Thyroid Treatment In Hindi

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Thyroid Treatment In Hindi
Thyroid Treatment In Hindi

Thyroid Treatment In Hindi थायराइड का जड़ से इलाज दोस्तों, थायराइड एक ऐसा रोग है, जो किसी को हो जाए तो कहते हैं कि जीवनभर ठीक नहीं होता और सारी ज़िंदगी इसके रोगी को दवा और परहेज़ के सहारे जीना पड़ता है । लेकिन हमारी मानें तो अगर आप आयुर्वेदिक उपचार पूरे सब्र से करवाएं, भोजन और खान-पान पर संयम रखें और परहेज़ करें तो 90 प्रतिशत थायराइड काबू में हो सकता है । ये सच है दोस्तों, क्योंकि थायराइड होने की वजह भी असंतुलित जीवनशैली है, इसलिए इसे ठीक भी उसी तरह किया जा सकता है । आज इस लेख में हम आपको थायराइड ठीक करने के कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे और थायराइड में जीवन शैली कैसी रखनी है उसके बारे में बताएंगे । लेख को आखरी तक पढ़ें ताकि आपको उचित जानकारी मिल सके ।

थायराइड है क्या ?

इंसान के शरीर में जब हार्मोन में असंतुलन आता है और पूरे शरीर की कोशिकाओं को कंट्रोल करने वाली ग्रंथि संतुलन से बाहर हो जाती है तो शरीर की कोशिकाओं में वृद्धि होने लगती है और जिस वजह से वजन घटना, दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना और घबराहट होने लगती है और अगर ये गंभीर हो जाए तो ये जान भी ले सकती है ।

क्या है थायराइड के कारण ?

  • तनाव लेना
  • सोया उत्पादों का इस्तेमाल
  • गर्भावस्था
  • पीढ़ी दर पीढ़ी समस्या (जेनेटिक)
  • असंतुलित जीवनशैली

क्या है थायराइड के लक्षण, कैसे पहचाने इसे ?

  • अचानक वजन का बढ़ना या घटना
  • थकान या कमज़ोरी महसूस होना
  • गले के आस-पास की त्वचा का काला होना
  • चिंता, घबराहट
  • दिल की धड़कन का अचानक बढ़ना
  • नींद न आना

कुछ आयुर्वेदिक उपाय 

  • शिग्रू पत्र, कांचनार और पुनर्नवा औषधि का काढ़ा बनाकर पिएं ।
  • जलकुंभी और अश्वगंधा को मिलाकर एक पेस्ट बनाएँ और गले की ऊपरी सतह पर लगाएं ।
  • 1 चम्मच अलसी का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लें ।
  • नारियल का तेल गले की सतह पर लगाएं और छोड़ दें । 

Thyroid Treatment In Hindi जड़ से खत्म करें थायराइड 

दोस्तो, थायराइड को जड़ से मिटाने के लिए आपको कुछ पदार्थों का सेवन रोज़ाना करना होगा लेकिन ये अपने डॉक्टर से पूछकर करें क्योंकि हर किसी का शरीर एक जैसा नहीं होता और थायराइड का असर भी शरीर पर निर्भर करता है तो पहले डॉक्टर से पूछ लें फिर करें ।

  • दूध और दूध से बनें उत्पाद खाएं, इससे आपको कैल्शियम, विटामिन प्रचुर मात्रा में मिलेगा । दही ज़रूर खाएं क्योंकि दही खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी यानी इम्युनिटी बढ़ेगी ।
  • दोस्तो, मुलेठी का इस्तेमाल अवश्य करें क्योंकि मुलेठी थायराइड ग्रंथि को एकदम कंट्रोल कर देती है और थकान भी नहीं होने देती । मुलेठी को चाहे आप मुंह में रखकर चलें या फिर भोजन में इसका इस्तेमाल करें और मुलेठी का पेस्ट भी इस्तेमाल कर सकते हैं । ये थायराइड को काफी हद तक कंट्रोल कर देता है ।

थायराइड के लिए सबसे बढ़िया दवा कौन सी है ?

ये तो निर्भर करता है कि थायराइड कौन सा है क्योंकि ये दो तरह का होता है – हापर थायराइड और हिपो थायराइड

हापर के रोगियों के लिए – कार्बीमाजोल या मैथीमाजोल की कैप्सूल उत्तम है ।

हिपो के रोगियों के लिए – थाइरोकसिन 10 से 200 माइक्रोग्राम की गोली दी जा सकती है ।

Thyroid Treatment In Hindi थायराइड का पक्का इलाज करने के लिए क्या करें ?

जितना हो सके, अश्वगंधा इस्तेमाल करें । ये थायराइड की असंतुलित हुई ग्रंथियों को संतुलित करता है । अश्वगंधा का सेवन ग्रंथियों को ठीक मात्रा में हॉर्मोन पैदा करने में सहायता करता है । इसके साथ ही शरीर में रोगों से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है । अश्वगंधा बाज़ार में गोली और पाउडर, दोनों रूपों में उपलब्ध हैं, आप इसे कैसे भी ले सकते हैं ।

थायराइड में क्या खाना चाहिए ?

  • दूध और दूध से बनी वस्तुएँ, जैसे पनीर, चीज़, मक्खन, दही आदि ।
  • दाल, राजमा, अंडा, मछली
  • बादाम, पिस्ता, मूंगफली
  • सफेद तिल, अलसी के बीज, सूरजमुखी और खरबूजे के बीज 
  • केला अवश्य खाएं

थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए ?

  • चावल बिल्कुल नहीं खाने हैं 
  • स्ट्रोबेरी, चीकू, कीवी 
  • गन्ना, कोलड्रिंक्स, केक
  • कूकी, दही, जंक फूड
  • पास्ता, मीठा, फलों का जूस
  • सब्जियों में बंद गोभी, फूल गोभी और ब्रोकली 

इसके अलावा रोज़ सुबह और शाम आधा-आधा घंटा घूमें, हल्की कसरत और व्यायाम करें । योग के आसन भी कर सकते हैं, जैसे – कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका । कभी-कभी लंबी दौड़ लगाएँ, इससे शरीर में शुगर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रैशर और हार्मोन कंट्रोल रहते हैं ।

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