी दोनों के पास ही थे इसलिए दोनों साथ-साथ ही आते-जाते थे ।

शोएब के पास कार थी और ये उसके लिए सबसे बड़ी बात थी क्योंकि फातिमा के शौक कार वाले ही थे,

उसे रोज़ बस और रिक्शा में जाना अच्छा नहीं लगता था वो शौकिन हो चुकी थी । बाहर खाना, घुमना, गाड़ी में आना-जाना उसे बहुत पसंद था और यही वजह थी कि वो शोएब को बहुत पसंद करती थी और शोएब भी जान चूका था कि फातिमा उसके लंड की प्यासी है और वो उसे इस हद तक लाना चाहता था कि फातिमा खुद उसका लंड निकालकर अपने मुंह में ले ले और वो मौका भी आ गया । उस दिन सुबह से ही बहुत बारिश हो रही थी लेकिन ऑफिस आना ज़रूरी था क्योंकि ऑफिस का काम बढ़ गया था लेकिन फातिमा को भी नहीं पता था कि आज उसकी चूत की गरमी को शोएब ठंडा कर देगा ।

शोएब ने फातिमा को रास्ते से गाड़ी में बैठा लिया और दोनों ऑफिस की तरफ चल दिए । जब आधे रास्ते पर पहुंचे तो आगे पानी ही पानी जमा हुआ था और गाड़ी जाने की जगह नहीं थी । शोएब ने दूसरा रास्ता जो बहुत लंबा था वो पकड़ लिया लेकिन जब वो ऑफिस से बस 2 किलोमीटर दूर था तभी पानी का बहाव बहुत तेज़ हो गया और गाड़ी बंद पड़ गई । बाहर जा नहीं सकते थे जब तक बारिश रूक नहीं जाती और गाड़ी आगे चल नहीं रही थी । मौसम बहुत ठंडा हो गया था और फातिमा की चूत गीली थी । गाड़ी के शीशों पर पूरी तरह ओस जम चूकी थी ।

तभी शोएब बोला – फातिमा दारू पीएगी ।

मौसम पीने वाला हो गया है ।फातिमा – हाँ यार, है तेरे पास शोएब – हां, मैं हमेशा अपने पास रखता हूं फातिमा – अब तो कुछ घंटें यहीं बिताने पड़ेंगे, चलो पीते हैं शोएब ने दो गिलास और शराब निकाली और दोनों एक-एक पैग पीने लगे । थोड़ी देर बाद जब दोनों को नशा हुआ तो अचानक फातिमा ने अपने जींस का बटन खोला और जींस ढीली कर दी । शोएब जान गया था कि आज चूत मिलेगी इसलिए ये सब देखकर उसका लंड भी टाइट हो गया । फातिमा आगे आई और शोएब के होठों को अपने गरम होठों से भिगो दिया और उसके होंठ चूसने लगी और वापस अपनी सीट पर बैठ गई ।

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फातिमा ने शोएब का हाथ पकड़ा और अपनी खोली हुई जींस के अंदर दे दिया और कहा – पैंटी के अंदर डालो ।शोएब ने पैंटी के अंदर हाथ नहीं डाला बल्कि पैंटी के बाहर से ही चूत को सहलाने लगा, मसलने लगा । फातिमा – अंदर डालो न जान शोएब – अभी नहीं, पहले चूत को पूरी तरह गीला होने दे शोएब ने भी अपनी जींस खोल दी और मोटा टाइट लंड बाहर निकाल दिया । फातिमा लंड देखकर बहुत खुश हुई और उसने शोएब के लंड के टोपे को खोला और जीब से चाटने लगी ।

शोएब ने कहा – आज तू जितना चाट सकती है चाट, जितना चाटेगी उतना मजा दूंगा तूझे Fatima Ki Car Me Chudai 

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फातिमा ने शोएब का पूरा लंड मुंह में ले लिआ और लंड से अंदर-बाहर करने लगी । शोएब बहुत खुश था और फातिमा तो गरम ही होती जा रही थी । दोनों के बीच अब फांसला नहीं था । चु…चु….चु…..फातिमा लंड चाट रही थी और शोएब मदहोश होकर सीट को पीछे करके लेट गया । फातिमा ने शोएब के लंड से आते हुए पानी को चाटना शुरू कर दिया । अब शोएब भी गरम हो चुका था और वो फातिमा की चूत चाटना चाहता था । लेकिन फातिमा बोली – शोएब पहले मेरी चूत में लंड डालकर मेरी ऐसी चुदाई करो कि आज इतना पानी निकले की मेरी आग बुझ जाए । बहुत तड़प रही हूं, प्लीज मुझे थूक लगाकर चोदो ।शोएब ने अपनी पैंट पूरी तरह नीचे कर ली और कहा – आजा लंड पर बैठ जा । 

फातिमा शोएब के लंड पर बैठ गई और जैसे ही लंड अंदर लिया फातिमा को ऐसा लगा जैसे चूत में कोई गरम सरिया डल गया हो ।

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उसके बाद फातिमा और शोएब एक दूसरे का चेहरा देखने लगे और एक दूसरे से बात करने लगे । नीचे हल्की-हल्की चुदाई चल रही है और ऊपर से बात हो रही है । शोएब ने कहा – कैसा लग रहा है जान फातिमा – आह…..आह……और आराम से करो, बहुत टाइम है, मुझे आज घंटो चुदना है मुझे कस के पकड़ लो और मेरी गांड पर थप्पड़ मारो 

शोएब लंड को हल्का-हल्का हिला रहा था

और फातिमा पूरी तरह सवारी का मज़ा ले रही थी ।तभी फातिमा बोली – शोएब थोड़ा तेज़ करो शोएब ने थोड़ा तेज़ किया आह…..आह……आ…..अम्मी……आ………..मज़ा आ रहा है थोड़ा और तेज़ करो आह….आ….आ…आ…आ….आ…..उई…..अम्मी….आह……अल्ला…..आह……थोड़ा तेज़ करो…..झटको दो मुझे प्लीज़…आह…आह…जैसे ही शोएब ने अपने झटके तेज कर दिये वैसे ही लंड को अपनी चूत के अन्दर जाता देख फातिमा पागल सी हो गयी और उसने जोश में अपने होठों को दबाते हुए गाड़ी की सीट पकड़ी और ऊपर से खुद झटके मारने लगी और सिसकियां भरने लगी । बोली – शोएब अल्लाह कसम बहुत मज़ा आ रहा है, तुम्हारा लंड कितना मोटा और टाइट है । इसकी चुदाई से मेरी प्यास बुझ गयी है, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है जानू । Fatima Ki Car Me Chudai

शोएब उसकी इस अदा को देखकर पागल हो गया,

शोएब उसके चेहरे को देखने में लगा था और उसे उसके चेहरे के हाव-भाव देखकर और जोश चढ़ रहा था । फातिमा कभी अपने होठों को दबाते हुए शोएब की तरफ देखती और कभी अपनी आंखे ऊपर पलट कर मदहोश सी हो जाती । शोएब ने तभी अचानक से एक ज़ोरदार झटका दिया तो फातिमा की चीख निकली – अल्लाह…अल्लाह,आह….अम्मी बचाओ…आ…आ । फातिमा चिल्ला उठी और दोनों की चुदाई से कार के शीशे धुंध से भर उठे थे ।

शोएब अब अपने हिसाब से फातिमा को चोद रहा था ।

उसने अपनी दोनों हाथों से फातिमा की जांघे पकड़ ली और बैठे-बैठे फातिमा को झटके देने लगा । फातिमा आंखें बंद करके झटके लेने लगी और उसकी चूत से पानी बाहर आने लगा । लेकिन अब शोएब रूकने वाला नहीं था । उसने फातिमा को ज़ोर-ज़ोर से झटके मारना शुरू किया और फातिमा भी उसके झटकों से मज़े ले रही थी । शोएब फातिमा को दर्द देने के लिए उसकी गांड में थप्पड़ मार रहा था और उसे एक मदहोश दुनिया में ले गया था । जहाँ सिर्फ हवस थी और कुछ नहीं ।

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थोड़ी देर बार फातिमा लंड से उठी और पीछे वाली सीठ पर जाकर लेट गई ।

शोएब फातिमा के पैरों से चूमता हुआ उसकी चूत तक पहुंच गया और अपने दांतों से उसकी चूत को हल्का सा काटा ।फातिमा की आवाज़ आई – आह….क्या कर रहे हो शोएब – मज़े ले रहा हूं, दर्द हुआ क्या फातिमा – हां, शोएब – तो इसी में तो मज़ा है, तू बस लेटी रह ।शोएब ने अपनी जीब निकाली और उससे गीली हो चूकी चूत को चाटने लगा । फातिमा की चूत से पानी पिचकारी की तरह निकल रहा था और शोएब उसका पूरा मज़ा ले रहा था । थोड़ी देर बाद शोएब ने अपनी मुंह फातिमा की चूत में दे दिया और चूसने लगा । फातिमा की चीखें निकल रही थी लेकिन वहां कोई सुनने वाला नहीं था ।

Fatima Ki Car Me Chudai पूरी गाड़ी शोएब और फातिमा की जिस्म की गरमी से गरम हो चुकी थी

और शोएब अब फातिमा के मुंह में झाड़ने को बेताब था । फातिमा बोली – झाड़ो मेरे मुंह पर, मुझे चाटना है शोएब भी लंड हिलाने लगा और उसके मुंह में झाड़ने को बेताब था । थोड़ी देर बार लंड से पच…पच..पच…करके सीधा फातिमा के मुंह पर झड़ गया । फातिमा बहुत खुश हुई और शोएब अब उसे लंड चटवाने लगा । इस तरह फातिमा ने अपनी चूत की गरमी को कुछ वक्त के लिए शांत कर दिया ।दोनों ने वापस जीन्स पहनी और मुस्कुराए , इसके बाद अब फातिमा अपनी चुदाई की प्यास बुजाती रहती है । Fatima Ki Car Me Chudai

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