Punjabi Chudai In Honeymoon

(Punjabi Chudai In Honeymoon) सुहागरात में पंजाबन की चुदाई

(Punjabi Chudai In Honeymoon) सिमरन एक बहुत खूबसूरत पंजाबी लड़की है जो देहरादून में अपने परिवार के साथ रहती है । मोर्डन ख्याल होने के साथ-साथ वो सेक्स को लेकर ओपन है । गठीला जिस्म, चूचे कसे हुए और गांड मोटी और बाहर आई हुई । सिर के बाल घुटनों तक आते हैं और सिमरन को पहली नज़र में ही देखकर लगता था कि ये पंजाबी है और उसका कद उसे और हसीन बनाता था । सिमरन कॉलेज के फाइनल ईयर में थी और उसे पता नहीं था कि उसके घरवालों ने उसके लिए लड़का भी ढूंढ रखा है ।

simran सिमरन अब तक हर तरह के लड़कों को चख चुकी थी । कभी क्लास रूम में झटकों का मज़ा ले चुकी थी

तो कभी कॉलेज की छत पर लेकिन वो ऐसी चुदाई चाहती थी जो उसकी चीखें निकाल दे । उसके अंदर चुदाई का हवस और

वासना पूरी तरह छायी हुई थी और ऊपर से उसकी कमसिन और गठीली जवानी ने उसे मदहोश किया हुआ था ।

सिमरन अब ऐसा लड़का चाहती थी जो उसके होश उड़ा दे और वो चरमसुख की सीमा को पार कर ले । इसलिए वो रोज़ कई लड़कों से बात किया करती थी ।

कभी मैसेज में चुदवाई करवाती और अगर किसी का लंड ज्यादा पसंद आ गया तो उसे मिलने का वक्त देती और उस दिन अपनी हवस को अंजाम तक पहुंचाकर आती। 

सिमरन का फोन लड़कों की तस्वीरों से भरा हुआ था और लड़कों ने उसे अपने लंड की फोटो भेजी हुई थी ।

इतना ही नहीं उसने भी अपनी कईं तस्वीरें लड़कों को भेजी हुई थी और वासना को बुझाने का ये एक बहुत आसान तरीका था । कई बार लड़कों ने उसे चोदने का प्लान बनाया लेकिन सिमरन चुदाई उसी से करवाती जिससे उसका मन होता ।

उसने अपनी तस्वीरों और फोन पर की गई बातों से लड़कों को गरम कर रखा था और अगर कोई एक बार उसके चक्कर में आ जाता तो फिर

सिमरन उससे अपने नाम की मुट्ठी लगवाए बगैर जाने नहीं देती और इसी वजह से देहरादून में सिमरन को जवान लड़के जानते थे । 

फाइनल ईयर का रिजल्ट आते ही सिमरन अपनी दोस्त पूजा के पास गई और दोनों ने मिलकर अपना रिजल्ट देखा और जब पास हो गई दो मिठाई लेकर घर पहुंची । घर पहुंचते ही सिमरन को उसके रिश्ते की बात पता चली ।

सिमरन उदास हो गई लेकिन वो खुश भी थी क्योंकि एक लड़का अपने आप उसे मिल गया था । उसने कहा – मैं पहले लड़के से मिलूंगी और कुछ वक्त तक हम मीटिंग करेंगे और अगर मुझे ठीक लगा तो शादी करूंगी ।

(Hindi sex stories) घरवालों ने कहा – हां, हां, मिल तो ले एक बार, लड़का बहुत अच्छा है । 


घरवालों ने सिमरन को कुलविंदर की फोटो दिखाई और फोटो देखते ही सिमरन की हवस और वासना जाग गई क्योंकि फोटो में कुलविंदर का पूरा शरीर दिख रहा था ।

कुलविंदर देहरादून में ही एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर था और जिम का बहुत शौकीन था ।

जिम करके उसने शरीर को कसा हुआ रखा था और सिमरन को लड़कों के जिस्म की भूख ने पागल किया हुआ था ।

सिमरन ने घरवालों से पूछा – क्या इस लड़के को मेरी फोटो भेज दी है ?घरवाले – हां, वहीं से हाँ हुई है और उन्होंने फोटो भेजी है ।

सिमरन ने इतना सुनते ही कुलविंदर को इंटरनेट पर ढूंढना शुरू कर दिया और उसे कुलविंदर के पूरे नाम से कुलविंदर इंस्टाग्राम पर मिल गया । उसने कुलविंदर को मैसेज कर दिया और थोड़ी देर बाद कुलविंदर ने उसे अपने साथ जोड़ लिया । सिमरन ने अपने इंस्टाग्राम पर अपने जिस्म की ऐसी गरम तस्वीरे डाली हुई थी जिसे अगर कोई भी लड़का देखेगा तो वो उसकी चुदाई का मन बना ही लेगा । यही सोचकर सिमरन ने  ऐसा किया लेकिन उसे मैसेज नहीं  मिला ।

सिमरन परेशान हो गई और उसने थोड़ी देर बाद खुद मैसेज किया – हाय, कैसे हो ।

जवाब आया – मैं ठीक हूं, आप कैसे हो 

सिमरन इन सब मामलों में इतनी पक्की हो चुकी थी कि वो घंटों-घंटों बातें नहीं कर सकती थी इसलिए उसने

कुलविंदर को कहा – आप जानते हो कि हमारे घरवाले क्या चाहते हैं, इसलिए हमें मिलना चाहिए ,

समय और तारीख आप बताओ ।

कुलविंदर ने कहा – हां, कल मिलते हैं कॉफी हाउस में शाम 7 बजे । 

सिमरन – ठीक है ।

अगले दिन सिमरन मेकअप लगाकर और एक छोटी ड्रैस पहनकर जिसमें उसकी जांघें दिख रही थी, चली गई । (Punjabi Chudai In Honeymoon)

जैसे ही वो अंदर आई उसने देखा कुलविंदर पहले से ही बैठा है । पूरा कॉफी हाउस सिमरन को हवस की नज़रों से देख रहा था और

उसका रस चूसना चाहता था क्योंकि सिमरन की जांघें और उसके चूचों की बाहरी लाइन लड़कों के लंड खड़े कर रही थी ।

 
सिमरन – हाय, आप कब आए 

कुलविंदर – बस 5 मिनट हुए हैं 

सिमरन – क्या आपको मैं पसंद हूं 

कुलविंदर – हाँ ।

सिमरन – ये भी तो हो सकता है आप पर कोई जबरदस्ती हो रही हो, अगर ऐसा है तो मुझे बता दो ।

कुलविंदर – नहीं, मुझे तुम अच्छी लगी, हॉट हो, पढ़ी लिखी भी हो और मुझे तुम्हारा अंदाज़ पसंद है । 

सिमरन को ये जानकर खुशी तो हो रही थी लेकिन उसे कुलविंदर की आंखों में वो तड़प नहीं दिख रही थी जो उसे दूसरे लड़कों में खुद के लिए दिखती थी ।

सिमरन अंदर ही अंदर कुलविंदर के और करीब आती जा रही थी क्योंकि कुलविंदर उसे भाव नहीं दे रहा था । सिमरन के अंदर तड़प बढ़ती जा रही है । 

कुलविंदर आए दिन कसरत करते हुए अपनी फोटो इंटरनेट पर डाला करता था

और उन्हें देखकर सिमरन की हवस सारी सीमाएं पार कर जाती । सिमरन किसी भी कीमत पर कुलविंदर से चुदना चाहती थी ।

वो नहीं जानती थी कि वो उससे शादी करेगी या नहीं, लेकिन वो कुलविंदर के ऊपर बैठकर एक बार उसके लंड की सवारी करना चाहती थी ।

कुलविंदर की फोटो देखकर उसके तन-बदन में आग लग जाती और वो अपने चूचों के निप्पल को दबाने लगती और कभी अपनी चूत को मसलने लगती ।

कुलविंदर की सोच-सोचकर सिमरन अपनी चूत गीली कर चूकी थी और वो अब कुलविंदर के लंड से अपनी चूत को गीला करना चाहती थी ।

लेकिन कुलविंदर जैसा था वैसा ही रहा और मुलाकातें होती रही । कुलविंदर उसे बाहर ले जाता, खाना खिलाता, घूमता फिरता, हंसाता रहा और सिमरन को कुलविंदर पसंद आ गया । सिमरन ने शादी के लिए हां कर दी लेकिन कुलविंदर से शादी से पहले चुदने का फैसला पूरा नहीं हो पाया ।

दो महीने बाद दोनों की शादी हो गई । सुहागरात में सिमरन की हसरत पूरी होने जा रही थी । सिमरन कमरे में दूध का गिलास लेकर बैठी हुई थी और कुलविंदर का इंतज़ार कर रही थी ।

कुलविंदर कमरे में आया और बिस्तर पर बैठ गया और उसने सिमरन की जांघ पर हाथ रख दिया और हाथों से उसकी जांघों को सहलाने लगा । 

किचन में पहुंचकर उसने लंड को नहीं निकाला और सिमरन को सेल्फ का सहारा दे दिया और सिमरन का खड़े होकर झटके देने लगा । हर एक झटका सिमरन की आ…निकाल रहा था ।

सिमरन की चूत से पानी ऐसे बह रहा था मानों नल चला दिया हो । हर झटके के साथ पच….पच…की आवाज़ दोनों को और मदहोश करती जा रही थी ।

कुलविंदर खड़े होकर सिमरन को चोदता था और सिमरन को वो दर्द महसूस हो रहा था जो पहले कभी महसूस नहीं हुआ था लेकिन उसे ये दर्द मज़ा दे रहा था ।

इतनी सख्त चुदाई के बाद सिमरन सोच रही थी कि उसका  कुलविंदर से शादी करने का फैसला गलत साबित नहीं हुआ । (Punjabi Chudai In Honeymoon)

(Punjabi Chudai In Honeymoon)सिमरन – अरे पहले दूध तो पी लो, घूंघट उठा दो, आज की रात तो हम दोनों को जागना है और हमेशा याद रखनी है । 

कुलविंदर – मुझे गिलास का दूध नहीं, तूम्हारे चूचों का दूध पीना है और कुलविंदर ने सिमरन के चूचों को ब्लाउज के ऊपर से मसलना शुरू कर दिया ।

चूचों के मसलते ही सिमरन की आह….निकल गई और उसने घूंघट खोल दिया ।

कुलविंदर ने अपना हाथ सिमरन के घाघरे के अंदर डाला और उसकी चूत को पेंटी के बाहर से मसलने लगा और दूसरे हाथ से उसके चूचों को पूरी ताकत के साथ मसल रहा था ।

सिमरन की चूत एक मिनट के अंदर गीली हो गई, उसमें से पानी बहने लगा। सिमरन ने कभी भी ये नहीं सोचा था कि चुपचाप रहने वाला कुलविंदर सुहागरात का इंतज़ार उससे ज्यादा बेसब्री से कर रहा था ।

kulvinder कुलविंदर चूचों को ऐसे मसल रहा था जैसे संतरे को मसलकर रस निकालते हैं । सिमरन बेकाबू हो रही थी और मदहोश होती जा रही थी ।

उसको ऐसा मज़ा, ऐसा एहसास पहले कभी नहीं हुआ था । आह…..आ…..कुलविंदर……आ……आराम से….आह…..आ.आ आ…आ…..उई…..आह…….कुलविंदर दर्द हो रहा है…आ….आह………..इतनी जोर से मत करो, आराम से आ……आ…….लेकिन कुलविंदर रूकने का नाम नहीं ले रहा था ।

कुलविंदर ने सिमरन के चेहरे को अपने सामने रख दिया और दोनों एक दूसरे की आंखों में देखने लगे । कुलविंदर ने कहा – बस मुझे देखते रहो ।

दोनों हवस की गरम आहों से भर चूके थे । सिमरन की आंखें लाल और मदहोश हो चुकी थी । लेकिन कुलविंदर ने चूत को मसलना नहीं छोड़ा ।

चूत से पानी बाहर आने लगा और सिमरन के मुंह से चीख निकली…अम…..अम……म……सिमरन ने कुलविंदर का पजामा खोल दिया और उसका लंड चाटने लगी ।

लंड चाटते चाटते सिमरन लंड को मुंह में लेकर कुलविंदर का झड़ा देना चाहती थी लेकिन कुलविंदर इतना हलका नहीं था ।

उसने सिमरन को गोद में उठाया और उसके घाघरे को खोल दिया लेकिन ब्लाउज नहीं खोला ।

अब कुलविंदर धीरे-धीरे सिमरन की टांगो को जीब से चाटता हुआ उसकी जांघों तक पहुंचा । सिमरन की आंखें बंद हो गई और वो तैयार थी चरमसुख का मज़ा लेने के लिए । 

कुलविंदर ने सिमरन की पेंटी खोल दी और उसकी चूत को अपनी जीब से चाटने लगा और जीब से ही उसकी चूत खोलने लगा ।

कुलविंदर सिमरन की चूत को कभी चाट रहा था, कभी चूस रहा था तो कभी उसे तड़पाने और दर्द देने के लिए दांतों से काट रहा था । सिमरन के लिए यह बिल्कुल नया था ।

उसकी चूत से लगातार पानी बह रहा था। कुलविंदर ने सिमरन को अपने लंड पर बिठा दिया और पीठ से उसे उठा लिया और किचन की ओर बढ़ा ।

किचन में पहुंचकर उसने लंड को नहीं निकाला और सिमरन को सेल्फ का सहारा दे दिया और सिमरन का खड़े होकर झटके देने लगा । हर एक झटका सिमरन की आ…निकाल रहा था ।

सिमरन की चूत से पानी ऐसे बह रहा था मानों नल चला दिया हो । हर झटके के साथ पच….पच…की आवाज़ दोनों को और मदहोश करती जा रही थी ।

कुलविंदर खड़े होकर सिमरन को चोदता था और सिमरन को वो दर्द महसूस हो रहा था जो पहले कभी महसूस नहीं हुआ था लेकिन उसे ये दर्द मज़ा दे रहा था । इतनी सख्त चुदाई के बाद सिमरन सोच रही थी कि उसका  कुलविंदर से शादी करने का फैसला गलत साबित नहीं हुआ । (Punjabi Chudai In Honeymoon)

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