Hindi Stories Do Dilo Ki Aag

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Do Dilo Ki Aag
Do Dilo Ki Aag

hindi stories (Do Dilo Ki Aag) ( दो दिलों की आग ) प्यार बिल्कुल पंछी की तरह होता है, जब तक पिंजरे में रहता है,समाज उसे इज्ज़त भी देता है और रहने की आज़ादी भी लेकिन अगर पंछी ज़रा भी उड़ने की कोशिश करे तो उसके पर कुतरने को भी हमेशा तैयार रहता है । समाज और दुनिया शायद भूल जाती है कि प्यार तो पंछी होता ही नहीं वो तो आसमान है जो कहाँ से शुरू है और कहाँ खत्म, ये कोई नहीं जानता । आज की दुनिया में बहुत कम खुशकिस्मत लोग ऐसे होते हैं जिन्हें सच्चा प्यार मिलता है, क्योंकि आज की दुनिया में प्यार का मतलब सिर्फ अपनी हवस को पूरा करना है । कोई सीधे जता देता है तो कोई प्यार की आढ़ में ये खेल खेलता है लेकिन ज़रूरत सबको हवस की है, प्यार की नहीं ।

लेकिन ऐसा नहीं है कि प्यार है ही नहीं, कुछ लोगों के ये प्यार आज की दुनिया में मुफ्त में मिल जाया करता है,

ये और बात है कि वो इसकी कद्र नहीं करते । ये कहानी है मनोज की जो एक दिलफेक लड़का है, लड़कियाँ बदलना उसके लिए बिल्कुल वैसा है जैसे लोग कपड़े बदलते हैं और मौज-मस्ती, अय्याशी उसको विरासत में मिली है । मनोज के दादाजी हरियाणा के बड़े नेता थे और फिर उसके पिता ने अपना बिजनेस खड़ा किया । मनोज उसी बिजनेस के बीज बड़ा हुआ और उसे हर तरफ बस पैसा ही नज़र आया और यही वजह है कि वो ज़िंदगी को कभी समझ ही नहीं पाया । खैर मनोज पैसों और जवानी की आंधी में बहता चला जा रहा है ।

hindi stories शराब, नशे, लड़कियाँ, पैसा, गाड़ियाँ, ये सब आज मनोज के जीने की वजह बन चुके हैं

और आज मनोज इन सबमें इतनी अंदर तक चला गया है कि उसे दुनिया का होश नहीं है । वो रोज़ लड़कियों के साथ कभी होटल, कभी रिसॉर्ट तो कभी उनके घरों में रात बिताता है और सुबह होते ही निकल जाता है । हर लड़की, जिसके साथ मनोज रात बिताता है, उसे उस रात की कीमत मिल जाती है । लड़कियाँ मनोज के लिए सिर्फ दिल बहलाने की चीज़ है, जिससे जब मन किया दिल बहला लिया । वो बहन, बीवी जैसे रिश्तों से बिल्कुल अंजान है ।

दूसरी तरफ रश्मी है जो पैदा तो बहुत आम परिवार में हुई लेकिन उसके अंदर बड़ा बनने की भूख बचपन से ही रही । Do Dilo Ki Aag

वो किसी भी कीमत पर बड़ा बनना चाहती है, चाहे किसी को धोखा ही क्यों न देना पड़े, वो बस अपनी औकात बदलना चाहती है और दुनिया को ये दिखाना चाहती है कि वो जहाँ पैदा हुई वहाँ मरेगी नहीं । उसकी मौत भी बहुत कीमती होगी । रश्मी को उठते-बैठते बस पैसा ही दिखता है । रश्मी एक दिन अपने दोस्त के साथ बार में बैठी हुई थी वहीं मनोज आ गया और रश्मी ने देखा कि मनोज के आते ही बार का मैनेजर हाथ जोड़कर मनोज के आगे खड़ा हो गया । hindi stories

ये देखकर रश्मी समझ गई कि मनोज बहुत अमीर इंसान है और मनोज

क्योंकि दिखने में भी अच्छा था तो रश्मी उसकी तरफ आकर्षित हो गई । ऐसा नहीं था कि मनोज ने रश्मी की तरफ ध्यान नहीं दिया था । मनोज काले चश्मे पहनता ही इसलिए था कि उसके अंदर से वो लड़कियों को चैक आउट कर सके और लड़कियों को लगता था कि मनोज ने उनकी तरफ देखता ही नहीं । लेकिन मनोज तो हमेशा लड़कियों को ही देखता रहता था

रश्मी को भी यही लगा । hindi stories

खैर, रश्मी ने अपना ध्यान वहां से हटाया और वो पार्टी एंजॉय करने में लग गई । 
पार्टी करते-करते रात के 3 बज गए और बार में उस वक्त तक सिर्फ 15 या 16 लोग ही बचे थे और वो सब पूरी तरह नशे में धूत थे । उनमें रश्मी भी थी और मनोज भी । मनोज जैसे-तैसे खुद को संभालते हुए बाहर निकला और गाड़ी के अंदर घुसने की वाला था कि पीछे से धक्का आया ।

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वो रश्मी थी जो होश में नहीं थी और रश्मी को ये नहीं पता चला कि वो जिससे टकराई है

वो कोई और नहीं, मनोज है । मनोज ने बेहोशी की हालत में कहा – हाय बेबी, कहीं छोड़ दूं तुम्हें, लेकिन रश्मी की आवाज़ तक नहीं निकल रही थी, वो बस सोना चाहती थी । मनोज ने गाड़ी का पीछे वाला दरवाज़ा खोला और दरवाज़ा खुलते ही रश्मी पीछे वाली सीट पर लेट गई । मनोज आगे आया और गाड़ी सीधे अपने घर पर ले गया । मनोज ने रश्मी को उठाया और गेस्ट रूम के बेड में डाल दिया ।

सुबह के 11 बजे रौशनी की आंखें खुली तो वो डर गई और डर के मारे बहुत ज़ोर से चिल्लाने लगी । घर के सारे नौकर रौशनी के पास आ गए और रौशनी ने कहा – तुम लोग कौन हो और मेरे साथ क्या किया तुमने ?नौकरों में जो सबसे बड़ा था, वो आगे आया और बोला – बेटी, हमने कुछ नहीं किया है, कल रात बाबा आपको नशे की हालत में लाए थे और आप अभी जाग रही हैं ।

रश्मी ने कहा – कौन बाबा ?नौकर ने जवाब दिया – हमारे मनोज बाबा और कौन ?

क्या आप उन्हें नहीं जानती ?इससे पहले की रश्मी आगे कुछ कहती मनोज आ गया और सभी नौकरों को नाश्ता लगाने के लिए कहा और फिर रश्मी से बोला – हाय, मैं मनोज हूं, रश्मी मनोज को पहचान गई कि ये तो वही अमीर लड़का है जो कल पार्टी में था । उसके बाद मनोज ने कहा – कल आपने ज़्यादा पी ली थी और आप बुरी तरह नशे में थी और मुझसे टकरा गईं,

आपको यहाँ ले आया, अगर आप ठीक हैं तो नीचे आ जाइए, नाश्ता कीजिए और फिर आपको जहाँ जाना हैं वहां मेरा ड्राइवर आपको छोड़ देगा । मनोज ऐसा कहकर चला गया और फिर रश्मी ने उस घर की तरफ देखा और उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं । रश्मी ने ऐसा घर सिर्फ फिल्मों में देखा था जहाँ 15-20 नौकर काम कर रहे हैं, सीढ़ियाँ इतनी ऊंची हैं कि देखने के लिए कद छोड़ा पड़ जाए । hindi stories

Do Dilo Ki Aag रश्मी ने अपने लिए जो सपना देखा वो इस घर को देखकर भूल गई ।

रश्मी ने सोचा – इतना बड़ा घर तो मैनें कभी सपने में भी नहीं देखा और ये लड़का इस घर का मालिक है । अब रश्मी की ज़िंदगी का एक ही मकसद था कि किसी भी तरह मनोज को बस में किया जाए पर रश्मी नहीं जानती थी कि मनोज तो हवा की तरह है, एक छौंका यहाँ तो दूसरा कहीं और । वो रूकने वाला नहीं । लेकिन पैसों की चमक ने रश्मी को अंधा कर दिया । अब रश्मी हर उस जगह नज़र रखने लगी, जहाँ मनोज जाता है, उठता है, बैठता है, खाता है ।

मनोज को ये सब पता चल रहा था लेकिन वो

hindi stories लड़की को तब तक तड़पाता है जब तक लड़की उसके साथ खुद रात गुज़ारने के लिए उसे न कहे ।रश्मी ने मनोज को इंस्टाग्राम में फौलो कर लिया और उसे चेक-आउट करने लगी । रश्मी अब पूरी तरह मनोज पर फिदा थी और वो न चाहकर भी मनोज को भूला नहीं पा रही थी क्योंकि मनोज उसके लिए सिर्फ एक अमीर लड़का नहीं था, वो उसकी किस्मत की चाबी था, रश्मी उसके साथ शादी के सपने देखने लगी थी लेकिन सच्चाई बिल्कुल उलटी थी ।

मनोज सिर्फ रश्मी के शरीर को पाना चाहता था और इसके अलावा वो रश्मी से और कुछ नहीं चाहता था ।

खैर, रश्मी ने मनोज को मैसेज किया कि मुझे आपसे बात करनी है । मनोज ने कहा – कहो रश्मी – मुझे आप अच्छे लगते हो, क्या हम कुछ सोच सकते हैं मनोज बहुत लड़कियों को देख चुका था और वो ये जानता था कि रश्मी एक आम परिवार की लड़की है और अगर वो उसे प्यार का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाएगा तो हो सकता है कि वो मुसीबत में आ जाए । इसलिए मनोज ने रश्मी से साफ-साफ कह दिया कि मैं आपसे प्यार नहीं करता और न ही करूंगा, हां लेकिन अगर आप मेरे साथ वक्त बिताना चाहती हो, तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन ये उम्मीद कभी मत करना कि मैं कभी प्यार करूंगा ।ये सब सुनकर रश्मी जैसे खुश हो गई क्योंकि वो भी मनोज का इस्तेमाल सिर्फ तरक्की के लिए ही करना चाहती थी ।

मनोज उसके लिए सिर्फ ऊपर जाने की एक सीढ़ी था और कुछ नहीं और वही हुआ ।

रश्मी ने कहा – आज रात मिलें ?मनोज – बिल्कुल, मेरे फॉर्म हाउस में आ जाओ, मस्ती करेंगे और मनोज ने फॉर्म हाउस का पता रश्मी को दे दिया ।अब रश्मी और मनोज के बीच दो ही रिश्ते सांस ले रहे थे और वो थे  – पैसे और शरीर की बेतहाशा हवस ।दरअलस रश्मी बहुत हसीन लड़की थी, उसकी शक्ल जितनी खूबसूरत थी, उससे ज़्यादा उसका शरीर आकर्षक था और रश्मी को देखकर मनोज सिर्फ उसके साथ एक नहीं कईं रातें बिताने का ख्वाब देख चुका था और रश्मी भी अपनी उस रात के बदले मनोज से मनमाने रुपए वसूलने को तैयार थी । मतलब आग दोनों तरफ बराबर लगी थी और जब हालात ऐसे मोड़ पर आ जाएँ तो न शर्म बीच में आती है और न ही कुछ दिखाई देता है । hindi stories

Do Dilo Ki Aag रश्मी और मनोज अब बस जगह बदल रहे थे –

कभी होटल का कमरा, कभी गाड़ी के अंदर, कभ बाथरूम में, कभी कीचन, कभी सिनेमा हॉल । हर जगह सिर्फ शरीर और पैसे की भूख थी जो एक दूसरे पर हावी होती जा रही थी । न दिन, न सुबह और न रात, बस शरीर की भूख और पैसों का लालच । लगातार 15 दिन एक दूसरे को अच्छी तरह खा लेने के बाद रश्मी के पास कम से कम 30 लाख रूपए जमा हो गए थे जो एक बहुत बड़ी रकम थी । रश्मी ने कभी ये नहीं सोचा था कि उसके हाथ कोई इतना बड़ा मुर्गा लगेगा । मनोज भी रश्मी को हर अंग से भाप चूका था और उसके शरीर की खूशबू में खो चुका था । अब उन दोनों के बीच पर्दे जैसा कुछ नहीं था और दोनों पर एक दूसरे की ज़रूरत बन गए थे । hindi stories Do Dilo Ki Aag

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