HINDI SEX STORY अधूरी प्यास(Adhooree pyaas)

श्रेया का कॉलेज खत्म हो चुका है । अब वह नौकरी ढूंढ रही है और तभी उसे पता चलता है कि उसकी कॉलेज फ्रेंड की एक मीडिया कंपनी में नौकरी लग गई है । श्रेया अपनी दोस्त से कहकर अपनी नौकरी भी पक्की कर लेती है । ऑफिस लोगों से खचाखच भरा हुआ है और हर जगह चहल-पहल है । श्रेया जिस ऑफिस में काम कर रही है, वहाँ हर जगह कपल्स हैं और एक ओपन मॉर्डन कल्चर है, जिसे श्रेया हमेशा से जीना चाहती थी । उसी दफ्तर में अंशु भी काम करता है जो मनमौजी लड़का है और ऑफिस की सभी लड़कियाँ उसकी दोस्त हैं । श्रेया के साथ भी अब उसकी दोस्ती है लेकिन डिपार्टमेंट अलग होने से बातचीत नहीं हो पाती ।

एक दिन अंशु के फोन में रात 1 बजे एक मैसेज आता है । मैसेज में साफ-साफ लिखा होता है कि मुझे कुछ कहना है । ये मैसेज किसी और का नहीं श्रेया का ही था । अंशु समझ गया कि श्रेया उसकी तरफ अटरैक्ट है और अब वह बात आगे बढ़ाना चाहती है लेकिन आगे जो हुआ, अंशु दंग रह गया ।

श्रेया – हाय अंशु ! मैं श्रेया

अंशु – हाय श्रेया । इतनी रात को क्या हुआ ?

श्रेया – मैं बिस्तर पर लेटी हूं, मुझे किस करो ।

अंशु एक प्लेबॉय लड़का था, उसे समझने में देर नहीं लगी कि आज श्रेया की चुत गीली हो गई है और उसे लंड की प्यास है ।

अंशु – तुमने क्या पहना है ?

श्रेया – मैं नंगी लेटी हूं ।

अंशु – अपना हाथ अपनी चुत पर लगाओं और मेरा नाम लो ।

श्रेया – ओके …अंशु…अंशु…ओ माय गॉड ।

अंशु – कैसा लग रहा है ?

श्रेया – आ……..मुझे मुंह में लेना है, लेकिन मैं मान नहीं रही ।

अंशु – मैनें तेरे चूचों को चुसना शुरु कर दिया है और अब तेरे बाल खींच कर तेरे चुतड़ों पर थपड़ मार रहा हूं ।

अंशु – मेरा लंड पकड़ श्रेया ।

श्रेया – पकड़ लिया ।

अंशु – अब मुंह में ले और लंड चाट । कैसा लग रहा है ?

श्रेया – बहुत मज़ा आ रहा है….आ…

अंशु – अब मुझे तेरी चुत चाटनी है और इसीलिए मैंने तूझे पैरों से खींचकर तेरी टांगे खोल दी हैं ।

अब तेरी चुत चाट रहा हूं……

श्रेया – हल्का-हल्का चाट रहे हो या ज़ोर से ?

अंशु – ज़ोर से, और तू पागल हो रही है ।

श्रेया – इतनी ज़ोर से चाटोगे तो पागल तो हो ही जाऊंगी न । आ……अंशु …..आ…..मत चाटो……माँ…..

श्रेया हवस की चरमसीमा तक पहुंच चुकी है ।

अब अंशु कहता है – श्रेया अब तूझे पीछे से चोदूंगा ।

श्रेया – पीछे से ? न बाबा न, मैनें सुना है बहुत दर्द होता है ?

अंशु – अरे…तेल लगाकर चोदूंगा, तू चिंता मत कर । पीछे से चुदने का मज़ा ही कुछ और है, एक बार चुद लेगी न तो हमेशा पीछे से ही चुदेगी ।

श्रेया – आ…….और ज़ोर से……आ……चोदो…मुझे अंशु और जोर से ।  आ……………

अंशु – अब मैंने तुझे अपने लंड पर बिठा दिया है, चल अब घोड़े की सवारी कर ।

श्रेया – आ….कर रही हूं……मेरे चुचों को ज़ोर से दबाओ, उन्हें चूसो…मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही…आ…………..

अंशु – अब मैं तेरे ऊपर हूं और चोद रहा हूं तूझे…..आजा, आ…………..

श्रेया – हाँ…..आ,आ,आ,आ,आ । इतने तेज़ झटके मैनें कभी नहीं खाये । मज़ा आ गया अंशु, मेरा पानी निकल गया सारा ।

अंशु – मेरा भी ।

अगली सुबह होती है और सब ऑफिस आते हैं ।

अंशु – श्रेया, तुम तो बहुत बोल्ड हो ।

श्रेया – क्यों ?

अंशु – नहीं, तुम कहीं आती-जाती नहीं । कपड़े भी ओल्ड फैशन पहनती हो और कोई लड़का दोस्त भी नहीं तुम्हारा, मुझे तो तुम बोरिंग लगती थी, लेकिन कल रात क्या हुआ ।

श्रेया – शुरु से घर वालों ने गर्ल्स स्कूल में डाल दिया और कभी भी अपने पसंद की ड्रैस पहनने नहीं दी । कहीं बाहर जाने नहीं दिया, कभी किसी लड़के से दोस्ती तक नहीं हुई । कभी दोस्ती नहीं हुई तो कभी किसी लड़के के करीब नहीं आई । आज तक हर रात सिर्फ चूत की प्यास मिटाने के लिए उंगली अंदर देकर काम चला रही हूं । मैं चाहती हूं कि कल जो फोन पर मैसेज में हुआ वो अब हकीकत में हो । मुझे चुदना है और लंड चुसना है । चुसवाओगे न ?

अंशु – हाँ क्यों नहीं, ये काम हम अभी भी कर सकते हैं ।

श्रेया – वो कैसे ?

अंशु – चलो मेरे साथ गाड़ी के अंदर ।

अंशु ने श्रेया को गाड़ी में बिठा दिया और शीशों को ढक दिया । उसके बाद अंशु ने श्रेया को लंड पर बैठाया और झटके देने शुरु किए ।

श्रेया – आ….आ….आ…..आ…अंशु…..आ……आ…………….

एक ओर जहां अंशु के हाथ अपने आप मछली फंस गई थी वहीं श्रेया की सालों से दबी अधूरी प्यास पूरी हो रही थी । उस दिन श्रेया को अंशु ने गाड़ी में बार-बार 4 बार चोदा और लंड भी चुसवाया ।

अब ऑफिस के बाद गाड़ी में घूमना, शराब पीना और चुदना श्रेया की आदत बन चुकी थी । अंशु के लिए हवस पूरी करने का एक ज़रिया थी वहीं श्रेया जो सालों से हवस को अपने अंदर भरे बैठी थी, एक-एक करके चुदने के अपने अरमानों को पूरा कर रही थी । लेकिन अंशु को यह अंदाज़ा भी नहीं था कि कब श्रेया का उससे मन भरने लगा था और वह नए शिकार की खोज कर रही थी, जो चोदने में अंशु का भी बाप हो ।

अगले ही दिन ऑफिस में एक नए ट्रेनी ने ज्वाइन किया । नाम– विवेक एहलावत, हरियाणा के एक छोटे से शहर जिंद का रहने वाला लड़का, जो नौकरी की तलाश में अपना घर छोड़कर यहाँ आया था । श्रेया से उम्र और एक्सपीरियंस में छोटा लेकिन दिखने में एकदम हीरो । कसा हुआ बदन और हार्ड लुक । श्रेया कॉफी लेने कैफेटेरिया की ओर बढ़ी तभी उसकी नज़र विवेक पर पड़ी । क्या श्रेया की अधूरी प्यास का शिकार विवेक भी हो जाएगा या फिर श्रेया की प्यास अधूरी ही रह जाएगी ? ये जानने के लिए ज़रुर पढ़ें अधूरी प्यास का अगला भाग, जल्द ही !

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