Saas Damad Ka Adhoora Pyaar

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Saas Damad Ka Adhoora Pyaar
Saas Damad Ka Adhoora Pyaar

Saas Damad Ka Adhoora Pyaar सास दामाद का अधूरा प्यार

दोस्तो, इच्छाएँ या उम्मीदें जब पूरी नहीं हो पाती और उम्र धीरे-धीरे पड़ाव पार करती जाती है तो वो इंसान अंदर ही अंदर एक मौके की तलाश में रहता है । अगर मौका न मिले तो वो रोकर या खुद को समझाकर मना लेता है और अगर मौका मिल जाए तो उसकी पूरी कोशिश होती है कि अपनी सारी तमन्ना वो पूरी कर ले । मधु के साथ भी ऐसा ही हुआ है । जिससे प्यार किया, वो मिला नहीं, जो मिला उसने वो सुख दिया ही नहीं, जो एक औरत एक आदमी से हमेशा चाहती है ।

घर में पैसा बहुत है लेकिन अगर कुछ नहीं है तो वो है तन की शांति । जी हाँ, शादी के 28 साल बाद भी अगर औरत में 25 साल की लड़की जैसी चंचलता या बेचैनी हो, तो ये बता देता है कि वो आज भी एक कली है जो खिलना चाहती है लेकिन अभी तक उसे खिलाने वाला नहीं मिला है ।

मधु की उम्र 46 साल हो गई है और उसकी दो बिटिया हैं ।

एक ही शादी हुए 7 साल हो चुके हैं और छोटी वाली के लिए लड़के देखे जा रहे हैं । मधु का पति शुरू से बिजनेस करता रहा और आज भी वो बिज़नेस ही कर रहा है । उसे बिज़नेस और पैसों के अलावा कुछ नज़र नहीं आता है । इसलिए छोटी बेटी के लिए लाखों में एक लड़के को ढूंढने की ज़िम्मेदारी भी मधु के कंधों पर ही है । लेकिन मधु नहीं जानती कि छोटी बेटी निशा ने अपने लिए पहले ही अमन को पसंद करके रखा है ।

अमन और निशा एक ही कंपनी में पिछले 3 सालों से काम कर रहे हैं और दोनों के बीच जबरदस्त प्यार है । दोनों कईं बार एक दूसरे के साथ बाहर भी घूमने गए हुए हैं, कईं दिन और कईं रातें एक साथ गुज़ारी हैं । दोनों ने प्यार में सारी सीमाएं पार की हुई हैं । मधु ने दो लड़कों को चुना और उनमें से पहले एक को घर पर बुलाया । Saas Damad Ka Adhoora Pyaar

जब निशा को इस बात का पता चला तो निशा ने मधु से बात की ।

  • निशा – माँ पूछ तो लिया करो, शादी मेरी होनी है और किसी की नही ।
  • मधु – तो क्या हुआ, अभी की थोड़ी न है, सिर्फ लड़के को ही बुलाया है ।
  • निशा – उसकी भी ज़रूरत नहीं है माँ, मैनें लड़का देखा हुआ है मधु – क्या, तो बताया क्यों नहीं, कौन है, क्या करता है ?
  • निशा – मेरे साथ ही कंपनी में काम करता है और हम एक-दूसरे को 3 सालों से जानते हैं, आपको भी बहुत पसंद आएगा ।
  • मधु – तो अब क्या करें मैनें तो उन्हें बुला लिया है निशा – अरे, तो मना कर दीजिए, कल थोड़ी बुलाया है
  • मधु – तुम लोग बड़े अजीब हो, माँ की बेज़्जती करते हो समाज में ।
  • निशा – माँ प्लीज़, आपने जिस दिन लड़के वालों को बुलाया है, उस दिन मैं अमन को बुला लेती हूं, आप मिल लीजिए ।
  • मधु – ठीक है, उन्हें रविवार को बुलाओ
  • निशा बहुत खुश हुई और माँ के गालों को चुमा और कहा – ठीक है माँ, थैंक यू ।

रविवार का दिन आया – अमन अकेला ही निशा के घर आ गया ।

अमन को मधु ने जैसे ही देखा न जाने उसके मन में प्यार उमड़ने लगा और ये प्यार सास और दामाद के रिश्ते का नहीं था, ये था मधु की अधूरी रह गई इच्छाओं को पूरा करने वाले मर्द का प्यार ।

  • अमन को देखकर मधु ने कहा – चलो, मेरी बेटी ने ज़िंदगी में एक काम तो ठीक किया है ।
  • अमन थोड़ा हंसा और कहा – आंटी, निशा कहां है ?
  • मधु – वो बाथरूम है, अभी आ जाएगी, क्यों तुम आज भी उससे ही बात करने आए हो क्या ?
  • अमन – नहीं आंटी, आपसे ही बात करने आया हूं ।
  • मधु – तो बताओ, माँ-बाप कहाँ हैं, आप अकेले ही आए हो ?
  • अमन – जी वो यूपी में रहते हैं, मैं काम के चलते यहाँ शिफ्ट हुआ हूं, अभी किराए के फ्लैट में रहता हूं पर दो साल बाद एक फ्लैट ले लूंगा ।
  • मधु – निशा तुम्हारी बहुत तारीफ कर रही थी और तुम्हें देखने और जानने के बाद मुझे लग रहा है कि वो सही थी ।
  • अमन – तो मतलब आपको मैं पसंद हूं ?
  • मधु ने मौका नहीं छोड़ा या यूं कहें कि उसकी अधूरी तमन्नाओं ने उससे ये सब करवाया ।
  • मधू ने अमन की जांघों पर हाथ फेर लिया और कहा – बिल्कुल, तुम्हें कौन सी औरत मना करेगी, तुम हो ही इतने स्वीट ।
  • अमन – थैंक यूं आंटी ।

अमन को कुछ अजीब लगा, लेकिन उसे इस बात की भनक नहीं थी कि मधु उसने दामाद नहीं,

वो मर्द को देख रही थी, जिसकी ओर वो आकर्षित हो चुकी थी इसलिए अमन ने ध्यान नहीं दिया ।सगाई की तारीख पक्की की गई और अमन का आना-जाना शुरू हुआ । मधु के पास अमन का नंबर आ चुका था और वो अमन को सारे सोशल मीडिया पर फौलो करने लगी थी । अमन और निशा को इस बात की भनक भी नहीं थी कि मधु अमन को देखकर और याद करके अपनी जवानी को वापस लाने की कोशिश में थी ।

वो रोज़ रात को बिस्तर पर अमन का स्पर्श महसूस करके, उसकी तस्वीरों को देखकर गरम हो रही थी और अपनी गरमी मिटा रही थी । मधु को न उम्र का ख्याल था और न ही रिश्ते का । न जाने उसे अमन में क्या दिखा जिससे वो अपनी बेटी का ही घर तोड़ने की और चल पड़ी या शायद उसे होश ही नहीं रहा कि वो बहुत गलत रास्ते पर है जहाँ उसे न अमन मिलेगा और बेटी भी वो खो देगी ।

Saas Damad Ka Adhoora Pyaar एक दिन अमन घर आया तो देखा दरवाज़े पर मधु खड़ी इंतज़ार कर रही थी,

  • अमन चौंककर बोला – अरे आंटी आप ? क्या हुआ आप यहाँ क्यों आई ?
  • मधु – बस तुमसे मिलने का मन हुआ, आ गई । अंदर नहीं बुलाओगे
  • अमन – जी बिल्कुल, आइए मधु काले रंग की साड़ी और कट शेप ब्लाउज़ पहन कर गई थी, उसका ब्लाउज छाती से काफी नीचे था तो वो सब नज़र आ रहा था जो मधु के इरादे बयां कर रहा था । मधु के हाथ में वाइन थी ।
  • मधु – घर तो अच्छा है लेकिन किराए का है, अगर मैं तुमसे कहूं कि तुम्हें दो कमरे का घर आज ही मिल जाए तो कैसा हो ?
  • अमन समझ रहा था कि कुछ गड़बड़ है लेकिन अगले 1 घंटे में वो और मधु एक ऐसा रिश्ता बनाने वाले थे जो समाज और परिवार की नज़र में सिर्फ गुनाह और बदनामी की वजह था ।
  • मधु ने कहा – शराब तो पीते हो न ?अमन – जी, कभी-कभी मधु – मैनें सोचा, जिसे अपनी लड़की दे रही हूं, पता तो चले, उसमें कितना दम है, इसलिए तुम्हें आज परखने आई हूं ।
  • अमन समझ चुका था मधु उसकी तरफ आकर्षित हो चुकी है और वो आज कुछ कर गुज़रने के इरादे से ही आई है ।
  • मधु ने गिलास में शराब डाली और अमन के पास सोफे पर जाकर बैठ गई ।

मधु ने अमन की जांघों पर हाथ फेरने शुरु किए और अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया ।

अमन था तो आखिर मर्द ही, अपने आप को कितना रोक पाता । मधु ने अपने थरथराते हुए होंठ अमन के होठों पर लगा दिए और उसे बड़ी बेताबी से चूमने लगी । अमन जानता था कि ये सब गलत है लेकिन हवस की आग को वो कितना बुझा पाता । मधु ने उसे बहुत बेताबी और तड़प के साथ अपने अंदर जकड़ लिया था । मधु ने अमन की कमीज के बटन खोलकर उसकी छाती को अपने होठों की गरमी देना शुरु कर दिया और अमन ने खुद को मधु को पूरी तरह सौंप दिया । अमन कुछ नहीं कर रहा था, जो कर रही थी वो मधु कर रही थी ।

अमन ने कहा – ये गलत है आंटी, निशा हम दोनों को छोड़कर चली जाएगी,

लेकिन मधु हवस की आग में अंधी हो चुकी थी उसे सिर्फ अमन का शरीर पाना था । धीरे-धीरे कपड़ों और भावनाओं की सीमाएँ बढ़ती चली गई और तापमान भी बढ़ता जा रहा था । अमन गरम हो चुका था और उसने मधु को बहुत ज़ोरों से खुद में जकड़ लिया था और अब वो दोनों एक होने की कगार पर पहुंच गए थे । मधु अब अमन के ऊपर झूल रही थी और उस तमन्ना को पूरा कर रही थी जिसे वो अपने अंदर सालों से पाले हुए है । अमन भी अपनी जवानी और जोश से मधु का पूरी तरह साथ दे रहा था । मधु अमन के ऊपर लिपट रही थी, उसके शरीर को सूंघ रही थी,

Palang Tod Romance

Saas Damad Ka Adhoora Pyaar उसके शरीर की गर्मी को चूस रही थी और अमन था कि रुकने का नाम नहीं ले रहा था ।

अमन मधु को आज उस दर्द का एहसास करवा रहा था जो एहसास एक औरत को दर्द तो देता है लेकिन उससे कहीं ज़्यादा उसे सूकून भी देता है और उसी दर्द की वजह से औरत मर्द को भूल नहीं पाती । उसके दिए दर्द से ही औरत मर्द की तरफ खींची चली आती है । मधु और अमन पूरी तरह एक दूसरे में खो चुके थे और अमन मधु को हर तरह से परमसुख दे चुका था । मधु ने अमन के नाम दो कमरे का फ्लैट पहले की कर दिया था ।

जब गरमी की हदें पार हो गई, दोनों पसीना-पसीना हो गए, तो मधु ने अमन से कहा – ये रही तुम्हारे नए फ्लैट की चाबी । शादी करके तुम्हें और निशा को यहीं आना है, ये मेरी तरफ से गिफ्ट है और हाँ, शादी के बाद मुझे मत भूल जाना । मैं भी आती रहूंगी । मधु की आंखों में शरारत भी थी और अधूरी हवस की प्यास भी । Saas Damad Ka Adhoora Pyaar

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