maharastra me nayi sarkar

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maharastra me nayi sarkar
maharastra me nayi sarkar

पिछले दिनों राजनीति के अखाड़े में सर्कस दिखाया गया ।

maharastra me nayi sarkar कोई अपनी कुर्सी पकड़ के बैठ गया तो कोई दूर विधायकों का जमावड़ा लेकर बैठ गया और कोई तीसरा था जो सिर्फ मौके के इंतज़ार में था और जैसे ही मौका मिला, वार कर दिया । अच्छी बात है, नया मुख्यमंत्री, नया उपमुख्यमंत्री, नई सरकार और आने वाले दिनों  में नए मंत्री भी बन जाएंगे लेकिन सोचने वाली बात ये है कि इन सब कार्यक्रम के बीच शुरू से अंत तक अगर कोई सबसे ज़रूरी है तो वो जनता और उसके काम ।

जिसके वादे लेकर ये नेता हाथ जोड़कर उनके पास गए थे । सत्ता किसी को भी मिले, मलाई कोई भी खाए लेकिन जनता का नुकसान नहीं होना चाहिए क्योंकि उसने अपना काम बखूबी किया है । वोट दिया है, विधायक चुने हैं, सरकार बनाई है । कहीं नाले की समस्या है, कहीं डेंगू मच्छर की, कहीं स्कूल बनवाना है, कहीं अस्तपाल बनाने हैं और नौकरियाँ भी देनी है ।

maharastra me nayi sarkar ये सब कौन करेगा ?

सालों से यही होता आया है, इस लेख को जो भी इंसान पढ़े वो अपने दिमाग में से ज़रूर सोचे कि अगर एक भी दिन वो आदमी, जिसके भरोसे परिवार पलता है, अगर काम पर न जा पाए, उसके पास नौकरी न हो,

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तो परिवार खाएगा क्या ?

क्या नेता आम आदमी के घर आकर राशन पहुंचाएगा या ज़िम्मेदारी लेगा कि जब तक वो उसके इलाके में नेता के तौर पर है उसे राशन की चिंता करने की ज़रूरत नहीं । जी नहीं, ऐसा न कभी हुआ है और न कभी होगा । हम वो लोग हैं जो रोज़ कुंआ खोदते हैं और रोज़ पानी भरते हैं । हमारी आमदनी हमारे खर्चों का बोझ बड़ी मुश्किल से उठा पाती है और हमारा बोझ है जो दिनभर दिन बढ़ता ही जा रहा है । एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री हो गए, बाला साहेब का सपना पूरा हो गया, हिंदुओं की जीत हुई, एक शिवसैनिक मुख्यमंत्री बन गया – ये सब बहुत अच्छा हुआ लेकिन अगर एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस भी सत्ता आने के बाद वैसा ही करेंगे जिसका आरोप पो उद्धव ठाकरे पर लगाते हैं, तो क्या होगा ।

जनता का तो दिल ही टूट जाएगा लेकिन एक कढ़वा सच ये है कि काम न होने की संभावना ज़्यादा है और काम होने की कम । क्योंकि जिस तरह सरकार बनाई गई है, मकसद सिर्फ अपना-अपना दिखाई दे रहा है, जनता जो सारा खेल टीवी और अखबारों के ज़रिए देख रही है, उसे कुछ मिलेगा भी या नहीं, ये बहुत जल्द बाहर आ जाएगा । आप समय लेकर चलिए अगले 5 से 6 महीने यानी नवंबर या दिसंबर । 

सरकार का मूल्यांकन करते रहिए, जो लोग पिछली सरकार पर जिस तरह के आरोप लगाते हैं

वो खुद सत्ता पर बैठते हैं तो कैसा आचरण करते हैं । महाराष्ट्र की प्रगति वहाँ के लोगों की प्रगति है, महाराष्ट्र विकास करे, आगे बढ़े, यही हर कोई चाहता है लेकिन सत्ता पर इतना बड़ा फेरबदल करने वाले नेता और ये कहने वाले कि उन्हें सत्ता या कुर्सी का मोह नहीं है, क्या जनता के लिए भी काम करेंगे । बाला साहेब हमेशा जय हिंद, जय महाराष्ट्र का नारा लगाते थे और कहते थे कि मैं भले ही माराठी मानुष हूं लेकिन फिर भी मेर लिए देश पहले है और राज्य बाद में, इसलिए मैं हमेशा जय हिंद पहले कहता हूं ।

अगर आप महाराष्ट्र के नहीं हैं और महाराष्ट्र से बाहर रहते हैं तो महाराष्ट्र की इस नई सरकार, नए मुख्यमंत्री और नए उपमुख्यमंत्री के लिए दुआ करें कि ये लोग महाराष्ट्र को प्रगति की ओर ले जाएं और राज्य में किसी तरह का कोई भष्टाचार या दूसरे घोटाले सामने न आएं । महाराष्ट्र आगे बढ़ता रहे और साथ ही साथ सभी राज्य भी विकास की ओर प्रगतिशील रहें तभी देश का विकास संभव है । 

जय हिंद, जय भारत ।

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