Gathiya Ka Ayurvedic Ilaj

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Gathiya Ka Ayurvedic Ilaj
Gathiya Ka Ayurvedic Ilaj

Gathiya Ka Ayurvedic Ilaj (गठिया का आयुर्वेदिक इलाज) गठिया या अर्थराइटिस आज एक ऐसा रोग बन गया है जो भारत में हर तीसरे इंसान को अपनी चपेट में लिए हुए है । बूढ़े ही नहीं अब नौजवान और बच्चे भी गठिया के शिकार हो रहे हैं । इस रोग की चपेट में महिलाएं पुरूषों के मुकाबले ज़्यादा आती हैं और अगर एक बार ये रोग हो गया तो इसका इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है ।

एलोपैथी और होम्योपैथी में इसका इलाज संभव नहीं है लेकिन आयुर्वेद की अलग-अलग विधियों में गठिया का इलाज संभव है । इस लेख में हम आपको गठिया या अर्थराइटिस को ठीक करने के लिए आयुर्वेद विधियों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप घर बैठे ट्राई कर सकते हैं ।

Gathiya Ka Ayurvedic Ilaj क्या हैं गठिया के लक्षण, इसे कैसे पहचानें ?

  • जोड़ों में दर्द होना और लंबे समय तक दर्द बने रहना
  • जोड़ों और पैरों में सूजन आना
  • हाथ और पैरों के जोड़ों में दर्द होना
  • रात के समय जोड़ों के दर्द का बड़ जाना

क्या है गठिया होने की वजह ?

  • लिगामेंट और कोशिका में चोट लगना
  • घुटनों या जोड़ों में चोट लगना
  • जोड़ों का मुड़ना या जोड़ों में खिंचाव

दोस्तों, यूं तो गठिया होने की संभावना बुढ़ापे में बढ़ जाती है और इसको लेकर लोग जागरूक भी रहते हैं लेकिन आजकल 40 साल और 30 साल के नौजवानों में भी गठिया देखा जा रहा है । आर्थराइटिस या गठिया का होना बहुत पीड़ादायक होता है और अगर ये बिगड़ जाए तो इसका इलाज बिना सर्जरी या ऑपरेशन के संभव नहीं हो पाता ।

क्या है आयुर्वेदिक इलाज ?

1. प्राकृतिक औषधियों का चूरन – दोस्तों आज बाज़ार में सभी प्रकार की औषधियों का चूरन उपलब्ध है और गठिया के लिए आपको ऐसे ही कुछ चूरन का मिक्चर बनाकर आपको लगाना और कुछ को पीना है । 
2.जोड़ों में लगाने वाले चूरन हैं – नवकार्षिक चूर्ण, निंबादि चूर्ण, चोबचीनी चूर्ण और गेहूं का चूर्ण को बकरी के दूध में मिलाकर जोड़ों पर लगाना है । – पीने वाले चूरन – गुडुची, वासा और एरंडी के तेल का काढ़ा बनाकर पीएँ और साथ ही साथ लौंग, लहसुन, सौंफ और शुंठी का काढ़ा बनाकर पीएं । आपको बहुत आराम मिलेगा ।
3. पंचकर्मा विधि – आयुर्वेद की सिद्ध विधियों में पंचकर्मा हमेशा से रोग और पीड़ा हरने के लिए उत्तम माना जाता है । आपको इसकी कुछ विधियाँ करवानी होंगी, जैसे – वस्ति, विरेचन, अभ्यंगम, स्वेदन, लेप ।

क्या करें और भोजन में क्या खाएँ ? Gathiya Ka Ayurvedic Ilaj

फाइबर युक्त भोजन – पानी ज़्यादा पीएं- हल्का व्यायाम करें – घर का ही खाना खाएँ – भोजन में अदरक, लहसुन, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, पुराना गेंहूं, जौं, लाल चावल, मूंग, मसूर, चौलाई, बथुआ, मेथी, लौकी, परवल, टींडा शामिल करें, आपको बहुत आराम मिलेगा ।

योग अवश्य करें – दोस्तों योग ऐसा वरदान है जिससे बड़े से बड़ा दर्द और रोग छूमंतर हो जाता है और गठिया या अर्थराइटिस के लिए भुजंगासन, ताड़ासन, हलासन और पद्मासन बहुत फायदेमंद हैं । अगर आपको इन आसन के विषय में नहीं पता तो आप यूट्यूब पर देख सकते हैं, सभी बहुत आसान और सरल हैं ।

दोस्तों, आपको ये तो बता दिया कि आपको क्या करना है लेकिन उससे ज़्यादा ज़रूरी ये जानना है कि क्या नहीं करना है इसलिए ध्यान से पढ़ें और समझें ।

क्या न करें –

  • तला भोजन न खाएं
  • मिर्च मसालेदार तीखा भोजन न खाएँ
  • रात में जागे न रहें और दिन में न सोएं
  • ज़्यादा कसरत न करें
  • व्रत या उपवास न करें
  • जूस के साथ या तुरंत बाद दूध न पीएं
  • मांसाहारी भोजन के साथ दूध का सेवन न करें 

दोस्तों, अगर आपको कुछ संदेह हो तो पहले अपने नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क करें और इन उपायों को करना शुरू करें । आपको लेख कैसा लगा, कमेंट करके बताएँ ।

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