Hindi Romantic Stories

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मसाज पार्लर और माधुरी

Hindi Romantic Stories घर में गरीबी थी, बस किसी तरह गुज़ारा चल रहा था । लेकिन आखिर कब तक ? वक्त बढ़ने के साथ दिनानाथ के घर के खर्चे बढ़ते ही जा रहे थे । जवानी के जोश में बच्चे भी 3 पैदा कर दिए, उसमें से भी दो लड़कियाँ । क्या होगा, कैसे होगा, पढ़ाई-लिखाई, नौकरी, शादी कैसे करुंगा, ये सब तब दिनानाथ को सताने लगे जब, जवानी की हवा निकल गई और घर के खर्चे जेब पर भारी होने लगे । महज़ 15 हज़ार में क्या 5 लोगों का खर्चा चल सकता है और अभी तो खर्चों की शुरूआत है ।

Hindi Romantic Stories ये सोच-सोचकर दीनानाथ की चिंता बढ़ती जा रही थी ।

सबसे बड़ी लड़की माधुरी, फिर सुषमा और फिर रोहन । दीनानाथ ज़्यादा मेहनत करने लगा और यही कोशिश करने लगा कि किसी तरह तीनों बच्चों की पढ़ाई अच्छी करवा दूं लेकिन ऐसा न हो पाया । दीनानाथ की नौकरी चली गई और घर मुसीबत में आ गया । माधुरी ने जवानी का कदम बस पार किया ही था और वो 18 की हुई थी, शायद उसकी किस्मत उसे पहले से उसके आने वाले कल के लिए तैयार कर रही थी ।

घर और पिताजी की हालत देखकर माधुरी ने पढ़ाई छोड़ दी ।

वो ये समझ चुकी थी कि उसके घर में पैसों की बहुत ज़रूरत है और पिताजी के बाद एक वही थी जो ये ज़रूरत पूरी कर सकती थी सो उसने काम ढूंढना शुरू कर दिया । बड़े शहरों में ये बात पक्की है कि काम की कोई कमी नहीं लेकिन उस काम को पाने के लिए काबिलियत और उसके टक्कर की पढ़ाई भी चाहिए लेकिन माधुरी के पास न तो तजुर्बा था और न ही पढ़ाई ।

Hindi Romantic Stories इसलिए उसे नौकरी नहीं मिल रही थी और जो मिल रही थी

वहाँ 7 से 8 हज़ार से ज़्यादा नहीं मिल पा रहे थे । माधुरी को कम से कम 15 से 20 हजार रूपयों की ज़रूरत थी । एक दिन उसने अखबार में नौकरी देखी कि कंपनी 20 से 25 हजार दे रही है और ऊपर से बोनस भी मिलेगा । माधुरी कीआंखों में चमक आ गई और वो फौरन दिए गए पते पर पहुंच गई । वहाँ पहुंचकर उसे बाहर बैठने के लिए कहा गया और जब उसका नंबर आया और वो अंदर गई तो वो दंग रह गई ।

वो एक मसाज पार्लर था जहां अमीर मर्द अपनी मसाज करवाने आते हैं और औरतों को मनमाने पैसे देकर मसाज करवाते हैं । अगर किसी मर्द का जिस्म के साथ खेलने का मन हो तो वो तीगुना पैसा देकर ये सर्विस ले सकते हैं । ये सब देखकर माधुरी डर गई और वहाँ से जाने लगी तभी पीछे से आवाज़ आई – आपको अंदर बुलाया है । माधुरी किसी तरह अंदर गई ।

अंदर एक बेहद हसीन औरत बैठी थी जिसकी आवाज़ में कशिश थी,

  • उसने माधुरी से कहा – बैठो । 
  • माधुरी बैठ गई ।
  • तुम जानती हो, हम क्या करते हैं ?
  • माधुरी – जी हां, मुझे यहाँ काम नहीं करना 
  • ठीक है मत करो, तुम्हारी मर्ज़ी, लेकिन जाने से पहले अपने घर के बारे में सोचो ।

यहाँ हर कोई किसी न किसी मजबूरी का शिकार होकर ही आता है और डरो मत, मसाज के अलावा अगर कुछ और नहीं करना है तो तुम्हें कोई जबरदस्ती नहीं कर सकता, ये यहाँ का रूल है । अगर तुम सिर्फ मसाज करना चाहती हो मसाज करो, पैसे तुम्हें दिए जाएंगे लेकिन अगर बहुत जल्दी तरक्की करना चाहती हो तो, तब तुम्हें ये सब करना है, वरना अपने काम से मतलब रखो, तुम यहाँ पूरी तरह सुरक्षित हो । 

Hindi Romantic Stories ये सब सुनकर माधुरी रुकी और उसने नौकरी ज्वाइन कर ली ।

अब माधुरी की 3 दिन की ट्रेनिंग थी जिसमें उसे मसाज और उसे करने का तरीका सीखना । माधुरी जितनी खूबसूरत थी उतनी ही हसीन भी । वो बहुत जल्दी ये काम सीख गई और रोज़ कस्टमर को मसाज देने लगी । वो अपने काम को इतनी खूबसूरती से अंजाम देने लगी कि उसके यहाँ आया कस्टमर सिर्फ उसकी ही डिमांड करने लगा । कुछ महीने बीत गए, माधुरी के घर के हालत ठीक हो गए और गाड़ी पटरी पर आ गई । लेकिन अभी छोटे भाई-बहन की पढाई और माँ की सेहत को देखना बाकि था और अब पैसों की ज़रूरत बढ़ने लगी थी ।

ऐसा नहीं था कि माधुरी को अपने लिए किसी प्यार करने वाले मर्द की ख्वाहिश नहीं थी,

बल्कि वो तो हमेशा से अंदर ही अंदर एक ऐसे मर्द की चाहत करती आ रही थी जो उसे बेपनाह प्यार करे और उसे वो सुख दे जो हर स्त्री चाहती है । लेकिन अभी तक उसे ऐसा कोई नहीं मिला । एक दिन 29 साल का एक नौजवान जिसकी शादी अगले साल होने वाली थी वो वहाँ आया । अंकित नाम था उसका, कंपनी में काम किया था लेकिन अभी तक किसी औरत के साथ रात नहीं गुज़ारी और न ही बिस्तर गरम किया । वो बेतहाशा तड़प रहा था ।

वो आकर लेट गया और माधुरी सर्विस देने आयी ।

  • अंकित ने बात करना शुरु किया – हाय, मेरा नाम अंकित है, 
  • माधुरी – मेरा नाम माधुरी है 
  • आप यहाँ कबसे हो ?
  • माधुरी – 10 महीने हो गए 
  • अंकित – आपके हाथों में सूकून सा है, मेरा सारा तनाव चला गया ।
  • माधुरी – अरे, अभी तो शुरू किया है, आप अभी से शुरू हो गए 
  • अंकित – जानता हूं लेकिन कुछ बात तो है आपमें, मैं यहाँ पहले भी आया हूं लेकिन मैनें ऐसा कभी महसूस नहीं किया । 
  • माधुरी – तो आप और भी चीज़ों की सर्विस लेते हैं 
  • अंकित – नहीं, मैं यहाँ सिर्फ मसाज करवाता हूं बाकि कुछ नहीं, हाँ ये ज़रूर है कि मैं अपने लिए किसी खास की तलाश में हूं जो मुझे समझे और मैं उसे ।

ये सब सुनकर माधुरी काफी इंप्रैस हुई,

उसे इतने महिनों में ये पहला मर्द मिला जो प्यार की और साथ की बात कर रहा था लेकिन अंकित इतना भी सीधा नहीं था, बस उसका तरीका अलग था लेकिन माधुरी उसे पकड़ नहीं पाई । 

  • अंकित – आप कहाँ रहती हैं 
  • माधुरी – यहीं पास में 
  • चलिए, मैं छोड़ देता हूं, पार्लर तो बंद होने का वक्त हो गया है, मैं शायद आखिरी कस्टमर था । 
  • माधुरी – हां, लेकिन मैं चली जाऊंगी ।

अंकित ने फिर नहीं पूछा और वो चला गया । लेकिन माधुरी को कुछ ठीक नहीं लगा ।

दो दिन के बाद अंकित फिर आखिरी वक्त पर आया और उसने कहा – चलिए मैं छोड़ देता हूं तो माधुरी मना नहीं कर पाई । अंकित घर छोड़ने से पहले रास्ते में माधुरी को आइसक्रीम खिलाई और घुमाते हुए घर छोड़ दिया । माधुरी अंकित की तरफ आकर्षित होने लगी थी और जिस तरह के लड़के की तलाश में थी वो उसे अंकित में दिख रहा था लेकिन अंकित सिर्फ माधुरी के साथ रात गुज़ारने की चाहत रखता था, वो अक्सर पार्लर आता रहता था और वहीं से उसने माधुरी के बारे में काफी सुन रखा था और अब वो खुद को आज़माना चाहता था

अंकित उसे चैलेंज समझकर माधुरी के पास आया था ।

अब अंकित और माधुरी के बीच बातें होने लगी और अंकित बातों बातों में शरारतीपन और जिस्म की तारीफ कर देता, जैसे होठों की गले की, कमर की और माधुरी जब इन सब बातों को तारीफ समझने लगी तो अंकित माधुरी के हाव-भाव और उसकी कमसिन जोशीली खूबसूरती की तारीफ करने लगा था । माधुरी भी इन बातों को सुनकर मदहोश सी हो जाती थी क्योंकि एक जवान लड़की के तौर पर उसकी भी कुछ ज़रूरतें थी । अब मिलना होने लगा और उनका मिलन किसी अधूरी ख्वाहिश का मिलन था ।

Hindi Romantic Stories अंकित माधुरी को इतना दिवाना कर चुका था कि

दोनों एक दूसरे को पूरी तसल्ली से निहार रहे थे, छू रहे थे । माधुरी अंकित की बाहों में समा गई और अंकित को अपने अंदर समाने लगी तभी अंकित ने कहा – यहाँ नहीं जान, हम ये सब वहीं पार्लर में करेंगे बिल्कुल वैसे ही अंदाज़ में । तुम्हारा पहली बार है तो मैं चाहता हूं कि तुम बहुत अच्छा महसूस करो । माधुरी मान जाती है और शाम को अंकित पार्लर आता है । पार्लर से सब जा चुके हैं और नीचे चौकीदार है बस ।

 Hindi Romantic Stories दोनों एक दूसरे को पूरी तसल्ली से निहार रहे थे

और दोनों के जिस्म एक-दूसरे की छुअन से टकरा गए हैं । जो हो रहा था माधुरी उसे रोकना नहीं चाहती थी और वो बस मज़े ले रही थी । लेकिन अब दोनों एक दूसरे में इस तरह खो गए हैं कि दोनों को कुछ समझ नहीं आ रहा है । अंकित आज माधुरी को दर्द भी देना चाहता है और मज़ा भी । माधुरी अपने आपको बहुत खुशकिस्मत समझ रही है और साथ ही पहली बार इस परमसुख का मजा ले रही है ।

कली को फूल बनाने के लिए अंकति ने अपना काम कर दिया है

और अब माधुरी अंकित के साथ झूल रही है और अंकित उसे झुला रहा है । किसी मदमस्त घोड़ी की तरह माधुरी सवारी कर रही है । थोड़ी देर बार अंकित माधुरी को खड़ा करता है और उसके पीछे आकर झटके देने लगता है । जो दबाया जा रहा था उसे वो पहली बार अनुभव कर रही थी और यकीन मानिए पानी बेकाबू हो रहा था अंकित उसका पूरा साथ दे रहा है, वो चाहता है और लगातार निकल रहा था । और वो इसे पी जाए । 

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