Pati Ne Chodi Dost

(Pati Ne Chodi Dost) पति ने की सहेली की चुदाई

ये बात इसी साल फरवरी की है । दिल्ली में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी और मौसम बहुत ठंडा और बिस्तर गरम हो रहा था । मेरे पति शैलेश से मेरी शादी हुए अभी दो महिने भी नहीं बीते थे । शैलेश और मैं नई शादी का पूरा आनंद ले रहे थे । घर में सास और ससुर के रहते हुए हम रातभर और सुबह चुदाई करते थे । शैलेश अपना पानी बहा रहे थे और मैं अपना, हम दोनों ही प्यार और वासना के बीच खेल रहे थे ।

हमारा कमरा मेरी आहों और सिसकियों से भर चुका था और हमेशा गरम रहता था । शैलेश और मैं सुबह 6 बजे के आस-पास उठ जाते थे और रजाई के अंदर आग लग जाती थी । शैलेश पूरी ताकत के साथ मेरे चूचों को चूसते और मुझे जोरदार झटके देते ।

उनके झटके मारने की अदा मुझे बहुत पसंद थी,

झटके मार-मार के मेरी चूत गीली हो जाती थी और मेरी चूत से बेहिसाब पानी निकलता था । हम दोनों अपने खाने का बहुत ध्यान रख रहे थे क्योंकि अगर खाना ठीक होगा तो सेक्स भी भरकर होगा और मज़ा भी ज्यादा आएगा । मैं भी मज़ा दोगुना करने के लिए शैलेश के लंड के ऊपर सावर हो जाती थी और उसके लंड की सवारी जी भरकर करती थी । मुझे और शैलेश को अब किसी हद और शरम की परवाह नहीं थी । सुबह मैं शैलेश का लंड पूरे मज़े के साथ चूसती थी और बहुत चाटती थी मुझे सबसे ज्यादा मजा सुबह लंड को मुंह में लेने में ही आता था और रात को झटके खाने में ।

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रात को चूत पूरी तरह खुल जाती थी जबकि सुबह मैं इतना इंजॉय नहीं कर पा रही थी ।

सुबह चूत मरवाने के बाद मैं घर के कामों में लग जाती और शैलेश ऑफिस चले जाते । दिनभर घर के काम और सास-ससुर की देखभाल करते करते मैं बोर भी हो जाती थी और थक भी जाती थी लेकिन रात की मस्ती को सोचकर मैं फिर से चार्ज हो जाती थी और पूरे उमंग के साथ काम करती थी । शैलेश घर पर आते, हम साथ में मिलकर खाना खाते और हम दोनों की खाने के बाद खजूर खाते और केसर वाला दूध पीते । कभी-कभी हम खाने की मेज़ पर ही शुरू हो जाते थे । शैलेश मुझे इशारा कर देते थे, वो पैंट की चेन खोलकर लंड बाहर निकाल देते थे और मुझे उसपर बैठने के लिए इशारा करते थे ।

मैं इशारा समझकर लंड पर झुलने के लिए तड़प उठती

और साड़ी और पेटीकोट उठाकर लंड पर बैठ जाती थी और शैलेश मुझे बैठे-बैठे उछालते थे और अगर ये सब नहीं होता था तो शैलेश मुझे सुबह बाथरूम में बुलाकर मेरे बदन की मालिश करते-करते मेरे बदन को चूस जाते थे, मेरा सारा जिस्म टूट जाता था, मेरे चूचे और मेरी चूत, दोनों शैलेश की छुअन और उनके दिए दर्द को भूल नहीं पाते थे । रात को हम दोनों रोज़ कुछ नया ट्राई करते थे, शैलेश मुझे कहते – अगर आज मेरा जल्दी झड़ गया तो मैं तेरे नीचे लेटूंगा और तू मेरे ऊपर और अगर तेरा झड़ गया तो टांग उठाकर पीछे से एनल करूंगा ।

मैं हमेशा एनल से डरती थी क्योंकि उसमें मुझे बहुत दर्द होता था,

हालांकि ये बात भी है कि उस दर्द का अपना मज़ा है और वो देर तक रहता है । घंटो-घंटो चूत से पानी बहता रहता है । लेकिन उसमें दिक्कत हो जाती है, बार-बार बाथरूम जाकर चूत साफ करनी पड़ती है । 

(Pati Ne Chodi Dost) इसी तरह हमारी शादीशुदा ज़िंदगी गर्म आहों और सिसकती हुई

कईं रातों से पूरे शबाब पर थी लेकिन मैं नहीं जानती थी कि बहुत जल्दी इसमें नैना नाम का तूफान आने वाला है । नैना मेरी सबसे प्यारी दोस्त थी और हम दोनों स्कूल और कॉलेज से एक दूसरे के साथ बहनों जैसी रही थी । कॉलेज के बाद नैना ने एयर हॉस्टेस का कोर्स किया और उसकी एयरलाइन में जॉब भी लग गई । नैना को घूमने का शौक था इसलिए ये नौकरी उसके लिए बिल्कुल परफेक्ट थी और वो अपना शौक पूरी मस्ती के साथ पूरा कर रही थी लेकिन मैं जब भी उससे कहती कि – तेरी उम्र 30 होने वाली है, शादी कब करेगी ? 

तो वो हमेशा ये कहकर टाल देती कि – अभी उम्र ही क्या है, अभी तो खेलने-कूदने के दिन हैं । 

एक दिन मुझे नैना ने फोन किया कि वो दिल्ली आ रही है और छुट्टी में एक हफ्ता दिल्ली ही रहेगी तो मैनें उसे खाने पर बुला लिया और शैलेश को भी बता दिया । मैं नैना के आने से बहुत खुश थी वो मुझे शादी से पहले मिली थी और लगभग एक साल से ऊपर हो गया था । मैं और शैलेश उसी का इंतज़ार कर रहे थे कि तभी फोन आया – अरे तेरा घर कौन सा है यार ?मैनें कहा – पहला फ्लोर है, और ये कहकर मैं और शैलेश बाहर आ गए । हमारे नीचे एक गाड़ी रूकी और उसमें से एक बेहद स्टाइलिश और मॉडल जैसी लड़की बाहर निकली (Pati Ne Chodi Dost)

मैं नैना का इंताज़ार कर रही थी

तभी नैना ने आवाज़ दी – अरे इधर देख, कहां देख रही है ।मेरे होश उड़ गए, जिस लड़की को मैनें शादी से पहले देखा था वो पूरी तरह बदल चुकी थी, उसका वज़न पहले से बड़ गया था, वो पहले काफी पतली थी, उसके बाल सुनहरे हो चुके थे, उसकी छाती और उसकी टांगे भर चूकी थी, मैं हैरान थी लेकिन ये सिर्फ मेरी बात थी । शैलेश का मुंह फटा का फटा रह गया, वो नैना को ऐसे देख रहे थे मानों अभी खा जाएँ, मुझे नैना से जलन हो रही थी लेकिन घर बुलाया है और दोस्त है, यह सोचकर मैनें कुछ नहीं कहा और मैं नैना को लेने गई ।

मैनें कहा – वाह, यार तू तो पूरी हिरोइन हो गई, कैसे किया ये सब ?

नैना बोली – क्या करूं यार, ज़िंदगी ऐसी ही है, काम ऐसा ही है, सब बाहरी खूबसूरती को देखते हैं और प्रमोशन भी उसी पर डिपेंड करता है । मैनें कहा – अच्छा आजा, तुझे शैलेश से मिलाती हूं ।मैं नैना को ऊपर ले आई, नैना जैसी ही शैलेश के पास आई,

शैलेश ने हाथ आगे बढ़ाया तो नैना नैना ने भी हाथ मिलाया लेकिन शैलेश ने नैना का हाथ ऐसे दबाया जैसे नैना को जाने नहीं देना चाहता । मैनें शैलेश का ध्यान बदलने के लिए कहा – किचन में सब्जी जल रही है, जाकर बंद कर दो जल्दी ।

ये सुनकर शैलेश किचन की ओर दौड़े ।मैं फौरन नैना को अंदर ले आई और उससे ढे़र सारी बातें करने लगी । मैनें नैना से ढ़ेर सारी बातें की लेकिन मैं मन ही मन उससे जल रही थी । वो वाकई बहुत खूबसूरत हो गई थी । मैं उसके चूचों को देख रही थी जो अब एकदम टाइट और बड़े हो गए थे । मैनें उससे कहा – ये इतने मस्त कैसे हो गए तेरे ?नैना बोली – राज़ की बात है, ऐसे नहीं बताऊंगी, पहले तू बता, शादीशुदा जिंदगी कैसी चल रही है ? (Pati Ne Chodi Dost)

(Pati Ne Chodi Dost) जीजाजी चीखें निकाल पाते हैं या नहीं तेरी ?

मैनें कहा – अरे तू चीखों की बात कर रही है, यहां तो सुबह और शाम रोज़ पानी बह रहा है, पिछले कुछ महिनों में मेरी चूत सूखी ही नहीं है, हमेशा गीली रहती है, ये सूखने ही नहीं देते और न ही इनका लंड बैठता है, हमेशा खड़ा रहता है और बहुत गरम रहता है । मैं ये सब नैना को बता रही थी लेकिन मैं नहीं जानती थी कि नैना जिस्म की आग में तप रही थी और उसके कड़क जिस्म के पीछे उसकी चुदाई का राज़ था । वो कभी अंग्रेज़ों और कभी कालों से चूदी हुई थी और वो एक टाइट और गरम लंड की चाहत में थी ।

नैना ने मुझसे कहा – शैलेश दिखने में तो बड़े शांत और बोर लगते हैं ?

मैनें कहा – अरे जो जितना शांत होता है वो बिस्तर पर उतना जबरदस्त होता है । शैलेश ने मुझे किचन, बाथरूम, बैडरुम, सोफा हर जगह चोदा है । और कईं बार तो ऐसा हुआ है कि उन्होंने मुझे टांगें खोलकर चोदा है वो भी खड़े-खड़े । हम सब  ये सब फिल्मों में देखते हैं लेकिन जब ये सब मेरे साथ हुआ तो पता चला कि जवानी क्या चीज़ होती है । नैना मेरी बातों से पूरी तरह गरम हो चुकी थी, लेकिन मुझे पता नहीं चला । नैना ने कहा – मुझे बाथरूम जाना है, किस तरफ है ?मैनें हाथ से इशारा किया और नैना वहां चली गई । मैं किचन की ओर चली गई ।

(Pati Ne Chodi Dost) मैं किचन से चिल्लाई – नैना, नैना, पर कोई जवाब नहीं आया तो मुझे लगा कि अभी बाथरूम में है।

तो मैं चुप हो गई और खाना बनाने लगी । लेकिन अचानक मेरा दिमाग खटका और मैं शैलेश के कमरे की ओर बढ़ी तो देखा शैलेश वहां नहीं थे तो मैं फौरन बाथरूम की ओर बढ़ी और अब मैं अंदर नहीं जा सकती थी क्योंकि अंदर चली गई तो वो देखने को नहीं  मिलेगा जो मुझे लग रहा था । मैं थोड़ा झुकी और चाबी वाले छेद से मैनें अंदर देखा तो मरे होश उड़ गए।

मैनें देखा कि शैलेश नैना को दिवार का सहारे खड़ा करके नैना की चूत को मसल रहा था

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और नैना के होठों को चूम रहा था । वहीं नैना शैलेश के लंड को उसकी पैंट के ऊपर से मसलकर मज़ा ले रही थी । वो शैलेश के लंड को बार-बार दबा रही थी । दोनों हल्की-हल्की आवाज़ों में बात कर रहे थे । नैना बोली – शैलेश तुम्हारा लंड तो बहुत गरम और एकदम टाइट है ।

मेरी चूत में आज अपना लंड एक बार डाल दो बस, कब से ऐसा गरम लंड लेने के लिए तड़प रही थी मैं । शैलेश नैना को चूमने में लगा हुआ था और उसके बदन को चाट रहा था । शैलेश हवस की चरम सीमा में पहुंच चुका था, जैसे नैना को खाने के लिए बैठा हो । शैलेश ने कहा – नैना आज तेरी चूत को ऐसा दर्द और झटका दूंगा कि तू भूल नहीं पाएगी । 

मैं रोज़ बीवी की चूत लाल करता हूं और आज तेरा भी वही हाल कर दूंगा कि तू ये चुदाई कभी भूल नहीं पाएगी ।

दोनों की हल्की-हल्की सिसकियाँ साफ सुनाई दे रही थी । ये सब देखकर मेरा दिल टूट गया लेकिन मैं कर भी  क्या सकती थी, सिर्फ नैना ही प्यासी नहीं थी बल्कि शैलेश भी हवस में डूब चुका था । मैं बस खुद को किसी तरह रोककर आगे देखते रही । शैलेश ने जैसे ही नैना के चूचों को दबाया तो नैना ने अपने होंठ काटने शुरू कर दिए और होठों को दांत से दबाकर बोली- चूचे चूसो न फटाफट । शैलेश ने फौरन नैना का टॉप ऊपर कर दिया और उसके चूचों को देखकर वो मदहोश हो गया । इतने गोल और टाइट चूचे थे नैना कि कि मेरा पति उसे चूस-चूसकर पागल हो रहा था ।

उस कमीनी के चूचों को शैलेश ऐसे चूस रहा था जैसे शहद हो।

नैना शैलेश के लंड को ऐसे दबा रही थी मानों पैंट को फाड़कर उसे बाहर निकाल लेगी । नैना ने अब अपने हाथों से शैलेश का सिर पकड़ा और उसे अपने चूचों में दे दिया और मसलने लगी । नैना को इतना मज़ा बहुत सालों के बाद आ रहा था । वो बीच-बीच में शैलेश का सिर ऊपर करती और उसके होठों को चूसती जा रही थी और फिर उसका मुंह चूचों में डाल देती । शैलेश अपने हाथों को नैना के पूरे जिस्म में फेर रहा था, उसके गोरे बदन को नोच रहा था । नैना की सांसों की आवाज़ इतनी बढ़ गई थी कि अब साफ सुनाई दे रही थी लेकिन अब वो दोनों कहाँ रूकने वाले थे । शैलेश ने अपना हाथ नैना की गांड पर रखा और दबाते हुए बोला – वाह यार, क्या गांड है तुम्हारी, तुम्हारे आगे मेरी बीवी की गांड कुछ भी नहीं ।

नैना ने कहा – मेरी दोस्त खुश तो कर देती है तुम्हें ?

शैलेश बोला – हां, खुश तो करती है लेकिन मर्द रोज़-रोज़ एक जैसा खाना नहीं खा सकता । कभी रसमलाई और बिरयानी भी चाहिए होती है । 

नैना बोली – तो मैं रसमलाई हूं या बिरयानी ?

शैलेश नैना के चूचों को चूसते हुए बोला – जान, तूम तो मेरी मलाई भी हो और लेग पीस भी और ऐसा बोलकर शैलेश ने नैना के निप्पल को काटा, नैना ने आह..आह निकल गई ।

नैना बोली – आह…आउच…आह क्या कर रहे हो, दर्द हो रहा है मुझे, निप्पल मत काटो आह….रुक जाओ प्लीज़…तुम्हारी बीवी सुन लेगी तो वो बताएगी तुम्हें, समझे ।

तो शैलेश बोला – तुम्हें भी नहीं माफ करेगी…यो बोलकर दोनों हंसने लगे और एक दूसरे को चूमते रहे ।

शैलेश नैना को ऐसे चूस रहा था जैसे उसे खा ही जाएगा।

दोनों इतना जोरदार सेक्स कर रहे थे कि अब मेरी चूत भी गीली होने लगी थी । मैं बहुत गुस्से में थी लेकिन उन दोनों की गरमी देखकर अब मेरी चूत भी मचल चुकी थी। मैं भी अपनी चूत को हल्का-हल्का मसलने लगी और उन दोनों को देखते रही कि अब ये दोनों क्या करते हैं । नैना ने अपनी लैगिंग को नीचे किया और बोली, थोड़ा जल्दी करते हैं, तुम्हारी बीवी को शक न हो जाए कि तुम और मैं गायब हैं । लेकिन शैलेश की प्यास अभी बुझी नहीं थी वो और मज़ा लेना चाहता था । वो बोला – अभी मैं थोड़ी देर और तुम्हारे जिस्म से खेलना चाहता हूं, इसे चाटना चाहता हूं,चूसना चाहता हूं, मसलना चाहता हूं । नैना ने कहा – ज्यादा गरमी मत दिखाओ, कहीं तुम्हारी बीवी तुम्हारा लंड न मसल दे ।

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शैलेश नैना को दिवार की तरफ घुमाकर उसकी पीठ को चूमने लगा और नीचे उसकी गांड को अपने हाथों से दबाने लगा । (Pati Ne Chodi Dost)

उसकी लैंगिंग को पूरा उतारकर उसकी गांड को अपने लंड से दबा रहा था और नैना सिसकियाँ भरती हुई ज़ोर से सांस ले रही थी और शैलेश के होठों को चूस रही थी । नैना ने अपने आप को बहुत मैनटेन किया हुआ था, उसकी गांड बुहत सैक्सी थी । शैलेश नीचे घुटनों के बल बैठ गया और नैना की गांड को चूमने लगा । शैलेश नैना की पैंटी को अब धीरे-धीरे उतार रहा था । पैंटी बहुत टाइट थी क्योंकि नैना की गांड बहुत मोटी थी और पैंटी में उसकी पूरी शेप दिख रही थी ।

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पैंटी को उतारते वक्त गांड का मांस भी बाहर आ रहा था । शैलेश को नैना की गांड चूमता हुआ देखकर मैनें दोबारा अपनी चूत को और ज़ोरों से मसलना शुरू कर दिया । अब मेरी हवस की जाग उठी, चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी और नैना-शैलेश की हवस को देखकर मेरी अंदर भी प्यास जाग उठी और अब मैं उन दोनों को देखकर मज़ा लेने लगी । (Pati Ne Chodi Dost)

शैलेश ने पैंटी को नैना के घुटनों तक उतार  दिया और गांड को हाथों से दबाने लगा ।

उसने नैना को कमर से पकड़कर दोबारा वापिस खुमाया तो नैना की गोरी चूत जिसपर हल्के-हल्के बाल थे वो साफ दिखाई दे रही थी । शैलेश नैना की चूत को सूंघने लगा और मज़ा लेने लगा । अब वह नैना की चूत को चाटने के लिए तरस रहा था । वहीं नैना में भी हवस की चिंगारी भड़क चुकी थी उसने शैलेश का मुंह पकड़कर अपनी चूत में लगा दिया और हल्की आवाज़ में शैलेश से बोली – आह….चाटो इसे ।

शैलेश ने अपनी चूत हल्की सी बाहर निकाली और नैना की चूत को चाटने लगा।

नैना अपने होठों को दबाकर हल्की-हल्की सिसकियाँ भर रही थी और पागल हो रखी थी । उन दोनों को बाथरूम में 10 मिनट हो गए थे, तभी नैना ने कहा – यार जल्दी करते हैं, वरना तमाशा हो जाएगा, तुम्हारी बीवी न आ जाए । लेकिन वो दोनों नहीं जानते थे कि मैं उन दोनों को देखकर मज़ा ले रही थी । नैना के अंदर शैलेश का लंड लेने की आग और भड़क गई लेकिन शैलेश तो नैना की चूत को गीला करने में लगा हुआ था । नैना ने शैलेश के बाल पकड़े और अपनी चूत में उसका मुंह पूरी तरह घुसा दिया और कहा – चाटो जल्दी…सी…सी…..आह……मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो रहा, मैं अपना ऐसे ही झाड़ूंगी ।

लेकिन शैलेश को अभी नैना की चूत से पूरी मज़े लेने थे।

शैलेश ने अपनी लंड बाहर निकाला और शैलेश के लंड को देखकर नैना जैसे मदहोश हो गई उसने शैलेश का लंड पकड़ा और दबाने लगी । शैलेश का लंड गरम लोहे की तरह गरम हो रखा था, नैना ने लंड को देखते-देखते उसे मुंह में ले लिया । नैना लंड चूस रही थी और बहुत बेचैनी से चूस रही थी, शैलेश ने नैना के बाल पीछे से पकड़े और ज़ोर से मुंह में डालने के लिए झटके से मुंह के अंदर-बाहर करने लगा । कुछ मिनट तक लंड को चूसने के बाद नैना पलटी और दोनों हाथों को दिवार पर रखकर झुक गई और बोली, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा, मेरी पीछे से चुदाई करो, अब रहा नहीं जा रहा है प्लीज़ जल्दी करो । 

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शैलेश ने अपना लंड पीछे से नैना की चूत में डाला तो नैना की सिसकी निकल गई

और जैसे ही गरम लंड अंदर गया नैना आह….आह…..कि आवज़ निकालने लगी । जैसे ही आवाज़ निकली शैलेश ने नैना की मुंह बंद कर दिया । पीछे से चुदते हुए नैना ने सिर पीछे खुमाया और झटके लेती हुई नैना शैलेश की आंखों में देखने लगी । शैलेश नैना की चूत मारते हुए एक हल्की स्माइल पास कर रहा था और बोल रहा था – नैना ये झटके तू कभी भूल नहीं पाएगी । नैना ने कहा – हाँ जान, तुम्हारी चोदने की अदा ने तो मुझे पागल कर दिया है ।

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तभी शैलेश ने पूरा लंड चूत में डाल दिया और झटके मारने लगा।

नैना की चीख निकल गई लेकिन उसने मुठ्ठी बना ली और उसे मुंह में रखकर चीख शांत कर ली लेकिन अब शैलेश शांत नहीं हो रहा था वो पूरी ताकत के साथ झटके मार रहा था । नैना ने कहा – आह…अरे…रुको….आह…आ….आह…चूत फाड़ दोगे क्या मेरी …रुको…अरे…रूको बहुत दर्द हो रहा है ….आउच…आ……….लेकिन शैलेश नहीं रूका । चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी इसलिए लंड सटासट अंदर जा रहा था और ऊपर से शैलेश नैना की पीठ को काट रहा था, कमर को पकड़कर झटके दे रहा था ।

नैना चुदते हुए बोली – मेरी दोस्त कितनी लक्की है कि उसे तुम जैसा मर्द मिला, उसकी तो हर रात रंगीन होती होगी ।

मुझे भी तुम्हारे जैसा मर्द चाहिए । शैलेश बोला – तो मिल तो गया, शादी करने की क्या ज़रूरत है, जब बुलाओगी, आ जाऊंगा, तुम्हारे जैसा जिस्म तो बहुत कम मर्दों को मिलता है । ऐसी औरत को चोदने में हमें भी बहुत मज़ा आता है । ये सब सुनकर शैलेश और तेज़ झटके देने लगा । मैं उन दोनों की चूदाई देखकर चूत को और जोर से मसलने लगी । हम तीनों ही मज़े ले रहे थे बस फर्क इतना था कि उन दोनों के मेरे बारे में पता नहीं था ।

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दोनों ने इतनी चुदाई कर ली थी कि अब शैलेश का लंड और नैना की चूत से पानी बाहर आने लगा था । नैना दीवार पर जाकर खड़ी हो गई और थोड़ी देर में उसकी चूत से पानी टपकने लगा । नैना का झड़ता हुआ देखकर शैलेश ने लंड नैना की पीठ की तरफ किया और पच…पच…..अपना लंड नैना की ओर झाड़ दिया ।

नैना की हालत ऐसी हो गई कि वह टॉयलेय सीठ पर बैठ गई,

वो बहुत थक चुकी थी और शैलेश फटाफट पैंट पहनने लगा । नैना के बाल पूरी तरह बिखर चुके थे और वो सीठ पर बैठे-बैठे खुद को ठीक कर रही थी लेकिन मेरी चूत का पानी अभी तक नहीं झड़ा था इसलिए मैं चूत मसल रही थी । इतने मैं मैनें देखा कि अब दोनों बाहर आने वाले हैं तो मैं फाटफट कीचन की ओर भागी और वहां जाकर चुपचाप खड़ी हो गई । थोड़ी देर में हल्के से दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई और शैलेश बाहर आकर चला गया और उसी के 10 मिनट बाद नैना बाहर आई पूरी तरह फ्रैश होकर ।  मैनें पूछा – अरे कहाँ चली गई थी, मैं कबसे आवाज़ लगा रही थी तूझे ।

नैना ने हकबकाते हुए कहा – यार वो पेट में गड़बड़ हो गई थी थोड़ी । मैनें पूछा अब ठीक है ?

तो नैना ने कहा – हां, अब ठीक है ।

मैनें कहा – चल बैठ खाना लगाती हूं, बहुत टाइम हो गया है ।

मैनें शैलेश को आवाज़ दी और थोड़ी देर बार शैलेश बाहर से आए । हम सब मिलकर खाना खाने लगे तो मैनें देखा कि ये दोनों एक दूसरे से नज़र बचा रहे थे और नैना शैलेश को एक नॉटी स्माइल दे रही थी और शैलेश भी आंखों ही आंखों में इशारे कर रहा था लेकिन सबकुछ जानते हुए भी मैनें कुछ नहीं बोला । थोड़ी देर वक्त बिताने के बाद नैना चली गई और उसके बाद जब हम सोने लगे तो मैनें फौरन शैलेश की पैंट खोली और उसका लंड मुह में ले लिया ।

शैलेश ने कहा – यार आज मूड नहीं है,

आज नहीं करते लेकिन मैं चूप थी, मैंने शैलेश का जवाब भी नहीं दिया और बस उसके लंड को चूसती रही । थोड़ी देर बार मैनें पेटीकोट खोला और मैं शैलेश के लंड के ऊपर बैठ गई और जोर जोर से आगे पीछे होने लगी । शैलेश ने आंखें बंद कर ली और वो हैराना था कि आज मेरे अंदर इतनी बेसब्री क्यों थी । मैं चुदती रही और शैलेश चोदता रहा थोड़ी देर के बात मेरी चूत से पानी बह गया और मेरी आग बूझ गई । (Pati Ne Chodi Dost)

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