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Hindi Stories जब जवानी अपनी सारी हदें पार करने को बेचैन हो और मदहोशी का लावा बाहर निकलने को तैयार हो जाए तो हदें अक्सर बहुत पीछे छूट जाती हैं । यही कहानी है गुरप्रीत और उसकी मस्त जवानी की । गुरप्रीत पंजाब के अमृतसर की रहने वाली है, उम्र अभी कच्ची है, सिर्फ 20 साल लेकिन अपने अंदर वो जवानी का ऐसा सैलाब छुपाए बैठी है जो जिस मर्द पर भी फूटा वो निहाल हो जाएगा । उसे इसी जनम में जन्नत दिख जाएगी । पंजाबी होने की वजह से कद-काठी और आकार में गुरप्रीत का शरीर किसी मखमल जैसा कोमल और गुलाब की तरह महक रहा था ।

गुरप्रीत अपने लिए एक सजीले और आकर्षक मर्द की तलाश कर रही थी लेकिन उसके आस-पास जो मर्द थे, उनकी या तो शादी हो गई थी या वो नौकरी या पढ़ाई करने बाहर चले गए थे । लेकिन ऐसा नहीं थी कि गुरप्रीत शादीशुदा मर्दों पर छाई हुई नहीं थी ।

अपने इलाके के 15 से 20 मर्द उसका नाम लेकर अपनी रातें गरम करते रहते थे ।

शादी होने के बाद भी गुरप्रीत की जवानी उनपर हावी थी और वो मौके की तलाश में रहते थे । इधर गुरप्रीत ने इशारा किया और उधर वो खड़े थे । लेकिन गुरप्रीत चाहती थी कि उसे चाहने वाला मर्द वो हो जो किसी के बस में न हो, जो किसी के आगे-पीछे न घूमे, और अगर एक बार गुरप्रीत के चक्कर में पड़ जाए तो जबतक गुरप्रीत चाहे उसे इस्तेमाल करे । लेकिन ऐसा मर्द मिल पाना गुरप्रीत के लिए मुश्किल हो रहा था, इसलिए जवानी पलंग पर अकेले ही गीली हो रही थी ।

गुरप्रीत के चाचाजी और पापा एक ही मकान में रहते थे, गुरप्रीत के चाचा का लड़का सिमर 5 साल पहले ही कनाडा चला गया था, आज ही सुबह उसका फोन आया कि वो कल फ्लाइट से वापस आ रहा है, वो भी पूरे 1 महीने के लिए । पूरे घर में जश्न का माहौल था, बेटा 5 साल बाद वापस आ रहा था । गुरप्रीत को भी छोटे भाई के आने की खुशी थी और वो भी परिवार वालों के साथ खुशी में शरीक हो गई थी । Hindi Stories

Hindi Stories अगले दिन गुरप्रीत के पापा और चाचा

सिमर को एयरपोर्ट लेने के लिए निकले तो गुरप्रीत ने भी साथ चलने की ज़िद की तो वो उसे भी साथ ले गए । एयरपोर्ट से जैसे ही सिमर बाहर निकला उसे पहचानना मुश्किल हो गया क्योंकि 5 साल पहले जो सिमर कनाडा गया था वो दुबला-पतला, मुरझाया सा चेहरा था लेकिन अब जो लौटा है तो गठीला, सुंदर नौजवान बनकर लौटा है । जैकेट, जीन्स और आंखों पर काला चश्मा । कद भी पहले से बढ़ गया था और छाती भी ।

सिमर किसी मॉडल की तरह दिख रहा था और गुरप्रीत ने जैसे ही उसे देखा वो उसे देखती ही रह गई । उसे सिमर में छोटे भाई की भावना की नहीं जगी । वो तो गुरप्रीत के सपनों का वो राजकुमार था जिसका गुरप्रीत सालों से सपना देख रही थी । गुरप्रीत के पापा ने कहा – अरे पहचान, अपने छोटे भाई को, क्या हुआ तू तो बुद बनकर खड़ी हो गई । Hindi Stories

उसके बाद सिमर ने भी गुरप्रीत और उसके गठीले बदन को देखा लेकिन रिश्ते की खातिर फौरन नज़रें घुमा ली ।

Hindi Stories गुरप्रीत तैयारी के साथ टाइट टी- शर्ट और लेगिंग्स पहन कर एयरपोर्ट गई थी ताकि उसका फिगर अच्छी तरह दिख सके और वही हो रहा था । कनाडा में रहते -रहते सिमर लड़कियों को घुमाना और उनके साथ हैंगआउट करना एक फैशन समझता था । खैर वो लोग गाड़ी में बैठे और घर की ओर चल दिए । जैसे ही घर पहुंचे, वहां माँ, चाची, दादा, दादी और बाकि छोटे बच्चे सिमर का स्वागत करने लगे । सिमर को देखकर पूरा परिवार भावुक था और कहीं-कहीं सिमर भी । लेकिन गुरप्रीत को ये बात हजम नहीं हो रही थी कि उसके सपनों का राजा उसी का कज़न भाई निकलेगा ।

अब रिश्ता बीच में आ रहा था लेकिन गुरप्रीत की जवानी का लावा सिमर को देखने के बाद चरमसीमा पर पहुंच गया था । रात हुई, सबने मिलकर खाना खाया । खाने के बाद सिमर की माँ ने कहा – पुत्तर तेरा कमरा तैयार कर दिया है, उपर से दूसरा है, ठीक गुरप्रीत के बगल वाला । सिमर ने गर्दन हिलाई और चुपचाप ऊपर चला गया । सिमर लेटा ही था कि दरवाज़े पर दस्तक हुई । सिमर ने जाकर दरवाज़ा खोला तो देखा सामने गुरप्रीत आई हुई थी ।

  • गुरप्रीत – क्या मैं अंदर आ सकती हूं
  • सिमर – जी, बिल्कुल, आओ
  • गुरप्रीत सीधे बिस्तर पर जाकर बैठ गई और बोली – क्या बात है हीरो, तू तो पूरा बदल गया ।
  • सिमर – हंसते हुए, क्या, क्या बदल गया
  • गुरप्रीत – कनाडा जाकर तू तो बिल्कुल हीरो हो गया, स्मार्ट, हॉट
  • सिमर – अच्छा, आपको ऐसा लगता है
  • गुरप्रीत – अब ज़्यादा भोला न बन, मुझे पता है कनाडा में क्या-क्या होता है । तू ये बता कितनी गलफ्रैंड है तेरी ?
  • सिमर – एक भी नहीं
  • गुरप्रीत ये सुनते ही जैसे अंदर ही अंदर खुशी से झूम उठी और बोली – अच्छा बच्चू, बच्चा अब बड़ा हो गया है लेकिन इतना बड़ा भी नहीं हुआ कि मुझसे झूठ बोल सके ।
  • सिमर – नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है लेकिन अंदर ही अंदर सिमर भांप रहा था कि गुरप्रीत उससे फ्रैंक होना चाह रही थी ।

Hindi Stories धीरे-धीरे बातों का सिलसिला आगे बढ़ा ।

अब इतना तो तय हो चुका था कि दोनों के बीच कसन भाई-बहन का रिश्ता दोनों में से कोई भी कूबूल करने को तैयार नहीं था । दोनों की बातें गहरी होती रात के साथ और गहरी होने लगी और जब बात बहुत निजी हो गई तो गुरप्रीत सिमर को अधूरा छोड़कर फौरन अपने कमरे में चली गई । अब सिमर बेताब हो गया था, वो यहाँ पूरे एक महिने के लिए आया था और अब उसे पूरा महिना काटने के लिए एक जुगाड़ मिल चुका था ।

गुरप्रीत का कसा हुआ बदन पहले से ही सिमर की आंखों में खटक रहा था, सिमर ने रात को उसकी ओर जाना ज़रूरी नहीं समझा और फौरन अपने फोन के पास जाकर सिमर को मैसेज भेज दिया । गुरप्रीत ने कहा – क्या हुआ हालांकि उसे पता सबकुछ था क्योंकि वो सिमर को तड़प की आग में अकेला छोड़कर आई थी । अब तक सिमर भी खुल चुका था और वो सीधे बोला – तुम्हारी आज की बातों ने मुझे मदहोश कर दिया है और तुम्हार फिगर, उफ्फ…कयामत है कयामत ।

तुम्हारा साइज़ क्या है ?

  • गुरप्रीत कब से ऐसी रात के इंतज़ार में थी, उसने फौरन कहा – 34, तुम्हें पसंद है
  • सिमर – बहुत, मन करता है कि खो जाऊं उनमें
  • गुरप्रीत – तो रोका किसने है
  • सिमर – अच्छा अगर तुम्हारे कमरे में आकर तुम्हें पकड़ लूं तो
  • गुरप्रीत – तो खाली हाथ नहीं जाने दूंगी, जन्नत दिखाऊंगी ।

कुछ ही देर में बातों ने सारी हदें पार कर दी और दोनों के पलंग गीले हो गए ।

अब कुछ रातें तो यूं ही बीत गई लेकिन अब दोनों को एक दूसरे का हो जाने के अलावा और कुछ मंज़ूर नहीं था लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल रहा था । एक दिन दोनों ने एक प्लान बनाया कि घर से कुछ दूर किराए पर कमरे मिलते हैं, वहाँ जाकर एक दूसरे की बेचैन को दूर करेंगे । दोनों तैयार थे जैसे आग दोनों तरफ बराबर लगी हो । दोनों ने घरवालों से कहा कि हम घूमने जा रहे हैं शाम तक लौट आएंगे लेकिन घरवालों ने इज़ाजत नहीं दी, गुरप्रीत ने बहुत मनाया कि सिमर ये इलाका पूरी तरह देखना चाहता है, लेकिन घरवालों ने कहा – कि सिमर यहाँ नया है, और तुम हो लड़की, अगर उसे जाना है तो हम ले जाएंगे ।

दोनों का प्लान धरा का धरा रह गया लेकिन किसने सोचा था कि आने वाले दिनों में दोनों की लॉटरी लगने वाली थी ।

Hindi Stories पड़ोस के गांव में एक शादी थी जिसका निमंत्रण गुरप्रीत के परिवार को भी था और शादी अपनी ही बिरादरी की थी । गुरप्रीत ने इस बार ऐसा प्लान बनाया कि कोई मना ही नहीं कर पाया । जिस दिन सारे तैयार होकर शादी में जाने की बात करने लगे गुरप्रीत ने बाथरूम में पानी की पाइपलाइन खराब कर दी और पानी रोक दिया और कहा कि मैनें प्लंबर को फोन कर दिया है और आता ही होगा, आप लोग जाइए, मैं देख लूंगी । घरवालों ने कहा – नहीं, हम से एक यहाँ रूकेगा ।तो गुरप्रीत फौरन बोल उठी – हाँ तो ठीक है, ये सिमर रूक जाएगा यहाँ, फिर जैसे ही पाइप ठीक होता है हम दोनों आ जाएंगे । घरवाले फौरन तैयार होकर निकल गए और पीछे से गुरप्रीत ने पानी खोल दिया ।

गुरप्रीत बाथरूम में गई और चुपचाप जाकर खड़ी हो गई और ऊपर शॉवर चला दिया ।

पीछे से सिमर अचानक आ गया और गुरप्रीत को बाहों में दबोच लिया । आज वो हसरत पूरी होनी थी जिसका दोनों को कईं दिनों से इंतज़ार था । अब धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के पहलू में सिमटने लगे । गुरप्रीत ने खुद को सिमर पर पूरी तरह सौंप दिया और सिमर धीरे-धीरे बेताबी को बढ़ाने लगा । ऊपर से शॉवर में पानी की ठंडी-ठंडी बूंदें और नीचे से गरम सांसे भरी जा रही थी । दोनों अपनी सब्र के बांध को तोड़कर एक दूसरे में खो गए और शुरू हो गया खेल । वो खेल जिसे कोई रोक नहीं सकता, वो खेल जिसमें कोई सीमाएं नहीं होती, बस खेलने वालों की बेतहाशा ख्वाहिंशें होती हैं जिन्हें पूरा करने की कोशिश दोनों ओर से होती हैं । धीरे-धीरे मज़ा दर्द में बदल गया और अब हल्की गूंजने लगी और चीखों के साथ दोनों की बेताबी मिट रही थी,

एक दूसरे को पाने की तमन्ना पूरी हो रही थी और दोनों उस पल में सदियों का मज़ा महसूस कर रहे थे ।

गुरप्रीत की आग जो इतने सालो से उसने बुझाई राखी थी अब वो एक जवाला की तरह जलने लगी. सिमर की बॉडी को छूना जैसे एक जलती हुई भट्टी को और भड़काना था ।गुरप्रीत इतनी बेकाबू हो चुकी थी कि उसने सिमर को चूमना और चाटना शुरू कर दिया था ।यहाँ तक कि उसने उसके कान को धीरे से अपने दांतो से दबाया ।गुरप्रीत की हरकत कुछ इस तरह की थी मानो कबसे भूखी हो । Hindi Stories

सिमर को अंदाजा हो गया था कि आज तूफान आएगा और बहुत रस बहेगा दोनों का ।

सिमर ने भी गर्दन से पकड़ा और अपने उतावलेपन को जाहिर किया ।गुरप्रीत के सबर का बाँध टूट रहा था वो मानो पागल हो रही थी और सिमर को यह बहुत पसंद आ रहा था ।सिमर ने अपना गुरप्रीत के हाथो में दिया ।गुरप्रीत ने उसे देखा और चौंककर हैरान थी और ख़ुशी से पागल हो गयी । वह लम्बा और मोटा था.

Hindi Stories उसने कहा – मैं है इसे खा जाऊं, गुरप्रीत ने उसे मुँह में भर लिया और उसके स्वाद का मज़ा लेने लगी.

सब किया और बोली अब बस चलो उसे भरदो मेरे अंदर । सिमर ने भी वही किया क्योंकी दोनों को एक डर भी था कि उनके पास समय कम है.

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दोनों जल्द एक दूसरे से खेल शुरू हुआ.

मैदान गिला और बल्ला फिसल रहा थालेकिन गीली पिच में आखिर बल्ले को सही जगह मिली और फिर शॉट पे शॉट लगने लगे । मैदान पानी से भरता जा रहा था और खेल में खूब मज़ा आ रहा था । वो दोनों एक-दूसरे की आँखों में खो गए और खेल जारी रहा ।

सुख के आनंद में गुरप्रीत ने आंखे बंद की और लगातार पढ़ रहे शॉट के मज़े लिए ।कमरा आवाजों से गूंज रहा था और दोनों का खेल बस ख़त्म होने वाला था । जैसे ही खेल ख़तम होने के मोड़ में आया दोनों ने सब कस लिया और फ्री हुए । एक महीना यह खेल हर रात 1 बजे से सुबह 4 बजे तक चलता रहा और आज भी यह खेल फोन पर जारी है । Hindi Stories

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