Shri krishna leela

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श्रीकृष्ण के जीवन की 10 अनोखी बातें

Shri krishna leela मित्रों आज के इस लेख में हम आपको भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी ऐसी 10 बातें बताएंगे जो सीधे उनके जीवन से संबंधित है और उनकी कईं लीलाओं का हिस्सा ही हैं । श्रीकृष्ण तीनों लोक के स्वामी हैं लेकिन मनुष्य रूप में आकर उन्होंने समस्त मानव जाति को यही संदेश देने का प्रयास किया है कि मनुष्य रूप मिलने के बाद व्यक्ति को कैसे कर्म करने चाहिए, कैसी सोच रखनी चाहिए और कैसा व्यवहार करना चाहिए ।

तो चलिए जानते हैं श्रीकृष्ण से जुड़ी 10 अनोखी बातें  :

जन्म

श्री कृष्ण देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान के रूप में रोहिणी नक्षत्र में अवतरित हुए । श्री कृष्ण के जन्म के वक्त महामाया भी जन्मी थी । काली घनघोर रात के बीच, भारी बरसात और तूफान में कृष्ण का जन्म हुआ ।

Shri krishna leela श्रीकृष्ण के गुरू

श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा, ये तीनों एक ही गुरूकुल में साथ शिक्षा लेते रहे और इनके गुरू महान ऋषि संदीपाणी भगवान हुए । जब शिक्षा पूरी हो गई तो श्रीकृष्ण ने गुरू दक्षणा के तौर पर महर्षि के अपहरण किए हुए पुत्र को वापस किया जिसे बचपन में शंखसुर नामक राक्षस उठाकर ले गया था । 

श्रीकृष्ण की पत्नियाँ – 16108

यूं तो सारा जगत ही श्रीकृष्ण की भार्या अथवा पत्नियों से भरा हुआ है लेकिन प्रमुख तौर शास्त्रों में उनकी आठ पत्नियों का उल्लेख मिलता है, जिनके नाम हैं – रूकमणी, सत्यभामा, जाम्बवती, नागनजिति, कालिंदी, मित्रविंदा, भद्रा और लक्ष्मणा । श्रीकृष्ण ने कईं दिवयों को असुरों और राक्षसों के चुंगल से बचाया और सभी को अपनी भक्ति प्रदान की ।

इसके अलावा 16 हज़ार 100 रानियां भगवान की अद्भुत छठा पर मोहित हो गई और ये प्रण किया कि या तो वो कृष्ण से विवाह करेंगे या आत्मदाह करेंगी । उन सभी का सम्मान रखने के लिए कृष्ण भगवान ने सभी के प्राणों को जीवनदान दिया और सभी से विवाह करके उन सभी को भक्ति की पवित्र डोरी से बांध दिया ।

श्रीकृष्ण के 80 पुत्र

भगवान श्रीकृष्ण की प्रमुख तौर पर 8 पत्नियां मानी जाती हैं, जिन्हें अष्टाभार्या भी कहते हैं । हर रानी से उन्हें दस पुत्रों की प्राप्ति हुई – प्रद्ययुम्न, चारूदेष्ण, सुदेष्ण, चारूदेह, चरूगुप्त, भद्रचारू, चारुचंद्र, विचारू और चारू रुक्मिणी के पुत्र थे ।

साम्ब, सुमित्र, पुरुजित, शतजित, सहस्त्रजित, विजय, चित्रकेतु, वसुमान, द्रविड़ और क्रतु जाम्बवती के पुत्र थे ।

भानु, सुभानु, स्वरभानु, प्रभानु, भानुमान, चंद्रभानु, वृहद्भानु, अतिभानु, श्रीभानु और प्रतिभानु, सत्यभामा के पुत्र थे ।

श्रुत, कवि, वृष, वीर, सुबाहु, भद्र, शांति, दर्श, पूर्णमास और सोमक, कालिंदी के पुत्र थे ।

वहीं वृक, हर्ष, अनिल, गृध्र, वर्धन, अन्नाद, महांस, पावन, वह्नि और क्षुधि, मित्रविन्दा के पुत्र कहलाए ।

प्रघोष, गात्रवान, सिंह, बल, प्रबल, ऊध्र्वग, महाशक्ति, सह, ओज और अपराजित, लक्ष्मणा के गर्भ से जन्मे थे ।

वीर, चन्द्र, अश्वसेन, चित्रगुप्त, वेगवान, वृष, आम, शंकु, वसु और कुंति, सत्या के पुत्र कहलाए और संग्रामजित, वृहत्सेन, शूर, प्रहरण, अरिजित, जय, सुभद्र, वाम, आयु और सत्यक,भद्रा के पुत्र थे ।

Shri krishna leela भगवद्गीता किस-किसने सुनी ?

अर्जुन के अलावा भगवान हनुमान और सारथी संजय ने गीता को सुना था । रामभक्त हनुमान अर्जुन के रथ के ऊपर विराजमान थे और संजय को मुनि वेदव्यास ने दिव्यदृष्टि प्रदान की हुई थी जिसके कारण संजय गीता का श्रवण कर पाए । इसके अलावा कुछ शास्त्रों में ये भी कहा गया है कि घटोत्कच के पुत्र वीर बरबरीक ने भी ये कथा सुनी जो बाद में चलकर खाटूश्याम कहलाए ।

गांधारी का कृष्ण को श्राप

अपने 100 पुत्रों को खोने के बाद महारानी गांधारी के पास जब श्रीकृष्ण आते हैं तो गांधारी कृष्ण को श्राप देती है कि जिस तरह मेरे 100 पुत्रों का अंत होकर मेरे कुल का नाश हुआ उसी तरह यदुवंश का भी नाश हो जाएगा और उसी श्राप के अनुसार यदुवंश का समय समाप्त हुआ और कृष्ण ने अंत में समुद्र में समाधि ले ली । 

श्रीकृष्ण का प्रमुख शस्त्र

श्रीकृष्ण का मुख्य शस्त्र उनका सुदर्शन चक्र था, जो उन्हें भगवान परशुराम से मिला था । सुदर्शन चक्र का उल्लेख दो घटनाओं पर विशेष रूप से आता है । एक है – शिशुपाल वध और दूसरा जयद्रथ वध । 

श्री कृष्ण, अर्जुन और कर्ण में खास संबंध

पिछले जन्म में श्रीकृष्ण, अर्जुन और दानवीर कर्ण का विशेष संबंध था । पिछले जन्म में श्रीकृष्ण नारायण और अर्जुन नर नाम के दो जुड़वां भाई थे जो त्रेतायुग में दंभोद्धव दानव यानि कर्ण को मारने के लिए पैदा हुए थे । यह घटना त्रेतायुग के अंत के दौरान हुई थी । Shri krishna leela

श्रीकृष्ण का एकलव्य से संबंध

एकलव्य कृष्ण के चचेरे भाई थे । वह देवश्रव का पुत्र और वासुदेव के भतीजे थे जो जंगल में खो गए थे और बाद में हिरण्यधनु नामक एक निषाद द्धारा पाए गए थे । एकलव्य को भगवान श्रीकृष्ण ने रूकमणि के स्वंयवर के दौरान अपने पिता की रक्षा करते हुए युद्ध में मार दिया था । Shri krishna leela

कृष्ण का पांडवों से रिश्ता 

भगवान श्रीकृष्ण का संबंध पांडवों से उनकी माँ रानी कुंती के माध्यम से था । कुंती वासुदेव की बहन थी और इस नाते कुंती श्रीकृष्ण की बुआ थी और श्रीकृष्ण का उनसे भाई का संबंध था । 

इसी तरह की रोचक सनातन किस्सों के लिए हमारे ब्लॉग पढ़ते रहिए, राधे-राधे ।

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